बूंदी में मुनीम से दिनदहाड़े 20 लाख रुपए की लूट, आसानी से फरार हो गए लुटेरे

कृषि उपज मंडी रोड पर मंडी के एक बड़े आढ़तिये का मुनीम बना शिकार, पुलिस ने की नाकाबंदी, मगर देर शाम तक आरोपियों का नहीं लगा सुराग, पुलिस की मुस्तैदी पर उठे सवाल

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बूंदी। कृषि उपज मंडी स्थित एसबीबीजे बैंक की शाखा पर सीसीटीवी फुटेज खंगालते एएसपी राजेन्द्र वर्मा। पीछे खड़ा है 20 लाख रुपए की लूट का शिकार बना मुनीम कमल शर्मा।

न्यूज चक्र @ बूंदी

सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में कृषि उपज मंडी रोड पर मंगलवार को दिनदहाड़े 20 लाख रुपए की लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने शहर के चारों तरफ नाकाबंदी करवा कर लुटेरों की तलाश शुरू की। मगर देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं लगा।
बूंदी मंडी में गणेश लाल शर्मा बड़े आढ़तिये हैं। इनकी महावीर ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से फर्म है। कमल शर्मा काफी सालों से इनके यहां मुनीम का काम करता है। बड़ी फर्म होने के कारण किसानों को भुगतान करने के लिए रोज बैंक से लाखों रुपए निकाले जाते हैं। यह काम कमल शर्मा ही करता है। रोज की तरह वह दोपहर करीब डेढ़ बजे मंडी में ही स्थित एसबीबीजे बैंक की शाखा से एक बैग में बीस लाख रुपए लेकर निकला। उसने अपनी बाइक पर बैग आगे रख रखा था। शर्मा के अनुसार वह जैसे ही मंडी से बाहर निकल कर पास में ही लंका गेट पर पंजाबी ढाबे के सामने स्थित फर्म की दुकान के समीप पहुंचा कि उसके पास एक बाइक पर दो युवक आए। उन्होंने कपड़ों से अपना चेहरा छुपा रखा था। जैसा कि गर्मी के मौसम में सामान्यतौर पर लोग करते हैं। उन युवकों ने उसे देशी कट्टा दिखाकर नोटों से भरा बैग छीन लिया। इसके बाद वे फरार होने लगे। यह सब कुछ काफी तेजी से हुआ। इसके बाद शर्मा ने सहायता के लिए शोर मचाते हुए पैदल की कुछ दूर आरोपियों का पीछा किया। मगर कोई भी उसकी मदद के लिए सामने नहीं आया। इससे आरोपी आसानी से फरार होने में सफल हो गए।

भागते आरोपियों का मोबाइल गिरा

इस बीच जब आरोपी बाइक से भाग रहे थे तो इनमें से एक आरोपी का मोबाइल फोन नीचे गिर गया। बाद में मुनीम शर्मा ने उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस इसके सहारे जल्दी ही आरोपियों का सुराग लगा लेने के लिए आश्वस्त है।

सीसीटीवी के फुटेज भी खंगाले
एएसपी राजेन्द्र वर्मा इस वारदात के बाद बैंक की शाखा पर पहुंचे व वहां सीसीटीवी के फुटेज खंगाले। इनसे भी आरोपियों का सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस का नैतिक बल ही खत्म होने से बेखौफ हुए बदमाश

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से जिले के विभिन्न थानाधिकारियों के भ्रष्टाचार के मामलों में लिप्त होने के सनसनीखेज आरोप सामने आ रहे हैं। इस संबंध में समय-समय पर ऑडियो क्लिप बायरल होती रही है। एक थानाधिकारी के तो अपने रुतबे के दम पर बड़ी जमीन पर अतिक्रमण करने का मामला भी लंबे समय से जिलेभर में गर्माया हुआ है। मीडिया में प्रमुखता से छाया हुआ है। मगर इनमें से किसी भी मामले में अभी तक उच्चाधिकारियों की ओर से कोई कार्यवाही की बात सामने नहीं आई है। इस प्रकार खुद पुलिसतंत्र का नैतिक बल ही जब सवालों के घेरे में हो तो अपराधियों के हौंसले बुलंद होना तो स्वभाविक ही है। बड़ा सवाल यह भी खड़ा होता है कि लंका गेट इलाका काफी भीड़भाड़ वाला व कृषि उपज मंडी होने से प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र भी है। यहां रोज करोड़ों का लेन-देन होता है। इसके बावजूद पुलिस की इस इलाके में बिलकुल भी मौजूदगी नहीं होना भी साबित करता है कि यहां सब कुछ रामभरोसे है।