भीम के सहारे पीएम मोदी का यूपी की सियासत पर निशाना!

0
590

न्यूज चक्र @ नई दिल्ली

अभी तक जय भीम के नारे पर बहुजन समाज पार्टी अपना एकाधिकार समझती थी। पर लगता है कि अब उसमें सेंध लगने की तैयारी हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को BHIM नाम से एक मोबाइल APP जारी किया। जिसके जरिए छोटे दुकानदार, किराना व्यवसायी और व्यापारी अपना लेन-देन डिजिटल तरीके से कर सकेंगे। वैसे तो BHIM का शाब्दिक अर्थ Bharat Interface for Money है। पर प्रधानमंत्री ने साफ किया कि इस APP का नाम संविधान के निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नाम पर ही रखा गया है।

बाबा साहेब अंबेडकर की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब तक सारा कारोबार नोट के जरिए होता था, लेकिन आने वाले दिनों में वो सब BHIM APP  के जरिए ही चलेगा। पीएम ने ये भी कहा कि दो हफ्ते के भीतर ऐसी तकनीक जारी की जाएगी, जिसके जरिए लोगों को ना तो इंटरनेट की जरूरत होगी और ना ही मोबाइल का। सिर्फ अपने अंगूठे के जरिए इसका उपयोग किया जा सकेगा। यानी इस APP को आधार कार्ड के जोड दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश का चुनाव सामने है। 2017 में यूं तो पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सबसे बड़ा चुनाव उत्तर प्रदेश का है। जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। 14 साल से उत्तर प्रदेश में राजनीतिक वनवास झेल रही बीजेपी को इस बार उम्मीद है कि मोदी नाम के सहारे वो ये चुनावी वैतरणी पार कर जाएगी। जाहिर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी ये चुनाव बेहद अहम है। समाजवादी पार्टी यूं तो सूबे की सत्ता पर काबिज है, लेकिन जिस तरह से समाजवादी परिवार में ही कलह मचा हुआ है, उसे देखते हुए साफ लग रहा है कि बीजेपी का मुख्य मुकाबला बहुजन समाज पार्टी से ही होगा। बहुजन समाज पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसका दलित वोट बैंक है। जिसकी संख्या बीस फीसदी से ज्यादा है। दलित वोट बैंक को लुभाने के लिए बीजेपी ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

केंद्र सरकार ने दिल्ली में अंबेडकर स्मारक बनाने का काम शुरू किया है, इसके अलावा कई परियोजनाओं की शुरुआत बाबा साहेब अंबेडकर के नाम पर की गई है। यहां तक कि डिजिटल धन मेले जिसके पहले ड्रा के विजेताओं को शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद पुरस्कार दिया, उसका मेगा ड्रा भी अगले साल अप्रैल में 14 अप्रैल यानी बाबा साहेब अंबेडकर के जन्मदिवस के दिन होगा। बीजेपी ने हाल ही में अनुसूचित जाति मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, किसान मोर्चा के नए अध्यक्षों का ऐलान किया, इन पदों पर बैठने वाले नेता भी उत्तर प्रदेश से ही संबंध रखते हैं।

अब इस एप के पीछे की कहानी भी जान लीजिए। नोटबंदी के बाद कई लोगों ने इस बात पर भी विरोध किया कि जिन लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं है, या जहां इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, वो कैसे डिजिटल पेमेंट करेंगे। महज 3 हफ्ते पहले इस APP को बनाने की कार्य योजना पर काम शुरू हुआ। करीब 35 लोगों की एक टीम बनी। एक ऐसी APP पर काम शुरू हो गया, जो मोबाइल और इंटरनेट के बिना भी काम कर सके। देश में करीब 100 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है। इसी को ध्यान में रखते हुए आधार कार्ड से जोड़कर इस APP को डिजाइन करने पर काम शुरू हुआ। यही कारण है कि पीएम मोदी ने ऐलान किया है कि जल्द ही BHI APP के लिए सिर्फ अंगूठे की जरूरत पड़ेगी यानी उसे आधार कार्ड से जोड़ दिया जाएगा।

यही नहीं, सूत्रों का ये कहना है कि इस APP का नाम  BHIM रखने का सुझाव भी प्रधानमंत्री की ओर से ही आया। सूत्रों के मुताबिक इस APP के बारे में 30 से 35 नाम प्रधानमंत्री की टीम के पास भेजे गए थे। जिसमें BHIM नाम नहीं था, इसे खुद प्रधानमंत्री ने अपनी ओर से सामने रखा और इस तरह से इस APP का नाम बाबा साहेब अंबेडकर के नाम पर हो गया।