ईको टूरिज्म केन्द्र के रूप में जल्द विकसित होगा भीमलत, काम शुरू

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बूंदी। पर्यटन स्थल भीमलत का दौरा कर ईको टूरिज्म के लिए हो रहे कार्य का जायजा लेते जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल।

 

 न्यूज चक्र @ बूंदी

समृद्ध ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासतों व कलात्मक बावड़ियों के लिए प्रसिद्ध पर्यटन नगरी बूंदी के प्रति देशी-विदेशी पर्यटकों को और आकर्षित करने के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भीमलत में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए यहां कार्य शुरू हो चुका है। जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने इसके लिए पहल करते हुए शनिवार को भीमलत का दौरा कर जायजा लिया। कलक्टर अन्य स्थलों पर भी ईको टूरिज्म शुरू करने पर काम कर रहे हैं। प्रथम चरण में ईको टूरिज्म विशेषज्ञ की मदद से इन क्षेत्रों का सर्वे करवा लिया गया है।

जिला कलक्टर ठकराल ने बताया कि समृद्ध वन सम्पदा से भरपूर जिले की दक्षिणी सीमा पर स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल भीमलत को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रथम चरण में यहां जल प्रपात के आसपास रेलिग, पर्यटकों के लिए बैंचेज व ईको ट्रेल बनाने का कार्य पूरा हो चुका है। अभयपुरा बांध में बर्ड वॉचिग के लिए वॉच टावर बनकर तैयार हो चुका है। इसके शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे।

भीमलत कुण्ड में स्नान पर लगेगी पाबंदी

जिला कलक्टर ठकराल ने भीमलत कुण्ड में डूबने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर वन विभाग के अधिकारियों को कुण्ड के चारों ओर रेलिग लगाकर लोगों को स्नान करने से रोकने के लिए कहा है। उन्होंने झरने के ऊपर भी रेलिग लगाने तथा प्लास्टिक पदार्थों पर पूर्ण पाबंदी के निर्देश भी दिए।

जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने भीमलत क्षेत्र के दौरे में शैलचित्रों व भीमलत नाले का भ्रमण भी किया। इस दौरान सहायक वन संरक्षक सतीश जैन, रेंजर रामेश्वर दयाल चंदोलिया, सदर थानाधिकारी अनीस अहमद, वन्य जीव प्रेमी विठ्ठल सनाढ्य व पूर्व मानद वन्य जीव प्रतिपालक पृथ्वी सिह राजावत भी साथ रहे।