चुनाव आयोग ने दिए केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश

0
491

न्यूज चक्र @ नई दिल्ली
जनता को कांग्रेस और भाजपा से पैसे लेकर आम आदमी पार्टी को वोट देने की सलाह देने वाले बयान पर पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के सीएम फंस गए हैं। चुनाव आयोग ने इस पर रविवार को केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही पोल अथॉरिटी को 31 जनवरी तक इसकी स्टेटस रिपोर्ट सबमिट करने को भी कहा है।
गौरतलब है कि 8 जनवरी को आम आदमी पार्टी के संयोजक के बयान को चुनाव आयोग ने मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन मानते हुए कड़ी फटकार लगाई थी। इसके कुछ दिन बाद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी को लिखे पत्र में कहा कि उनका बयान चुनाव में करप्शन रोकने के लिए था। उन्हें आगे भी ऐसा कहने की इजाजत दी जाए।
केजरीवाल का पत्र मुख्य चुनाव आयुुक्त के लिए अपमानजनक
केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त जैदी को 23 जनवरी को लिखे पत्र में कहा था कि मेरे बयान पर रोक लगाकर आयोग ने करप्शन को बढ़ावा देने का काम किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसे अपमानजनक माना।
आयोग ने इस संबंध में रविवार को कहा, ”केजरीवाल के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व एक्ट और आईपीसी की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होना चाहिए। दिल्ली के सीएम और गोव के इलेक्शन कैम्पेन में आप का चेहरा होने के नाते उनसे उम्मीद थी कि वे आचार संहिता का पालन करते। वे दूसरों के लिए रोल मॉडल हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कई बार केडिडेट्स से पैसे लेने के लिए उकसाने वाला बयान दिया।’’
केजरीवाल ने गोवा में क्या कहा था?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 8 जनवरी को गोवा में रैली के दौरान केजरीवाल ने कहा, ”अगर बीजेपी या कांग्रेस वाले पैसे देने आएं तो उन्हें मना मत करना, क्योंकि ये आपके ही पैसे हैं। अपना समझकर चुपचाप रख लेना। यही नहीं अगर वे पैसे ऑफर ना भी करें तो उनके ऑफिस जाइए और पैसे की मांग कीजिए। और जब वोट डालने की बारी आए तो उनके खिलाफ आप के केंडिडेट्स के लिए बटन दबाएं।’’
16 जनवरी को भी चुनाव आयोग ने केजरीवाल को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। तब उन्होंने कहा था, ”बीजेपी-कांग्रेस वाले पैसे बांटने आएंगे। महंगाई को देखते हुए आप लोगों को 5 हजार की बजाय 10 हजार के नए नोट मांगना चाहिएं और वोट सिर्फ आप को ही देना है।’’ चुनाव आयोग ने अधिकारियों से इन भाषणों की सीडी मांगी थी। साथ ही केजरीवाल को जवाब दाखिल करने के लिए ऑर्डर दिया था।
चुनाव आयोग मुझे बयान देने की इजाजत दें
केजरीवाल ने चुनाव आयोग से कहा था, ”आयोग मामले को रिव्यू करे और उन्हें फिर ऐसे बयान देने की इजाजत दे, ताकि जो वोटर्स को घूस देते हैं, उनकी पड़ताल हो सके। मैंने किसी को घूस लेने के लिए नहीं उकसाया।’’ उन्होंने लिखा, ”सभी आरोप झूठे हैं। सच यह है कि मैं रिश्वत पर लगाम कसने की कोशिश कर रहा हूं। पूरा देश जानता है कि आम आदमी पार्टी का जन्म ही भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से लड़ने के लिए हुआ। हमने प्रण किया है कि इसे बाहर निकालकर ही दम लेंगे।’’
उनका यह भी कहना है कि मैंने क्या गलत कहा? अगर मैं कहता कि वोट उसी पार्टी को दो, जिससे पैसे लिए तो यह रिश्वत कहलाती। मैंने तो ये कहा है कि ऐसे केंडिडेट्स को वोट मत दीजिए, जो पैसे देकर वोट हासिल करना चाहते हैं।
केजरीवाल का यह भी दावा है कि उनका बयान रिश्वतखोरी खत्म करेगा। जब पैसे बांटने वाली पार्टियों को इसके बाबजूद भी वोट नहीं मिलेंगे तो वो ऐसा करना बंद कर देंगी। दिल्ली में लोगों ने बीजेपी-कांग्रेस से पैसे लेकर आप को वोट दिया। अब वो ऐसा करने से पहले दो बार सोचेंगी कि पैसा तो बेकार गया।
रद्द हो सकती है पार्टी की मान्यता
चुनाव आयोग ने केजरीवाल को हिदायत देते हुए कहा था कि आप यह ध्यान रखें कि अगर आगे आचार संहिता का उल्लंघन जारी रखते हैं तो आपके और पार्टी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें आम आदमी पार्टी की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी शामिल है। आयोग ने आगे कहा था कि आगे से वे (केजरीवाल) चुनाव के दौरान अपने भाषण में संयम बरतें और आचार संहिता का उल्लंघन न करें। अगर ऐसा हुआ तो इलेक्शन सिबल्स (रिजर्वेशन एंड अलॉटमेंट) एक्ट, 1968 के पैरा-16 इ के तहत आयोग किसी पार्टी की मान्यता खत्म या सस्पेंड करने का अधिकार रखता है।