मणिपुर की राज्यपाल नजमा पहुंचीं ख्वाजा के दर

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न्यूज चक्र @ अजमेर

हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर शुक्रवार को मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने हाजरी दी। उन्होंने दरगाह पहुंचकर सबसे पहले दरगाह की चौखट चूमी। उसके बाद मजारे ख्वाजा पर चादर और अकीदत के फूल पेश कर देश प्रदेश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
हेपतुल्ला को दरगाह जियारत दरगाह खादिम मुकदस मोइनी ने करवाई। साथ ही दरगाह का तबर्रूक भेंट कर दुपट्टा ओढ़ाया। दरगाह कमेटी ने भी हेपतुल्ला का स्वागत किया।
जियारत के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यपाल नजमा ने शहर के साथ दरगाह क्षेत्र में भी दुरुस्त सफाई व्यवस्था पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि दो साल पहले जब मैं अजमेर आई थी तब व्यवस्थाएं काफी बिगड़ी हुई थीं। आज सफाई व्यवस्था का माकूल इंतजाम है। इसके लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे धन्यवाद की पात्र हैं। मैं मुख्यमंत्री से मिलकर इस कार्य के लिए उनका शुक्रिया अदा करूंगी।
वहीं ख्वाजा की बारगाह में बसंत का गुलदस्ता पेश किया गया। यह रस्म हर साल दरगाह में मनाई जाती है। दरगाह के शाही कव्वालों द्बारा इस रस्म की अदायगी बरसों से चली आ रही है। बाहर का मौसम आने पर नई सरसों उगती है। इस नई सरसों को गुलदस्ते के रूप में मजारे ख्वाजा पर पेश कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की कामना की जाती है। बसंत पेश करने के दौरान अमीरो खुसरो के तराने गाए जाते हैं। इस मौके पर दरगाह के खादिम व जायरीन भी भारी संख्या में मौजूद रहे। इनमें दरगाह दीवान के पुत्र भी शामिल थे। गुलदस्ता ले जाते समय दरगाह दीवान के पुत्र और खादिम के बीच कुछ कहासुनी हो जाने से कुछ देर के लिए माहौल में तल्खी आ गई। बीच- बचाव कर मामला शांत कराया गया।