नौ साल से भटक रहा था, घर बैठे ही मिल गया हक

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बूंदी। गुहाटा में आयोजित शिविर में ग्रामीणों समस्याओं का समाधान करते एडीएम रामजीवन मीणा।

न्यूज चक्र @ बूंदी
जिले में राजस्व लोक अदालत न्याय आपके द्वार अभियान के तहत आयोजित किए जा रहे शिविरों में ग्रामीणों की बरसों पुरानी समस्याओं का मौके पर ही समाधान होने से उन्हें भारी राहत मिल रही है। गुहाटा निवासी सीताराम के लिए भी राजस्व शिविर ऐसा ही सुनहरा अवसर साबित हुआ। इसमें उसे बरसों बाद अपनी पुश्तैनी जमीन पर हक मिल गया।
इन्द्रगढ़ तहसील के गुहाटा निवासी सीताराम पुत्र हीरालाल मीणा ने पैतृक भूमि के विभाजन के लिए 25 जुलाई 2007 को न्यायालय उपखण्ड अधिकारी लाखेरी में वाद दायर किया था। परिवार में सहमति नहीं बनने के कारण राजस्व रिकॉर्ड का विभाजन नहीं हो पा रहा था। वर्ष 2007 से परेशान सीताराम का इस भूमि विवाद के कारण पारिवारिक विवाद भी चल रहा था। बुधवार को गुहाटा में आयोजित राजस्व शिविर में एडीएम रामजीवन मीणा की मौजूदगी में सीताराम के पक्ष में अंतिम डिक्री जारी कर नामांतरण दर्ज करवाकर नकल दे दी गई। इस प्रकार लम्बे समय से चली आ रही उसकी परेशानी का शिविर में हाथों-हाथ समाधान हो जाने से सीताराम के चेहरे पर झलक रही खुशी देखने लायक थी।

कई और ग्रामीणों को भी मिली राहत

गुहाटा के ही शिविर में दो भार्इयों भवंरलाल व मदनलाल की भी बरसों पुरानी समस्या का समाधान हो गया। एडीएम रामजीवन मीणा ने बताया कि इन्द्रगढ़ तहसील के लाखेरी निवासी भवंरलाल व मदनलाल पुत्र गोपीलाल की भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में पिता का नाम लगभग 15 वर्ष पहले गोपीलाल के स्थान पर गोपी वल्लभ दर्ज हो गया था। उन्होंने न्यायालय उपखण्ड अधिकारी लाखेरी में इसके लिए कई बार पिता का नाम सही करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया, मगर उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। इसके चलते उन्हें कृषि संबंधी कार्यो में काफी परेशानी आ रही थी। आखिर 15 वर्ष बाद बुधवार को गुहाटा में आयोजित इस शिविर में पिता का सही नाम गोपीलाल दर्ज कर उन्हें राहत प्रदान की गई।