मोती महल का प्रबंधक नहीं कर सकेगा नवल सागर झील से पानी की निकासी

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बूंदी। नवल सागर झील से पानी की निकासी के मसले पर सिटी कोतवाली में मोती महल के प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट देने पहुंचे सभापति महावीर मोदी व आयुक्त पंकज मंगल सहित पार्षद।

¸न्यूज चक्र @ बूंदी


शहर के नवल सागर तालाब से पानी निकासी को लेकर पिछले कई दिनों से जारी विवाद के संबंध में जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने शनिवार रात आवश्यक दिशा- निर्देश जारी कर दिए। इसके अनुसार अब मोती महल का प्रबंधक जय सिंह राठौर पानी की निकासी नहीं कर सकेगा। इसके बारे में निर्णय व कार्रवाई जलसंसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता ही कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार देर रात से इस मसले पर गर्माए माहौल की तपन शनिवार को भी दिनभर महसूस की जाती रही थी। अब देखना यही है कि मोती महल का प्रबंधक राठौर अभी भी अपनी मनमानी जारी रखेगा या जिला कलक्टर के आदेश की पालना करेगा।
नवल सागर तालाब में निरंतर पानी की आवक होने से जल स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए तालाब की भौतिक स्थिति के अनुसार जल स्तर बनाए रखने व पानी छोड़े जाने के संबंध में रिपोर्ट देने के लिए संयुक्त दल का गठन किया था। अतिरिक्त जिला कलक्टर रामजीवन मीणा ने संयुक्त दल के साथ इसके तहत नवल सागर तालाब का निरीक्षण कर कलक्टर को रिपोर्ट सौंपी। इसके आधार पर ठकराल ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार समिति की रिपोर्ट के अनुरूप नवल सागर तालाब में जल स्तर रखा जाए। इसमें से पानी की निकासी का निर्णय और उसके यथोचित संचालन की जिम्मेदारी अधिशाषी अभियंता जल संसाधन की होगी। जल निकासी के लिए तालाब के निकासी द्बारों (फाटकों) का ऑपरेशन समिति की अनुशंषा के अनुरूप किया होगा। अन्य कोई भी व्यक्ति फाटकों के ऑपरेशन में दखल अंदाजी नहीं करेगा।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए हैं कि समिति के सभी संबंधित अधिकारी समय-समय पर मौका मुआयना कर सीपेज आदि दिखने पर तत्काल सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्रवाही सुनिश्चित करेंगे। पानी की निकासी नाले के ढाबे की ओर से गेट ऑपरेट कर ही की जा सकेगी। रामबाग की फाटकों से किसी भी स्थिति में पानी की निकासी नहीं की जा सकेगी। साथ ही नाले के ढाबे की ओर से परिस्थित के अनुसार पानी की निकासी का ऑपरेशन जल संसाधन खण्ड बूंदी के अधिशाषी अभियंता द्बारा ही किया जा सकेगा। अन्य किसी पक्ष द्बारा पानी निकासी के संबंध में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकेगा।

नवल सागर झील से पानी की निकासी पर विवाद गर्माया, मोती महल प्रबंधक के खिलाफ पुलिस को दी रिपोर्ट

न्यूज चक्र @ बूंदी

पिछले कई दिनों से जारी नवल सागर झील से अवैध रूप से पानी की निकासी का विवाद और गर्मा गया। शुक्रवार देर रात वापस पानी की निकासी शुरू होने से आक्रोशित क्ष्ोत्रवासियों ने जिला कलक्टर के आवास पर धरना दिया। इसके बाद शनिवार को नगर परिषद के सभापति महावरी मोदी व आयुक्त पंकज मंगल सहित पार्षदों ने सिटी कोतवाली पहुंच कर झील से सटे हुए मोती महल के प्रबंध जयसिंह राठौर के खिलाफ रिपोर्ट दी।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राठौर झील के पानी की निकासी कर सार्वजनिक सरकारी सम्पत्ति यथा-जल, सड़कों व नालों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आगे कहा गया है कि राठौर झील के अवैध रूप से गेट खोल कर जो पानी निकाल रहे हैं, उससे शहरवासियों की दिनचर्या भी बुरी तहर प्रभावित हो रही है। सड़कों पर यह पानी भारी मात्रा में जमा हो जाता है। इससे उन्हें भी नुकसान पहुंच रहा है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। आमजन के साथ दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। यह जीवन के अधिकार का हनन है। कोतवाली रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे लोगों में पार्षद योगेन्द्र जैन, मनीष सिसोदिया, राजेश श्ोरगढ़िया,करण शंकर सैनी, संजय भूटानी, प्रेमशंकर जांगिड़,नाजमीन, रिंकू पठान, भंवर सिंह, पृथ्वी राज सिंह, अनिल शर्मा आदि भी शामिल थ्ो।

शुक्रवार रात कलक्टर आवास पर लोगों ने दिया था धरना

शुक्रवार देर रात नवल सागर झील से पानी की निकासी शुरू होने से सड़कों पर भारी मात्रा में पानी गया। इससे गुस्साए लोग रात करीब ग्यारह बजे बाद जिला कलक्टर के आवास पर जा पहुंचे। वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया था। बारह बजे बाद सभापति मोदी ने वहां पहुंच कर लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समा’ करवाया था। लोगों का कहना था कि मोती महल के प्रबंधक की मनमानी सहन शक्ति से बाहर हो गई है। जब अधिकारी प्रशासन को बता चुके हैं कि झील से पानी की निकासी आवश्यक नहीं है तो वह ऐसा क्यों कर रहा है।

प्रशासन ने नहीं दिया कोई आदेश

वहीं इस मसले पर मोती महल के प्रबंधक राठौर का यह पक्ष सामने आया है कि प्रशासन के साथ एक मीटिंग में रात नौ बजे बाद पानी की निकासी करने पर सहमति बनी थी। उसी के अनुसार वह पानी छोड़ते हैं। आजतक तो प्रशासन की ओर से उन्हे इसके विरोध में कोई लिखित पत्र नहीं दिया है।