बूंदी अभयारण्य क्षेत्र से मुक्त, विकास की राहें खुलीं: वसुंधरा राजे

मुख्यमंत्री ने लाखेरी के पापड़ी गांव में 210 करोड़ के 56 कार्यों के शिलान्यास व 108 करोड़ की लागत के दर्जन भर विकास कार्यों का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को किया संबोधित,जिले को दी 300 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

0
540

न्यूज चक्र @ बूदी
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने दावा किया कि उनकी सरकार ने तीन साल में जनता से किए हुए ज्यादातर वादे पूरे कर दिए हैं। इतने कम समय में, इतना कुछ जनता के साथ से ही संभव हुआ है। जनता का विश्वास ही हमारा सम्बल बना है। जनता की यह सरकार आगे के दो सालों में भी जनसेवा के प्रति समर्पण के साथ कार्य करते हुए प्रदेश को अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इसी के साथ उन्होंने बूंदी शहर को अभयारण्य से मुुक्त किए जाने के नोटिफिकेशन की अटकलबाजियों पर भी मुहर लगा दी।
राजे रविवार को लाखेरी के पापड़ी गांव में 210 करोड़ के 56 कार्यों के शिलान्यास व 108 करोड़ की लागत के दर्जन भर विकास कार्यों का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को सम्बोधित कर रहीं थीं। बहुप्रतीक्षित गैंता-माखीदा पुल के शिलान्यास पर उन्होंने कहा कि इस कार्य के पूरा होने पर बड़ा फायदा होगा। आवागमन सुलभ होने के साथ ही विकास ही नई राहें खुलेंगी। इस क्षेत्र में चाकन बांध से पेयजल परियोजना के बारे में भी विचार कर यथोचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बरसों से अटके हुए कार्यों को गम्भीरता व संवेदनशीलता से हाथ में लेते हुए विकास को गति प्रदान की है। इनमें एक बड़ा कार्य बूंदी को अभयारण्य क्षेत्र से मुक्त करना भी है। इससे अब लोग अपनी जमीन के हकदार हो गए हैं। बूंदी के विकास की राहें खुल गई हैं। रीको को आरक्षित जमीन का कब्जा दिया गया है। आगामी बजट में भी प्रदेश के विकास के लिए किसी तरह की कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
राजे ने राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भामाशाह योजना महिला सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नयन का जीता जागता प्रमाण बन रही है। इस योजना से बैंकों में साढे़ पांच हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से गरीबों को भी इलाज की कैशलेस सुविधा के साथ अच्छे अस्पतालों में उपचार सुलभ हुआ है। अन्नपूर्णा रसोई से गरीबों को पांच रुपए में नाश्ता व 8 रुपए में भोजन की सुविधा दी गई है। पहले चरण में 12 में जिलों में यह योजना शुरू की जाएगी। यह योजना शीघ्र ही पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी, ताकि किसी को भी भूखा नहीं सोना पड़े। उन्होंने कहा कि राशन वितरण में पारदर्शिता लाकर सरकार ने गरीब के हक का राशन सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री ने अपील की कि इस व्यवस्था में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी मिले तो आप तस्वीर भिजवाएं, तुरंत कार्यवाही की जाएगी।
इसी के साथ इस अवसर पर मुख्यमंंत्री ने दर्जनों कार्यों के शिलान्यास करने के साथ लोकार्पण की शिला पट्टिकाओं का मंच से ही डिजिटल प्रक्रिया के द्वारा अनावरण किया।
होनहार छात्राओं को सौंपी स्कूटी की चाबियां
समारोह में मुख्यमंत्री ने माडा योजना के अन्तर्गत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाली 5 छात्राओं को स्कूटी की चाबियां सौंपी। इसी योजना में महाविद्यालय में नियमित अध्ययनरत एक छात्रा को 20 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का चैक भी प्रदान किया गया।
हाईवे निर्माण में राजस्थान देश में नम्बर वन
इस अवसर पर सार्वजनिक निर्माण एवं परिवहन मंत्री युनूस खान ने कहा कि हाईवे निर्माण के क्षेत्र में राजस्थान पूरे देश में नम्बर वन है। उन्होंने कहा कि आने वाले दो सालों में राजस्थान में 21 हजार किलोमीटर नई सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा ने कहा कि गेंता माखीदा पुल निर्माण से आमजन को बड़ा फायदा मिलेगा। सभी लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बूंदी विकास की राह पर दौड़ रहा है। सुराज के वायदे को पूरा कर जनता में विश्वास कायम रखा है। उन्होंने इस अवसर पर चाकन डेम से पेयजल परियोजना की भी बात रखी।
कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला ने कहा कि 2007 में रखी गई इस पुल के निर्माण की नींव सरकार के अथक प्रयासों से अब पूर्ण हुई है। पुल निर्माण का लाभ कोटा-बूंदी जिले के लोगों को मिलेगा। उन्होंने केशवरायपाटन क्षेत्र के गांवो में फ्लारोइड की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि चाकन पेयजल परियोजना के जरिये इस समस्या से निजात मिल सकेगी। बूंदी विधायक अशोक डोगरा ने कहा कि बरसों से गेंता-माखीदा पुल के निर्माण की बांट जोह रही जनता की आस अब पूरी हुई है।

सुलभ आवागमन से विकास पथ खोलेगा गैंता-माखीदा पुल
मुख्यमंत्री ने अपने इस दौरे में केशरायपाटन क्षेत्र में चम्बल पर माखीदा से कोटा के गैंता तक बनने वाले उच्चस्तरीय पुल का शिलान्यास भी किया। यह परियोजना कोटा व बून्दी के इन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी। इस पुल के निर्माण से सवाईमाधोपुर व लाखेरी की तरफ से इटावा, बारां, झालावाड़, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) की ओर जाने के लिए लगभग 70 किमी दूरी कम हो जाएगी। बूंदी जिले के लाखेरी, लबान, रामगंज, प्रतापगढ़, भरवली, खाकटा, सुमेरगंजमंडी आदि क्षेत्रों को बड़ा फायदा होगा। लाखेरी क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों को निर्बाध आवागमन मिलेगा।
एक दर्जन परियोजनाओं का किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री राजे ने इस दौरान जिले में नवनिर्मित एक अरब से अधिक लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। ऑन लाइन किए गए इन लोकार्पणों में मॉडल स्कूल बरुंधन के भूमि तल (280 लाख रुपए), मॉडल स्कूल हिडौली प्रथम तल (268.25 लाख रुपए), मॉडल स्कूल नैनवां प्रथम तल (271.13 लाख रुपए), देवनारायण आवासीय कन्या विद्यालय हिण्डौली (967.00 लाख रुपए) का लोकार्पण शामिल रहा। इनके अलावा तहसील भवन तालेड़ा (175 लाख रुपए), 33/ 11 केवी सब स्टेशन फूलेता (123.90 लाख रुपए), 33/11 केवी सब स्टेशन देवपुरा (275 लाख रुपए), 33/11 केवी सब स्टेशन अरनेठा (182 लाख रुपए), रिपेयर रेस्टोरेशन एण्ड रिनोवेशन ऑफ बन्सोली लघु सिचाई परियोजना (552.02 लाख रुपए), चम्बल बूंद पेयजल परियोजना 7437 उप तहसील भवन दबलाना (175 लाख रुपए), उपतहसील भवन लाखेरी (175 लाख रुपए) के विकास कार्यों को भी जनता को समर्पित किया।
इन कार्यों का किया शिलान्यास
वसुंधरा ने माखीदा से गैंता राज्य राजमार्ग संख्या 1ए पर उच्च स्तरीय ब्रिज निर्माण कार्य लागत 12000 लाख, 1584.00 लाख लागत वाली क्लस्टर डिस्ट्रीब्यूशन चम्बल-बून्दी पेयजल परियोजना, 250 लाख रुपए प्रति कार्य लागत वाले 6 नगरीय गौरव पथ तथा 2400 लाख रुपए लागत के 40 ग्रामीण गौरव पथ निर्माण, 1451.52 लाख रुपए की लागत के पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 12 के निर्माण के बाद छूटे हुए भाग बून्दी बाईपास के सुदृढ़ीकरण व नवीनीकरण, पुनर्गठित ग्रामीण पेयजल योजना डाबी 493.20 लाख रुपए व हिण्डोली 648 लाख रुपए, 431.376 लाख रुपए की लागत के रामगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की दक्षिणी सीमा दीवार निर्माण कार्य, इसी से सम्बद्ध 174.425 लाख रुपए की लागत से धनेश्वर की राजस्व भूमि की सुरक्षा दीवार, इन्द्रगढ़ के जयनिवास में 150 लाख रुपए, लागत के 33/11 केवी जीएसएस, बालापुरा में 120 लाख रुपए लागत के 33/11 केवी सब स्टेशन व 100 लाख रुपए लागत से बनने वाले जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया।

मंच से उतर लोगों के बीच पहुंचीं मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री राजे अपना संबोधन पूरा करने के बाद मंच से उतर कर सीधे जनता के बीच जा पहुंचीं। यहां वे आत्मीयता से लोगों से मिलीं और उनसे सम्वाद किया। इस मौके पर उन्हें महिलाओं ने चुनरी ओेढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस दौरान महिलाओं में मुख्यमंत्री से हाथ मिलाने के लिए होड़ मची रही।
खडे होकर किया सीएम का अभिवादन
मुख्यमंत्री के सभा में पहुंचने पर वहां मौजूद हजारों की संख्या में महिला- पुरुषों ने खड़े कर होकर उनका अभिवादन किय। राजे की झलक पाने के लिए लोगों में भारी उत्साह दिखा।
ये भी रहे मौजूद
समारोह में राज्यसभा सांसद एवं मुख्य सचेतक नारायण पंचारिया, सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष गोपाल पचेरवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महिपत सिंह हाड़ा, जिला प्रभारी सचिव नरेशपाल गंगवार, जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि तथा प्रशासन व पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।