नैनवां: अवैध संबंध थे, बार-बार पैसे मांगती थी, मार डाला

-आठ दिन पूर्व फुलेता क्लोजर में मिले महिला के कंकाल की गुत्थी सुलझी -टोंक जिले का निवासी आरोपी गिरफ्तार, तकनीक से ही मिली मदद

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बूंदी। नैनवां पुलिस की गिरफ्त में महिला की हत्या का आरोपी टोंक जिला निवासी राजाराम मीणा।

न्यूज चक्र @ बूंदी

नैनवां थाना क्षेत्र के फूलेता क्लोजर में आठ दिन पूर्व एक महिला के मिले क्षत-विक्षत कंकाल की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने शनिवार को हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अवैध संबंध होने के चलते महिला के उससे बार-बार पैसे मांगे जाने के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया था।
नैनवां डीएसपी सोहन राम विश्नोई व सीआई रामानंद यादव ने बताया कि इस मामले में टोंक जिले के मेहंदवास थाना क्षेत्र के लवादरा निवासी राजाराम मीणा पुत्र अम्बालाल मीणा को गिरफ्तार किया गया है। उसे रविवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा। यह पूरा मामला तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुलझाया गया। अन्यथा इस ब्लाइंड मर्डर में आरोपी का सुराग लगना बहुत मुश्किल होता। घटनास्थल पर उसने कोर्इ भी सबूत नहीं छोड़ा था। ना ही उन दोनों के संबंध के बारे में कोई और जानता था।
यह था मामला
नैनवां के देवरिया गांव की निवासी मिश्रीबाई मीणा (45) सत्रह दिन से लापता थी। वह अपने पति कालूलाल मीणा के साथ जयपुर में रहकर मजदूरी करती थी। उसके पति के अनुसार उसने उसे 24 अप्रेल को नौ हजार रुपए देकर गांव भेजा था। इसके बाद वह वहां से वापस जयपुर आने के लिए 26 अप्रेल को अपराह्न् तीन बजे करीब देई आई थी। चार बजे उसकी मिश्रीबाई से मोबाइल पर बात हुई। मगर इसके बाद से ही उसका मोबाइल बंद आ रहा था। तब से परिजन उसकी तलाश में लगे हुए थे। जब उसका कहीं भी सुराग नहीं लगा तो 13 मई को उसके देवर मोहन लाल ने देई थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी। इसके अगले दिन 14 मई को फूलेता क्लोजर के अंदरूनी हिस्से में बकरियां चराने गए कुछ बच्चों को एक जगह कंकालनुमा शव दिखाई दिया। उसकी हड्डियां आसपास फैली हुईं थी। साफ लग रहा था कि शव को पशुओं ने नोंच डाला है। मौके पर कुछ कपड़े सहित अन्य सामान भी था। बाद में इस शव की पहचान कालूलाल ने उसकी पत्नी मिश्री बाई के रूप में की। इसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या कर सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी।
मृतका का मोबाइल बना मददगार
डीएसपी विश्नोई ने बताया कि मिश्री बाई का मोबाइल घटना स्थल से थोड़ी दूरी पर पड़ा मिला था। इस मोबाइल के आईएमईआई नम्बर के आधार पर उसकी सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाई गई। इसमें आखिरी कॉल कई बार एक ही नम्बर से होना सामने आया। उस दौरान पहला कॉल उस नम्बर पर मिश्रीबाई ने ही किया था। इस पर उस नम्बर को संदिग्ध मान उसकी सीडीआर निकलवाने के साथ आईडी भी निकलवाई गई। इसमें वह नम्बर नम्बर खेड़ा निवासी प्रदीप कुमार के नाम निकला। मगर तहकीकात में उस नाम व पते का कोई व्यक्ति नहीं मिला। वहीं उस नम्बर का असली यूजर लवादरा निवासी राजाराम मीणा पाया गया। इस पर उसे गांव से पकड़कर पूछताछ की।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
राजाराम से पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि उसके मिश्री बाई से पांच माह से अवैध संबंध थे। इन संबंधों कारण मिश्री बाई उससे बार-बार पैसे मांगा करती थी। इससे वह उससे छुटकारा पाना चाहता था। इसी के चलते वह 26 मई को बकरा काटने वाला छुरा लेकर बस में बैठ सुबह 1 0.21बजे नैनवां आया। वहां से जीप में बैठकर दोपहर 1.37 बजे देई पहुंचा। वहां जयपुर जाने के लिए आई व उसका इंतजार कर रही मिश्रीबाई से मिला। उसने देशी शराब का एक पाउच व पानी की दो बोतलें खरीदीं। फिर वे जीप में बैठकर फुलेता वन चौकी पर पहुंचे। वहां से पैदल क्लोजर में अंदर जंगली क्षेत्र में चले गए। शाम होने लगी तो उसने धोखे से मिश्रीबाई की हत्या कर दी। फिर उसके मोबाइल को थोड़ी दूर फेंक कर फरार हो गया।
ऐसे हुई थी जान पहचान
मिश्रीबाई का पति कालू पांच-छह माह पूर्व अपने पुत्र के विवाह संबंध के लिए लवादरा गया था। वहां वह राजाराम के घर पर ही ठहरा। इसके वह मिश्री बाई के सम्पर्क में आया और उनके अवैध संबंध बन गए।
इस टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस मामले की जांच के लिए एसपी भुवन भूषण यादव ने नैनवां डीएसपी सोहनराम विश्नोई के निर्देशन व नैनवां थाना सीआई रामानंद यादव के नेतृत्व में टीम गठित की थी। इसमें एसआई नारायण सिंह, कांस्टेबल राहुल शर्मा, राजेन्द्र तोगड़ा व रामनारायण शामिल थे।