कोचिंग इंस्टीट्यूट शिक्षा की फैक्ट्री न बनें, काउंसलिंग करें,संस्कार युक्त शिक्षा दें

मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने 234 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण व शिलान्यास समारोह में दी कोचिंग इंस्टीट्यूट्स को कड़ी नसीहत

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news chakra-5news chakra-2न्यूज चक्र @ कोटा

मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने कोटा में कोचिग स्टूडेंट्स की बढ़ती खुदकुशी की घटनाओं पर कोचिग संस्थानों के संचालकों को हिदायत दी कि वे अपने संस्थानों को शिक्षा की फैक्ट्री न बनाएं। उनका कहना था कि सरकार ऐसे मामलों पर बहुत गंभीर है। कोचिग संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ-साथ उनकी काउंसलिग भी करें। जिससे बच्चों में पढ़ाई को लेकर किसी तरह का तनाव ना हो।
वसुंधरा शनिवार को नयापुरा स्थित उम्मेद सिंह स्टेडियम में आयोजित 119 करोड़ रुपए की योजनाओं के लोकार्पण व 115 करोड़ के कार्यों की आधारशिला समारोह को संबोधित कर रहीं थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा में पढ़ रहे बच्चे हमारे अपने हैं। उन्होंने कोचिग संचालकों व कोटावासियों का आह्वान किया कि वे इन बच्चों को प्यार और अपनत्व का माहौल दें। ये बच्चे ही देश का भविष्य हैं। यहां अध्ययन कर देश और दुनिया में हमारा नाम रोशन कर रहे हैं।

ढाई साल में पूरे किए 72 प्रतिशत वायदे, शहरों में लगेंगे पट्टा नियमन शिविर

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। हमने जनता से जो वायदे किये थे, उनमें से 72 प्रतिशत वायदे सिर्फ ढाई साल में पूरे कर दिए तथा शेष कार्य भी प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों की बस्तियों में पट्टों के नियमन के लिए शीघ्र ही शिविर आयोजित किए जाएंगे। न्याय आपके द्बार कार्यक्रम के माध्यम से गांवों को राजस्व विवाद मुक्त करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। अब शहरों में पट्टों के नियमन के लिए भी शीघ्र शिविर लगाए जाएंगे।

हाड़ौती के विकास में नहीं छोड़ी कोई कसर

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार ने ढाई वर्ष के कार्यकाल में हाड़ौती के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। बारां जिले की लाइफ लाइन परवन ंिसंचाई परियोजना के लिए पहले चरण में 700 करोड़ रुपए दिए हैं। इससे बारां के साथ-साथ कोटा और झालावाड़ जिले को भी लाभ होगा।

चम्बल-बूंदी पेयजल परियोजना इसी वर्ष पूरी होगी

वसुंधरा ने कहा कि चम्बल-बून्दी पेयजल परियोजना इसी वर्ष के अन्त तक पूर्ण होगी, जिससे बूंदीवासियों को चम्बल का पानी मिल सकेगा। गंेता-माखीदा पुल की 102 करोड़ रुपए लागत की योजना को भी गति दी जा रही है। जिसके पूरा होने से बंूदी के विकास गति मिलेगी। कोटा-दरा मार्ग निर्माण में आ रही बाधाओं को भी दूर कर लिया गया है, जिससे शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के प्रशिक्षण के लिए 16 करोड़ रुपए की लागत से ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जाएगा। जिससे कृषकों को उन्नत तकनीकी का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। कृषि विश्वविद्यालय में अगले सत्र से कॉलेज के लिए अनुमति संबंधी औपचारिकता पूरी कर ली गई है। अन्ता में स्ववित्त पोषित योजना के तहत महिलाओं के प्रशिक्षण के लिए योजना तैयार की गई है।

अब रास्तों के विवाद सुलझाने गांव-गांव जाएगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए चलाए गए न्याय आपके द्बार अभियान की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब गांवों में रास्तों के विवादों को हल करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। न्याय आपके द्बार अभियान के 15 जुलाई को पूरा होने के बाद एक महीने तक गांवों में रास्तों की समस्याएं निपटाई जाएंगी। राजे ने गांवों में बिजली की छीजत रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों भी पर बल दिया।

सभी से की पांच-पांच पौधे लगाने की अपील

मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हर व्यक्ति पांच पौधे रोपने और उन्हें सहेजने का संकल्प लेकर जाए। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान में जहां भी काम हुए हैं, वहां पौधे जरूर लगाएं।

इन विकास कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने 74 करोड़ रुपए की लागत के चम्बल नदी पर निर्मित दोहरी पुलिया, 28.62 करोड़ रुपये की लागत के ढाबादेह-मोड़क सड़क के आरओबी, 3 करोड़ रुपए की लागत के सांगोद में राजकीय महाविद्यालय भवन, 1.18 करोड़ रुपए की लागत के रामगंजमंडी के खनिज अभियंता कार्यालय भवन, 7.99 करोड़ रुपए की लागत के कोटा के संभागीय खनिज भवन, 2.50 करोड़ रुपए की लागत के एमबीएस अस्पताल परिसर में एएनएम टेàनिंग सेंटर भवन तथा 1.75 करोड़ रुपए की लागत के खातौली के उप तहसील भवन का लोकार्पण किया। वसुंधरा ने इसी क्रम में 43.95 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले रंगपुर आरओबी, 67.08 करोड़ रुपए की लागत के कोटा बैराज के समानान्तर पुल व 4 करोड़ रुपए की लागत के बनने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन मण्डाना का शिलान्यास भी किया।

सौर ऊर्जा से हैण्डपम्पों का पानी होगा लिफ्ट

मुख्यमंत्री ने हैण्डपम्पों पर सौर ऊर्जा का उपयोग कर पानी लिफ्ट किए जाने के संबंध में भीलवाड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि सारे प्रदेश में इस प्रयोग को लागू किया जाएगा। हैण्डपम्पों के पास टंकी में पानी स्टोरेज कर पेयजल के लिए व आवश्यकता पड़ने पर पशुओं के लिए भी काम में ले सकेंगे। उन्होंने जिला कलक्टर एवं जनप्रतिनिधियों को इस कार्य में पहल करने की बात कही।

विकास दर्शन पुस्तिकाओं का किया विमोचन

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधायक संदीप शर्मा व हीरा लाल नागर द्बारा प्रकाशित विकास दर्शन पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया।

मंत्रियों-विधायकों ने किया अभिनंदन, आभार भी जताया

समारोह में कोटा उत्तर विधायक प्रहलाद गंुजल ने कोटा में किए गए विकास कार्यों व स्वीकृत योजनाआंे के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। लाड़पुरा विधायक भवानी सिह राजावत ने प्रदेश व जिले में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। नगरीय विकास मंत्री राजपाल सिह शेखावत ने चुनरी ओढ़ाकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। समारोह में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, परिवहन राज्य मंत्री बाबू लाल वर्मा, जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण पाटीदार, सांसद नारायण पंचारिया व ओम बिरला, विधायक संदीप शर्मा, हीरा लाल नागर, विद्याशंकर नन्दवाना, बूंदी विधायक अशोक डोगरा, बारां विधायक रामपाल, किशनगंज विधायक ललित कुमार मीणा, महापौर महेश विजय आदि ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इससे पूर्व एयरपोर्ट पहुंचने पर वसुंधरा की जनप्रतिनिधियों सहित संभागीय आयुक्त रघुवीर मीणा, आईजी कोटा रेंज विशाल बंसल व जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर आदि अधिकारियों ने अगवानी की।

काले गुब्बारे उड़ा कर किया विरोध

चम्बल शुद्धिकरण कार्य के बंद होने के विरोध में चम्बल बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने शनिवार को चम्बल की छोटी पुलिया के नीचे से काले गुब्बारे छोड़कर विरोध जताया। गुब्बारे ज्योंही चम्बल की नई पुलिया के समानांतर उड़े तो पुलिसकर्मी व प्रशासन एकदम से हरकत में आ गया। सीएम की गाडि़यों का काफिला नई पुलिया से गुजरा तो अधिकारियों व मंत्री, जनप्रतिनिधियों ने भी गाले गुब्बारे उड़ते देखे। बाद में पुलिस अधिकारी बापू बस्ती में चक्कर काट कर गुब्बारे उड़ाने वाले लोगों को तलाशने लगे। लेकिन संघर्ष समिति के सदस्यों ने ये गुब्बारे कब आसमान में छोड़े इसका बस्ती के लोगों तक को पता नहीं चला। आसपास के लोगों ने भी सिर्फ काले गुब्बारे उड़ते ही देखे। चम्बल बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारी राकेश शर्मा राकू, कन्हैयालाल मेघवंशी ने बताया कि करीब एक साल से चम्बल शुद्धिकरण का कार्य बंद पड़ा है। शहर के बीचों बीच गुजर रही चम्बल नदी में शहर के 24 छोटे-बड़े नाले गिर रहे हैं। जिनके माध्यम से शहर की सारी गंदगी, कचरा चम्बल में गिर रहा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य बंद पड़ा है। मुख्यमंत्री को जल्द चम्बल शुद्धिकरण का कार्य शुरू करवाना चाहिए।

साथ खड़े रहे, मगर चेहरों पर झलक गई दूरियां

मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम से पूर्व ही विधायकों की सामने आ रही गुटबाजी व आपसी खींचतान को संगठन ने नियंत्रित करने की भरकस कोशिशें की थीं। यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी को भी यहां आकर पार्टीजनों से फीडबैक लेना पड़ा था। उन्होंने इस दौरान सभी पक्षों को समझाने की कोशिश भी की थी। उनके इस प्रयास का इतना नतीजा तो देखने को मिला कि विधायक प्रहलाद गुंजल व भवानीसिंह राजावत एक साथ खड़े नजर आए। यह अलग बात है कि राजावत के चेहरे पर असंतोष व खिन्नता साफ झलक रही थी। बीच मेंं माहौल सामान्य रखने के लिए वसुंधरा के इशारे पर गुंजल ने राजावत का हाथ भी पकड़ा। मगर राजावत की बॉडी लैंग्वेज सुलगती, मगर दबी चिंगारी की तरह रही। यहां वह यह भी कहते सुनाई दिए कि भीड़ इकट्ठी करने भर से कोई मंत्री नहीं बन जाता।news chakra-6