Movie Review: फिल्म देखने से पहले पढ़ें जॉली एलएलबी 2 का रिव्यू

    0
    489

    न्यूज चक्र @ एन्टरटेनमेंट डेस्क

    यह फिल्म सिर्फ कोर्ट रूम की कहानी नहीं कहती है, बल्कि कोर्ट रूम के बाहर एक भ्रष्ट न्याय प्रणाली और पुलिस प्रशासन की कहानी भी दर्शाती है। जिसे रियल लाइफ में एक आम आदमी शायद समझ भी नहीं पाता है। इस भ्रष्ट न्याय प्रणाली और पुलिस प्रशासन की धोखाधड़ी की कहानी ही आपको इस फिल्म से बांधे रखेगी।

    ये कहानी है जगदीश्वर मिश्रा उर्फ जॉली (अक्षय कुमार) की, जो एक मुंशी का बेटा है। जॉली का सपना है कि वो देश का बड़ा वकील बने। पढ़ाई के बाद जॉली एलएलबी की डिग्री तो हासिल कर लेता है, लेकिन कोई भी उसे काबिल वकील नहीं समझता। जॉली चाहता था कि उसके पास अपना एक चेम्बर हो। लेकिन चेम्बर पाने के लिए उसे 12 लाख की मोटी रकम देनी है, जिसके लिए जॉली हर मुमकिन कोशिश करता है। इसी कोशिश में वो एक बार ऐसा काम कर देता है, जिससे उसकी और उसके पिता की इज्जत मिट्टी में मिल जाती है।

    अपनी और पिता की खोई इज्जत पाने के लिए जॉली ऐसा केस लड़ने के लिए तैयार रहता है, जिसे बाकी कोई भी लॉयर करना नहीं चाहता। फिल्म का स्क्रीन प्ले अच्छा है।  फिल्म की टीम द्वारा अच्छी रिसर्च की गई लगती  है।

    ऐसा लगता है कि यह फिल्म कई फिल्मों का मिश्रण है। फिल्म में कई मेन सीन्स को कट करके एक्शन सीन्स भरके फिल्म की थीम को इग्नोर कर दिया है। फिल्म का सेकेंड हॉफ ज्यादा अच्छा है, इसमें सभी एक्टर्स की एक्टिंग देखने को मिलती है।