मन की बात में मोदी ने दिया क्रिसमस गिफ्ट, ई-पेमेंट पर पाएं इनाम

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न्यूज चक्र @ नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से इस साल आखिरी बार अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बात की। यह 27वीं बार था जब पीएम ने रेडियो के जरिए देश से मन की बात की। इससे पहले 27 नवंबर को पीएम नोटबंदी के बाद देश से पहली बार रूबरू हुए थे। पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी। नोटबंदी पर पीएम ने कहा कि ये पूर्ण विराम नहीं, ये तो शुरुआत है। ये जंग जीतना है। जिस बात पर सवा-सौ करोड़ लोगों का आशीर्वाद हो उसमें तो पीछे हटने का प्रश्न ही नहींI

लकी ग्राहक योजना और डीजीधन व्यापार योजना

महामना मदन मोहन मालवीय को जयंती पर याद करने और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को जन्मदिन की बधाई देने के बाद पीएम ने दो योजनाओं की सौगात देश को दी। उन्होंने बताया कि क्रिसमस के दिन दो योजनाओं का लाभ मिलने जा रहा है। ग्राहकों के लिये ‘लकी ग्राहक योजना’ और व्यापारियों के लिये ‘डीजीधन व्यापार योजना’ शुरू हो रही है। क्रिसमस की सौगात के रूप में, पंद्रह हजार लोगों को ड्रॉ सिस्टम से इनाम मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत 15 हजार लोगों के खाते में एक-एक हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा और ये सिर्फ आज के लिए नहीं है। ये योजना आज से शुरू होकर 100 दिन तक चलने वाली है। हर दिन 15 हजार लोगों को एक-एक हजार रुपए का इनाम मिलेगा।

पीएम ने कहा कि डीजीधन व्यापार योजना में व्यापारी इस योजना से जुड़ें और अपना कारोबार भी कैशलैस बनाने के लिए ग्राहकों को भी जोड़ें। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यापारियों को इनाम दिए जाएंगे। व्यापारियों का अपना व्यापार भी चलेगा और ऊपर से इनाम का अवसर भी मिलेगा। ये योजना, समाज के सभी वर्गों, खासकर गरीब एवं निम्न मध्यम-वर्ग के लिए बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि मुझे जानकर खुशी होती है कि देश में ई-पेमेंट कैसे करना है, ऑनलाइन पेमेंट कैसे करना है, इसकी जागरुकता बहुत तेजी से बढ़ रही है। कैशलैस कारोबार 200 से 300 फीसदी बढ़ा है। जो व्यापारी डिजिटल लेन-देन करेंगे ऐसे व्यापारियों को इनकम टैक्स में छूट दे दी गई है।

कई संगठनों ने किसानों में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सफल प्रयोग किये। GNFC ने 1000 POS मशीन खाद बाजार में लगाए हैं। कुछ ही दिनों में 35 हजार किसानों को 5 लाख खाद के बोरे डिजिटल पेमेंट से किये। GNFC की खाद की बिक्री में 27% बढ़ोतरी हुई। अर्थव्यवस्था में अनौपचारिक क्षेत्र बहुत बड़ा है, इन लोगों को मजदूरी का पैसा नगद में दिया जाता है, उसके कारण मजदूरों का शोषण होता है।

नौजवानों ने स्टार्टअप से काफी प्रगति की है लेकिन देश को काले धन, भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के अभियान में पूरी ताकत से जुड़ना चाहिए।

बेनामी संपत्ति का कानून

बेईमानी और भ्रष्टाचार के काले कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाना जारी रखने का संकल्प व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार पर बेनामी संपत्ति से जुड़े कानून को कई दशकों तक ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने बेनामी संपत्ति कानून को धारदार बनाया है और आने वाले दिनों में यह कानून अपना काम करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको मालूम होगा हमारे देश में बेनामी संपत्ति का एक कानून है। 1988 में बना था, लेकिन कभी भी न उसके नियम बनें, उसको अधिसूचित नहीं किया। ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। हमने उसको निकाला है और बड़ा धारदार बेनामी संपत्ति का कानून हमने बनाया है। आने वाले दिनों में वो कानून भी अपना काम करेगा। देशहित के लिये, जनहित के लिये, जो भी करना पड़े, ये हमारी प्राथमिकता है।