अब कायस्थ समाज में भी जगी राजनीतिक चेतना, भरी हुंकार

दो दिवसीय कायस्थ महापंचायत की समाप्ति के बाद पत्रकार वार्ता में देशभर से आए कायस्थ संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने जताया संकल्प। कहा-जो दल समाज के सदस्यों को हिस्सेदारी देगा, उसके लिए देशभर में झोंक देंगे ताकत। कर्इ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर ने समाज के बेरोजगार युवाओं के लिए दिए राहत के संकेत।

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न्यूज चक्र @ चित्तौड़गढ़
कायस्थ समाज को जो भी राजनीतिक दल अहम हिस्सेदारी देगा, देशभर में समाज उसी का समर्थन करेगा। यहां दो दिन तक हुई कायस्थ महापंचायत में यह निर्णय लिया गया है। श्री चित्रगुप्त  मंदिर में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में कायस्थ महापंचायत के संयोजक अनिल सक्सेना ने यह जानकारी दी। इस दो दिवसीय कायस्थ महापंचायत का आयोजन श्री चित्रगुप्त मंदिर में ही किया गया था। इसमें देशभर में सक्रिय कायस्थ संस्थाओं के राष्ट्रीय प्रतिनिधियों, राज्य प्रतिनिधियों और राजस्थान की स्थानीय सक्रिय कायस्थ संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत कर समाज के हित से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन किया।
पत्रकार वार्ता में कायस्थ विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेद राजीव सिन्हा ने कहा कि ब्रह्मा, शिव व इन्द्र के समान शक्तिशाली भगवान चित्रगुप्त के मंदिर के 26 वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्थान सहित देशभर में सक्रिय कायस्थ संस्थाएं एक मंच पर आईं। इन्होंने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर एक होने का मानस बनाया। इस चित्तौड़गढ़ कायस्थ महापंचायत की रणनीति के तहत अब देशभर में महापंचायत आयोजित करने का सिलसिला शुरू किया जाएगा। कायस्थ महापंचायत के राष्ट्रीय संयोजक अनिल सक्सेना ही होंगे।
सिन्हा ने आगे कहा इतिहास गवाह है कि मुगलों के शासनकाल में हम मुस्लिम नहीं बने, ना ही ब्रिटिश शासन काल में ईसाई। इसके विपरीत स्वामी विवेकानंद ने राष्ट्रीय चेतना का शंख फूंका, तो नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, लाल बहादुर शास्त्री आदि ने स्वतंत्रता की मशाल जलाकर देश को कुछ देने का ही प्रयास किया। इसके बाद स्वतंत्र भारत में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने एक अलग ही अलख जगाई। इसका प्रभाव आज भी बरकरार है। अब हम सब भी मिलकर, मतभेद भुलाकर, कायस्थ महापंचायत के जरिये देशभर में अलख जगाने का कार्य करेंगे।
कायस्थ महापंचायत के संयोजक अनिल सक्सेना ने कहा कि कायस्थ समाज को आवश्यकता है कि हम सभी एक मंच पर आएं, समाज को राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में ताकतवर बनाएं। हमें खुशी है कि राजस्थान सहित पूरे देश की सक्रिय कायस्थ संस्थाएं एक मंच पर आ गई हैं। राजस्थान के कायस्थ समाज में एक क्रांति आई है। सभी कायस्थ प्रतिनिधि मतभेदों को भुलाकर एक निर्णय पर पहुंचे हैं।
श्री चित्रगुप्त सभा के संरक्षक डॉ.एमबी बक्षी ने बताया कि हमने विभिन्न दौर की बैठकों के माध्यम से राजनीतिक सहभगागिता बढ़ाने और सामाजिक स्तर पर मजबूत होने के लिए एक रणनीति तैयार कर ली है।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा पारिया गुट के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप माथुर ने बताया कि कायस्थ समाज के बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार एवं स्वरोजगार देने के लिए एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के श्रीवास्तव गुट के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष गौरी शंकर भटनागर ने बताया कि हम सब मतभेद भुलाकर दहेज रहित विवाह का आयोजन कर रहे हैं। कोटा कायस्थ महासमिति के अध्यक्ष सुधीर माथुर और संरक्षक किशोर माथुर ने बताया कि हम जो भी कार्यक्रम करेंगे, उसमें मंच व्यवस्था खत्म कर सभी को एक समान सम्मान देंगे।
कायस्थ जनरल सभा के प्रदेश अध्यक्ष यूबी श्रीवास्तव ने कायस्थ महापंचायत के जरिये ऐसा प्रयास करने की बात कही, जिसका लाभ अंतिम कायस्थ तक पहुंचे। राजस्थान कायस्थ महासभा के संभागीय अध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव के अनुसार कायस्थ समाज उपजाति बंधन खत्म करने के लिए संकल्पबद्ध है। हम सभी 12 भाई एक होकर कार्य करेंगे। आयोजन में बूंदी से  श्री चित्रगुप्त कायस्थ महासभा के संरक्षक दयास्वरूप भटनागर व संगठन मंत्री वेद प्रकाश सक्सेना सहित गिरिश भटनागर व अंशुल माथुर ने भी शिरकत की ।