शिकायत मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचें, मैं कभी भी चेक कर सकती हूं-किरण माहेश्वरी

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू जल मंत्री ने कोटा जिले में पेयजल के हालातों पर फीडबैक लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

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कोटा। इरेक्टर्स हॉस्टल में विधायकों व अधिकारियों से चर्चा करतीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल मंत्री किरण माहेश्वरी।

न्यूज चक्र @ कोटा

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू जल मंत्री किरण माहेश्वरी ने दावा किया कि राज्य में किसी भी जल समस्या के समाधान के लिए विभाग में नीचे से ऊपर तक पूरी मशीनरी सतर्क और सख्त है। लोग पेयजल समस्या से जूझें, यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। किरण ने अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी कि वे स्वयं कभी भी यहां आकर आकस्मिक निरीक्षण कर सकती हैं।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने शुक्रवार को कोटा पहुंच थर्मल कॉलोनी स्थित एरेक्टर्स हॉस्टल में जिले में पेयजल के हालातों का जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से फीडबैक लिया। साथ ही समस्याग्रस्त इलाकों में समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता सभी को आवश्यकतानुरूप पानी उपलब्ध कराना है। पाइप लाइन दुरुस्तगी, लीकेज मरम्मत जैसी तात्कालिक आवश्यकताओं के लिए जिले के तीनांे शहरी विधानसभा क्षेत्रों में 5-5 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। जिले के लिए एक करोड़ की राशि कटिजेंसी फंड में दी गई है, ताकि पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। जनप्रतिनिधियों को हैंडपम्प व सोलर पम्प का कोटा दिया गया है। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर समय सतर्क और संवेदनशील रहें व अवकाश पर नहीं जाएं।

विधायकों को दिया भरोसा, सबको पानी मिलेगा

मंत्री माहेश्वरी ने विधायकों द्वारा उठाई गई पेयजल समस्याओं पर कहा कि नगर विकास न्यास के दायरे में आईं 18 कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था शीघ्र दुरुस्त की जाएगी। इसके लिए जिला कलक्टर स्तर पर शीघ्र ही विभाग और न्यास अधिकारियों की बैठक बुलाकर बजट आवश्यकताओं से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के पुराने हिस्सों में वर्षों पुरानी जीर्ण-शीणã पाइप लाइन के नवीनीकरण सहित पेयजल समस्या से प्रभावित अन्य कॉलोनियों में जनसंख्या के अनुसार जनसहभागिता योजना, अमृत मिशन या स्मार्ट सिटी प्लान जैसे बड़े प्रोजेक्ट की मदद से पेयजल तंत्र दुरुस्त किया जाएगा। अकेलगढ़ से टेल क्षेत्र तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए तुरंत प्रभाव से प्रयास शुरू किए जाएंगे। रायपुरा चौराहे से प्रेमनगर के बीच पाइप लाइन बदलने की स्वीकृत आ चुकी है। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, सांगोद विधायक हीरालाल नागर व रामगंजमंडी विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल ने अपने-अपने क्षेत्र की पेयजल समस्याओं के बारे में बताया। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

हम और आप दोनों सतर्क रहें

जलदाय मंत्री ने कहा कि जहां टैंकरों से जलापूर्ति की जरूरत हो, वहां बजट की कोई समस्या नहीं है। ना ही इसकी कोई सीमा निर्धारित की गई है। टैंकरों का दुरुपयोग ना हो, टैंकर वांछित स्थानों पर तय समय में पानी पहुंचाएं, यह सुनिश्चित होना चाहिए। इसकी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, लेकिन इसमें आम जन की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। लोगों को अपने क्षेत्र में टैंकरों से जलापूर्ति पर पूरी निगाह रखनी होगी। इसीलिए इनके भुगतान की व्यवस्था भी पार्षद और क्षेत्र के लोगों की कमेटी द्वारा पुष्टि के बाद की गई है। इसी तरह बूस्टर पम्प या किसी भी तरह से अवैध जल दोहन को गंभीरता से लिया जाएगा। लोगों को भी इस बारे में सतर्क रहना होगा। इस दौरान मंत्री को दूरभाष पर शहर के एक उपभोक्ता ने पानी की समस्या बताई, जिसे उन्होंने गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए।

मंत्री ने पूछा- कितने सैम्पल लिए

जलदाय मंत्री माहेश्वरी ने कहा कि पानी को लेकर किसी भी तरह की शिकायत आए तो जेईएन तुरंत मौके पर जाएं, समस्या का हल कर लोगों को आश्वस्त करें। पानी की गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बैठक में मौजूद विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता से पूछा कि कितने सैम्पल प्रतिदिन लिए जा रहे हैं। इस पर प्रतिदिन 20-20 सैम्पल क्लोरीन के तथा 2-2 सैम्पल बैक्टीरिया जांच के लिए लिए जाने की जानकारी दी गई। मंत्री ने कहा कि इसके लिए सीधे तौर पर जेईएन और एईएन जिम्मेदार होंगे।

हैंडपम्प स्वीकृत होते ही लगाएं

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने निर्देश दिए के हैंडपम्प लगाने की स्वीकृति आने के साथ ही काम शुरू हो जाना चाहिए। यदि पहले से स्वीकृत हैंडपम्प अभी तक नहीं लगा है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि हैंडपम्प मरम्मत अभियान के तहत विधायक अपने क्षेत्र में 30-30 हैंडपम्प के लिए अनुशंसा कर सकेंगे। इसी तरह पेयजल व्यवस्थाओं के मद्देनजर विधायकों को 5-5 सोलर पम्प के लिए भी अधिकृत किया गया है।

 

कोटा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल मंत्री किरण माहेश्वरी मोबाइल पर शहर के एक नागरिक से पेयजल समस्या की जानकारी लेते हुए।
कोटा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल मंत्री किरण माहेश्वरी  विधायकों से फीडबैक लेते हुए।