देर शाम पंजाब पहुंची सद्भावना यात्रा

जयहिन्द के जोरदार नारों के साथ हुआ शानदार स्वागत

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न्यूज चक्र @ पश्चिमी सीमा से

31 दिसम्बर को सद्भावना यात्रा के रूप में रवाना हुआ  बाड़मेर के दस युवाओं का दल गुजरात के बाद बुधवार को राजस्थान की अंतिम सीमा चौकी हिंदुमल कोट पहुंच गया ।  भारत और पाकिस्तान के बीच अमन और भाईचारे के सबसे बड़े गढ़ के रूप में विख्यात रेलवे स्टेशन हिंदुमल कोट में यात्रा के पहुंचने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के दल ने जिला आईईसी मैनेजर विनोद विश्नोई की अगुवाई में दल का गर्म जोशी से स्वागत किया।

दल के अगुवा मदन बारूपाल और अशोक राजपुरोहित ने सद्भावना यात्रा के अब तक के सफर और अनुभवों को सांझा करते हुए बेटी बचाओ अभियान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में नारी को वेदों के समय से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है, लेकिन महिलाओं को उस खोए हुए सम्मान की प्राप्ति के लिए पुनः संघर्ष करना होगा। बारूपाल ने हिंदुमल कोट में सीमा सुरक्षा बल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि देश में छोटी बच्चियों को सशक्त करने के साथ-साथ समाज में लड़कियों की  गिरती संख्या के अनुपात के मुद्दे को बताने के लिए उद्देश्यपूर्णं ढंग से एक राष्ट्रव्यापी योजना की शुरुआत हुई, जिसका नाम ‘ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ है। हरियाणा के पानीपत में 22 जनवरी 2015 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने इस योजना का शुभारम्भ किया।  लोगों की विचारधारा में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ ही यह योजना भारतीय समाज में लड़कियों की महत्ता की ओर भी इंगित करता है।

इससे पहले सीमा सुरक्षा बल के अतिरिक्त महानिदेशक सेवानिवृत एमएल बाथम की अगुवाई में कोटेश्वरम से प्रारंभ हुई सद्भावना यात्रा ने राजस्थान में सीमा सुरक्षा बल सेक्टर की  विभिन्न सीमा चौकियों का अवलोकन किया। सद्भावना यात्रा का आयोजन केयर्न इंडिया, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, धारा संस्थान, नेहरू युवा केन्द्र, स्वच्छ भारत मिशन, चिकित्सा विभाग, महिला मंडल बाड़मेर आगोर, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परिवहन विभाग सहित विभिन्न संस्थानों के सहयोग से किया जा रहा है। सीमा सुरक्षा बल के सेवानिवृत अतिरिक्त महानिदेशक एमएल बाथम की अगुवाई में निकाली जा रही सद्भावना यात्रा में सहायक जनसम्पर्क अधिकारी मदन बारूपाल, आईईसी कसंलटेंट सीसीडीयू अशोक राजपुरोहित, विजय कुमार, जसवंतसिह, प्रवीण बोथरा, दीपक जैलिया, ठाकराराम मेघवाल, पप्पू कुमार बृजवाल, मोहन बृजवाल व मगा पर्वत शामिल हैं। सदभा    इसके सदस्यों ने सीमा पर तैनात जवानों की कार्यशैली के बारे में भी जानकारी लेने के साथ ग्रामीण इलाकों में बेटी बचाओ, सम्पूर्ण स्वच्छता व जल संरक्षण अभियान को लेकर जागरूक किया। आईईसी मैनेजर विनोद विश्नोई की अगुवाई में दल का गर्म जोशी से स्वागत किया गया।

दल के अगुवा मदन बारूपाल और अशोक राजपुरोहित ने सद्भावना यात्रा के अब तक के सफर और अनुभवों को साझा करते हुए बेटी बचाओ अभियान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में नारी को वेदों के समय से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है, लेकिन महिलाओं को उस खोए हुए सम्मान की प्राप्ति के लिए पुनः संघर्ष करना होगा। बारूपाल ने हिंदुमल कोट में सीमा सुरक्षा बल प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि देश में छोटी बच्चियों को सशक्त करने के साथ-साथ समाज में लड़कियों की  गिरती संख्या के अनुपात के मुद्दे को बताने के लिये एक उद्देश्यपूर्णं ढंग से एक राष्ट्रव्यापी योजना की शुरुआत हुई , जिसका नाम बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ है।

बेटी बचाओ का संदेश लेकर सतराणा पहुंची सद्भावना यात्रा

इससे पूर्व  सरहद पर शांति एवं भाईचारे का संदेश  लेकर निकाली जा रही सद्भावना यात्रा सुबह सतराणा पहुंची। इस यात्रा में शामिल सदस्यों ने एक दिन पूर्व तनोटराय मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश में अमन- चैन और भाईचारे की दुआ मांगी थी । साथ ही सीमा चौकियों का जायजा ले उनके महत्व को जाना था।  इसके बाद यात्रा नाचना , बीकानेर, विज्जु और घड़साना होते हुए सतराणा पहुंची। यहां सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ अपनी यात्रा के अनुभवों को सांझा किया।

 

पाकिस्तान से सटी इस अन्तरराष्ट्रीय सीमा सतराणा में सीमा  सुरक्षा बल के जवानों से रूबरू हो 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय सेना के गौरवमय कारनामों को विस्तार से जाना। साथ ही फिल्म के जरिये जवानों को बेटी बचाओ का संदेश भी दिया।