कोटा में बिहारी कोचिंग छात्रों की गैंगवार, एक को मौत के घाट उतारा, दूसरा गम्भीर घायल

मैस में खाना खाते हुए छात्रों पर धारधार हथियारों से लैस होकर आए करीब पचास अन्य छात्रों ने किया हमला

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कोटा। हॉस्पिटल में घायल छात्र संदीप से पूछताछ करती पुलिस वहीं इनसेट में मृतक छात्र प्रिंस।
कोटा। हॉस्पिटल में घायल छात्र संदीप से पूछताछ करती पुलिस वहीं इनसेट में मृतक छात्र प्रिंस।

न्यूज चक्र @ कोटा

 कोटा। वारदात के बाद मौके पर बिखरा हुआ खून।
कोटा। वारदात के बाद मौके पर बिखरा हुआ खून।

महावरी नगर क्षेत्र में एक मैस पर गुरुवार रात पचास-साठ जुनूनी कोचिंग छात्रों ने धारधार हथियारों से लैस होकर हमला कर बिहार निवासी एक छात्र सत्य प्रकाश उर्फ प्रिंस को मौत के घाट उतार दिया। वहीं एक अन्य कोचिंग छात्र संदीप गम्भीर घायल हो गया। इस वारदात का कारण बिहार से कोटा में कोचिग करने आए छात्रों के दो गुटों के बीच दिन में किसी बात को लेकर हुआ विवाद बताया गया है। जब आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया, उस वक्त कोचिंग छात्र मैस में खाना खा रहे थे। यहां खास बात यह है कि घायल हुआ छात्र तो मात्र पांच दिन पहले ही बिहार से कोचिंग के लिए कोटा आया था। साथ ही वह मृतक को तो जानता तक नहीं है।

संदीप के चचेरे भाई केशव ने बताया कि संदीप के पिता व उसके माता-पिता साथ ही कोटा आए थे। एडमिशन कराने के बाद वे लौट गए। संदीप को न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वहां उसकी भी हालत गम्भीर बनी हुई है। प्रिंस का इलाज करने वाले डॉ. आरके अग्रवाल ने बताया कि उस पर पीछे से चाकू से हमला किया गया था। वार इतना तेज था कि पीठ से घुसा चाकू हार्ट पर जा लगा। इसी कारण उसकी मौत हुई है।

मोहल्लेवासी हमलावरों से भिड़े, पुलिस आई तो दूर खड़ी रही, घायल देर तक पड़ा रहा

इस मामले में एक परिदृश्य तो इंसानियत पर गर्व करने वाला है, वहीं दूसरा शर्मसार करने वाला। एक तरफ जहां छात्र को बचाने के लिए मोहल्लेवासी हमलावरों से भिड़े हुए थे। वहीं सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस कुछ दूर चौराहे पर खड़ी रही। इस दौरान एक घायल छात्र लहूलुहान हालत में मौके पर एक मकान के बाहर पड़ा रहा।
पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब साढ़े 8 बजे यह वारदात हुई। मैस पर मेडिकल की कोचिग कर रहे बिहार के नवादा निवासी सत्यप्रकाश उर्फ प्रिंस (19) और जेईई की कोचिग कर रहे बिहार के ही समस्तीपुर निवासी संदीप (18) सहित अन्य बच्चे खाना खा रहे थे। तभी बिहार के ही दूसरे गुट के स्टूडेंट्स चाकू व सरियों से लैस होकर वहां दनदनाते हुए आए और प्रिंस पर हमला बोल दिया। इस बीच संदीप ने कुछ कहा तो उसे भी चाकू से गोद दिया। मोहल्लेवासियों ने दोनों को अलग-अलग नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। जहां प्रिंस की मौत हो गई। वहीं संदीप की हालत गंभीर बनी हुई है। उसे ऑक्सीजन पर रखा गया है। पुलिस ने इस संबंध में आधा दर्जन कोचिग स्टूडेंट्स को हिरासत में ले लिया है। देर रात तक पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए क्षेत्र के कई हॉस्टलों पर ताबड़तोड़ दबिश देती रही। वहीं इस वारदात की सूचना के बाद मृतक छात्र के पिता देवेंद्र गांव से कोटा के लिए रवाना हो गए।

दिन में ऐसे चला था घटनाक्रम

जिस गली में यह घटनाक्रम हुआ और संदीप को चाकू लगा वहां दोपहर से ही माहौल बिगड़ने लगा था। इससे मोहल्लावासी भी परेशान हो गए थे। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस गली में एक गल्र्स व एक बॉयज हॉस्टल है। दोपहर को कुछ लड़कों ने गल्र्स हॉस्टल की लड़कियों से अभद्रता की थी। कोचिंग संस्थानों को सूचना मिली तो वहां से मौके पर सीपीओ आए और कुछ लड़कों को अपने साथ ले गए थे। मगर शाम को उन्हें वापस छोड़कर चले गए थे। पुलिस भी अब इस बात का पता कर रही है कि ऐसा क्या हुआ था कि सीपीओ मौके पर आए।

पूरी कोशिश पर भी छात्र के नहीं बच पाने पर फफक पड़े भुवनेश गुप्ता

बाहर शोर सुनकर बाहर निकले मोहल्लेवासी भुवनेश गुप्ता ने इस तरह घटनाक्रम बयान किया-
मैं घर पर खाना खा रहा था। तभी बाहर से तेज आवाजें आती सुन मैंने सबसे पहले 100 नंबर पर कॉल कर मोहल्ले में झगड़ा होने की सूचना दी। बाहर आकर देखा तो करीब पचास लड़के एक छात्र (संदीप) पर ताबड़तोड़ वार कर रहे थे। इस पर मैं वहां आकर जोर से चिल्लाया कि पुलिस आ रही है, पुलिस आ रही है। इसी के साथ मैंने चाकू मारने वाले एक लड़के को धक्का मारा। उसने पलटकर मुझ पर चाकू से वार किया। चाकू मेरी शर्ट को चीरता हुआ निकल गया। ज्यादा हो-हल्ला हुआ तो सभी आरोपी भाग गए। इसी बीच पुलिस की ट्रैकर भी आ गई थी, लेकिन वह चौराहे पर ही खड़ी रही, गली के अंदर नहीं आई। तभी लोगों ने बताया कि एक और स्टूडेंट (सत्यप्रकाश उर्फ प्रिंस) पास में मकान के बाहर लहुलुहान हालत में पड़ा हुआ है। मैं दौड़ कर वहां पहुंचा व अन्य लोगों की मदद से उसे उठाने लगे। इस बीच उसने इतना ही कहा कि भैया, मैं नहीं बच पाऊंगा, मैं मरने वाला हूं। उसे अपनी कार से सुधा हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। वहीं संदीप को एंबुलेंस से न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया। सुधा हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन उसे नहीं बचा पाए। (इतना कहते हुए गुप्ता फफक पड़े) उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का अफसोस है कि सबकुछ करने के बावजूद उस बच्चे को नहीं बचा पाया।