ध्वजा कार्यक्रम के साथ तपस्वी गुलाब बाई को पारना भी कराया

जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक खरतरगच्छ संघ की ओर से जैन दादाबाड़ी में आयोजित किया गया कार्यक्रम

4
1097
बूंदी। जैन दादाबाड़ी में जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक खरतरगच्छ संघ के ध्वजा कार्यक्रम में पूजन करते समाजबंधु।
बूंदी। तपस्वी गुलाब बार्इ को पारना करवाते उनके परिवारजन।
बूंदी। तपस्वी गुलाब बार्इ को पारना करवाते उनके परिवारजन।
बूंदी। तपस्वी गुलाब बार्इ को पारना करवाते उनके परिवारजन।
बूंदी। तपस्वी गुलाब बार्इ को पारना करवाते उनके परिवारजन।

न्यूज चक्र @ बूंदी

जैन दादाबाड़ी में सोमवार को अक्षय तृतीय के मौके पर जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक खरतरगच्छ संघ की ओर से ध्वजा का कार्यक्रय आयोजित किया गया। इस अवसर पर सत्रह भेदी पूजन हुआ। इसे विधिकारक ने सम्पन्न कराया। इस अवसर पर खासी संख्या में समाजबंधु मौजूद थे।
पूजन के बाद विमलनाथ भगवान मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाई गई। यह ध्वजा अभयमल भण्डारी व उनके परिवार ने चढ़ाई। इसे विधिकारक ने मंत्रोचार के साथ विधि -विधान से सम्पन्न कराया। समाज के आदित्य भण्डारी ने बताया कि इसके पश्चात 16 वर्ष से वर्षीतय की कठोर तपस्या कर रहीं तपस्वी गुलाब बाई भण्डारी को पारना कराया गया। उनके 16 वर्ष का वर्षीतप पूरा होने पर यह पारना हुआ। तपस्वी ने कई बार बेला, तेला, अठाई, एकासना, आयंबिल व ओली जी तप पूरे किये हैं। साथ ही नवाणू यात्रा जैसी कठिन तपस्या भी पूर्ण की। इसमें उन्होंने 99 बार पालीताणा की यात्रा 60 दिन में पूर्ण की। उन्हें गन्ने के रस से पारना कराया गया। पालीताणा की 1 यात्रा में 2500 सीढ़ी चढ़कर शिखर की चोटी पर स्थित प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के मन्दिर में दर्शन करने होते हैं। इस तरह की यात्रा निराहार प्रात: 4 बजे शुरू की जाती है। गुलाब बाई ने इस तरह की यात्रा कभी एक दिन में दो बार तो कभी तीन बार की।
इस आयोजन में समाज के हुकुम चन्द भण्डारी, राजेन्द्र छाजेड़, भीमसिंह छाजेड़, प्रकाश चन्द भण्डारी, विमल भण्डारी, शान्तिलाल भण्डारी, लाभचन्द बोहरा, उत्तम छाजेड़, प्रताप छाजेड़, गुणवन्त जी महात्मा, पारस भण्डारी, बहादुरमल भण्डारी आदि मौजूद थे।

बूंदी। जैन दादाबाड़ी में विमलनाथ भगवान मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाते अभयमल भण्डारी व उनके परिवारजन।
बूंदी। जैन दादाबाड़ी में विमलनाथ भगवान मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ाते अभयमल भण्डारी व उनके परिवारजन।
बूंदी। तपस्वी गुलाब बार्इ को पारना करवाते उनके परिवारजन।
बूंदी। तपस्वी गुलाब बार्इ को पारना करवाते उनके परिवारजन।