आर्य समाज का यज्ञ: ऑड-ईवन से नहीं, यज्ञ से दूर होगा प्रदूषण

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न्यूज चक्र @ कोटा
हवन-यज्ञ से ही सभी प्रकार के प्रदूषण से मुक्ति मिल सकती है। अनुसंधानों से यह सिद्ध हो चुका है कि एक बार हवन करने से 8 किलोमीटर दूर तक की वायु शुद्ध हो जाती है। आर्य समाज कुन्हाड़ी की ओर से गुरुवार को आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा एवं यजुर्वेद पारायण महायज्ञ के दौरान पं. शिवदत्त आर्य ने यह बात कही। वे यज्ञ की महिमा और प्रदूषण मुक्ति के बारे में बता रहे थे।
पं. आर्य ने कहा कि कुन्हाड़ी समेत देशभर में प्रदूषण का स्तर उच्चतम स्तर पर है। इससे मुक्ति के लिए ऑड-ईवन जैसे फॉर्मूले लागू किए जा रहे हैं। जबकि प्रदूषण मुक्ति के लिए यज्ञ सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। व्यक्ति जीवनभर अपने भौतिक कार्यकलापों से प्रदूषण तो फैलाता है, मगर अपने हिस्से के प्रदूषण को दूर करने का कोई उपाय नहीं करता है। प्रतिदिन गाय के घी की यज्ञ में 16 आहुतियां देकर अपने इस ऋण से मुक्ति पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि हवन के द्बारा ओजोन परत को सिर्फ बचा ही नहीं सकते हैं, बल्कि बना भी सकते हैं। हवन में बोले जाने वाले मंत्रों का मन व आत्मा पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। इनसे मानसिक, आत्मिक पवित्रता व शांति मिलती है।

पं.दिनेशदत्त आर्य ने मानव की उन्नति में सदाचार का महत्व बताते हुए कहा कि आचरण की श्रेष्ठता से ही मानव जीवन सफल हो सकता है। उन्होंने भगवान श्रीराम के पुरुषोत्तम होने के गुणों का वर्णन करते हुए कहा कि बच्चों में संस्कारों का निर्माण ही देश के भविष्य को सुरक्षित करेगा। इस दौरान प्रधान पीसी मित्तल, मंत्री डीएन आर्य, कोषाध्यक्ष भीमराज महावर, डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता व तलवण्डी आर्य समाज के प्रधान आरसी आर्य भी मौजूद रहे।