बजट 2017-18: कई बड़ी घोषणाओं से देश में अहम बदलावों की उम्मीद

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न्यूज चक्र@ नई दिल्ली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2017 पेश करते हुए कैश ट्रांजेक्शन पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम उठाया। तीन लाख से ज्यादा के कैश लेनदेन पर सरकार ने रोक लगा दिया है । इसके अलावा सरकार ने राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता लाते हुए 2000 से ज्यादा के चंदे का हिसाब देना अनिवार्य कर दिया है। एक व्यक्ति अधिकतम 2000 रुपए ही कैश में बतौर राजनीतिक चंदा दे सकता है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में ऐतिहासिक बजट पेश किया । उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि उनके द्वारा तैयार बजट का मकसद ग्रामीण इलाकों, इंफ्रास्ट्रक्चर और गरीबी उन्मूलन की दिशा में ज्यादा पैसे का प्रावधान करना है।

वित्त मंत्री ने नोटबंदी को आर्थिक सुधार की दिशा में बड़ा और साहसिक कदम बताया और कहा कि हम अब अनौपचारिक अर्थव्यवस्था से औपचारिक अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य पांच साल में किसानों की आय दोगुना करने का है। किसानों के कर्ज के लिये दस लाख करोड़ का लक्ष्य रखा गया है।

जेटली ने कहा, इस बजट में बेघरों के लिए साल 2019 तक एक करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सरकार रोज़ 133 किमी सड़क बना रही है। बजट में प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के लिये 23 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि गांवों में स्वच्छता 42 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हुई।

important features of the budget—-

मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में मिली राहत

3 लाख तक आमदनी वालों को नहीं देना होगा टैक्स

50 लाख से 1 करोड़ तक की आय पर 10 प्रतिशत सरचार्ज
टैक्स में सालाना साढ़े 12 हजार रुपये का सबको फायदा
3 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नही लगेगा
टैक्स 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया
ढाई लाख से 5 लाख तक की आय पर 5 प्रतिशत टैक्स

धार्मिक डोनेशन पर टैक्स छूट घटी, 3 लाख रुपए से ऊपर कैश लेन-देन पर रोक लगी

राजनीतिक चंदे के लिए डोनर बांड जारी होंगे

—कैश में 2 हजार तक चंदा ही मान्य

—2 हजार से ज्यादा चंदे पर देना होगा हिसाब
—राजनीतिक चंदे पर सरकार का बड़ा फैसला
—राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता जरूरी

–सस्ते घरों की योजनाओं में बनेंगे बड़े घर

—कॉरपेट एरिया का दायरा बढ़ा

—सस्ते घरों की स्कीम जारी रहेगी
—बिल्ट अप एरिया कॉरपेट एरिया माना जाएगा
—टैक्स प्रस्तावों से मिडिल क्लास को मिलेगी राहत टैक्स चोरी से ईमानदार टैक्स देने वालों पर बोझ

नोटबंदी से लोगों को ज्यादा टैक्स दिखाना पड़ रहा है

नोटबंदी से 1.09 करोड़ खाते में 2 लाख से 80 लाख तक रुपए हुए जमा

उच्च शिक्षा के लिए यूजीसी में सुधार, कॉलेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय एजेंसी