घरों में न खाना बनाने की जगह न पीने के लिए साफ पानी, बारिश से हाल-बेहाल

बारां जिले के कई गांवों में भारी नुकसान, प्रशासन की मदद को तरस रहे ग्रामीण

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बारां। मामोनी गांव में भरे पानी के बीच अपने घर से चारपाई निकाल कर आराम करने के लिए किसी सुरक्षित जगह को ढूंढने की मशक्कत करता एक ग्रामीण।

फिरोज खान @ बारां

बारां। मामोनी गांव के एक घर में भरा हुआ पानी।
बारां। मामोनी गांव के एक घर में भरा हुआ पानी।

जिलेभर में लगातार जारी झमाझम बारिश से कई जगह बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। गांवों में ही नहीं घरों तक में दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। इसके चलते उनमें खाना बनाने तक की जगह नहीं बची है। पीने के लिए साफ पानी तक के लिए भी तरसना पड़ रहा है। परवन, पार्वती, कालीसिंध व अन्धेरी सहित सभी नदियां उफान पर हैं। तालाबों पर चादर चल रही है। सभी जगहों पर कमोबेश बेहद खस्ता हालात होने व आवागमन के मार्ग बंद होने से लोग पलायन भी नहीं कर पा रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटे कोटा सम्भाग में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इससे जिलेवासी और सहम गए हैं। वहीं हालातों से निपटने के लिए प्रशासन सभी आवश्यक तैयारियों का दावा कर रहा है।
शाहबाद उपखंड के समरानिया गांव में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ है। सभी मकानों में पानी भरा हुआ है। अन्य अधिकतर गांवों में भी ऐसे ही हालात हैं। शाहबाद के मुंडियर से मध्यप्रदेश जाने वाला रास्ता बंद है। फिर भी लोग जान खतरे में डाल कर नाले को पार कर रहे हैं। मगर प्रशासन का इस और ध्यान नहीं है। मामोनी तालाब के भी लबालब हो जाने से पानी गांव की ओर आ गया। जानकारी मिलने पर विकास अधिकारी सुधीर पाठक ने मौके पर पहुंच इस पानी की निकासी करवाई। मामोनी के मदन ओझा आदि ने गांव के बिगड़े हालात की जानकारी दी। इन सभी के घरों में पानी हुआ है। सारे सामान पानी में हैं। भारी नुकसान हो चुका है। इन्हें प्रशासन की मदद का इंतजार है। गत वर्ष भी भारी बारिश से इनका काफी नुकसान हुआ था। मदन राठौर,मालती चमार, मांगीलाल चमार, ज्ञानी चमार आदि की भी यही पीड़ा है। ज्ञानी तो केंसर से पीड़ित है। ये सभी लोग अपना घर होने के बावजूद बेघर से हो चुके हैं। मदन राठौर का आरोप है कि वह 9 अगस्त को तहसीलदार कैलाशचंद मीणा को हालात बताने गया था, मगर उन्होंने कोई तवज्जो नहीं दी। उल्टे उसे भाग जाने को कहा। उसका मकान भी पानी से घिरा हुआ है। अन्य लोगों का भी आरोप है कि तहसीलदार मीणा गरीब लोगों को संतोषप्रद जवाब नहीं देते हैं। इससे आमजन में रोष है। वहीं सीसवाली में भी लगातार बारिश के चलते नदी के किनारे की बस्ती के लोग चितित हैं।

उचित मुआवजा मिलेगा
एडीएम रामप्रसाद मीणा ने भारी बारिश से हुए नुकसान के संबंध में कहा कि सर्वे कराया जाएगा। जिनका भी नुकसान हुआ होगा, उन्हे उचित मुआवजा मिलेगा ।

मैंने नहीं की किसी से अभद्रता
तहसीलदार कैलाशचंद मीणा ने उन पर लगे आरोपों पर कहा कि कोई भी मेरे पास पानी से बिगड़े हालात की शिकायत लेकर नहीं आया। और ना ही मैंने किसी के साथ अभद्र व्यवहार किया।