बड़ी खबर: 2013 से पूर्व के खनिज पट्टाधारियों को राहत, जिला स्तर पर शीघ्र हो जाएगी ईसी जारी

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न्यूज चक्र @ बूंदी

9 सिम्तबर 2013 से पूर्व आवंटित अप्रधान खनिज पट्टाधारी 5 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल खनन पट्टों में मात्र अपने खनन पट्टे के लिए पृथक से जिला स्तरीय प्राधिकरण (डीईआईएए) के समक्ष फार्म-1 एम, प्रीफिजिबिलीटी रिपोर्ट तथा अनुमोदित खनन योजना प्रस्तुत कर अपने पृथक खनन पट्टे के लिए कार्यालय उपखंड अधिकारी, बून्दी मेम्बर सेक्रेटरी डीईआईएए, बून्दी को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें क्लस्टर बनाने की भी आवश्यकता नहीं है। इससे उन्हें जिला स्तर पर ही शीघ्र ईसी जारी की जा सकेगी। जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने यह जानकारी दी।
जिला कलक्टर ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, नई दिल्ली के 4 मई 2016 को जारी आदेश की पालना में 31 मई 2016 तक सक्षम प्राधिकरण से जिन अप्रधान खनिज पट्टाधारियों के द्बारा पर्यावरण स्वीकृति (ईसी) जारी नहीं कराई जा सकी, उनकी खानों में खनन गतिविधियों को बन्द करवा दिया गया था। पूर्व में वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार की 15 जनवरी 2016 की अधिसूचना के अनुसार अधिकांश खनन पट्टे क्लस्टर स्थिति में होने से ईसी के लिए उनके आवेदन राज्य स्तरीय कमेटी के समक्ष लम्बित थे। किन्तु वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार की एक जुलाई 2016 की अधिसूचना में यह प्रावधान दिया गया है कि 9 सिम्तबर 2013 को या उसके बाद आवंटित खनन पट्टों पर ही क्लस्टर की बाध्यता लागू होगी। उन्होंने बताया कि 9 सिम्तबर 2013 से पूर्व आवंटित अप्रधान खनिज पट्टाधारी 5 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल खनन पट्टों में मात्र अपने खनन पट्टे के लिए पृथक से जिला स्तरीय प्राधिकरण (डीईआईएए) के समक्ष फार्म-1 एम, प्रीफिजिबिलीटी रिपोर्ट तथा अनुमोदित खनन योजना प्रस्तुत कर बिना क्लस्टर बनाए अपने पृथक खनन पट्टे के लिए कार्यालय उपखंड अधिकारी, बून्दी मेम्बर सेक्रेटरी डीईआईएए, बून्दी को आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे उन्हें जिला स्तर पर शीघ्र ईसी जारी की जा सकेगी। इसके बाद वे खनन गतिविधियां प्रारम्भ कर सकेंगे। ईसी प्राप्त किए बिना कोई भी खनन पट्टाधारी खनन गतिविधियां आरम्भ नहीं कर सकेगा।