सिरोही के संत जगह-जगह जाकर लोगों को कर रहे शराबबंदी के लिए प्रेरित

0
284
सिरोही। सीकर में आयोजित धार्मिक आयोजन में मौजूद भक्तगण । इसमें शराबबंदी के लिए लोगों को प्रेरित किया गया।

न्यूज चक्र @ सिरोही
प्रदेश भर में शराबबंदी के लिए स्थानीय कुम्हारवाड़ा स्थित श्रीरामद्वारा आश्रम के गादीपति संत भजनारामजी महाराज साधु-संतों के साथ सिरोही सहित जालोर व सीकर जिले में भी भ्रमण व सभाएं कर लोगों को शराबबंदी के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
आश्रम के विजय वैष्णव ने बताया कि प्रदेश में शराब बंदी के लिए संत भजनारामजी महाराज ने सीकर में एक धार्मिक आयोजन में पहुंच कर उपस्थित हजारों लोगों को शराबबंदी को लेकर प्रेरित करते हुए कहा कि आज पूरा प्रदेश शराब से मुक्त होना चाहता है। ना जाने कितनी पीढ़ियां शराब के नशे से बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हम जागृत नहीं होंगे, तब तक ये शराब का जहरीला नशा यूं ही बढ़ता रहेगा और ना जाने कितने परिवारों को तबाह कर देगा। इसलिए आज हमें इस शराबबंदी के लिए आवाज उठानी होगी। पूरे प्रदेश से इस नशे को ही जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। तभी हमारा राजस्थान सुखद जीवन जी सकेगा। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही नहीं बच्चे भी इस लत का शिकार हो रहे हैं। नशे की लत में आकर आज का कलयुगी बेटा अपनी मां की हत्या कर देता है। एक पति सीता जैसी पत्नी के साथ मारपीट करता है। इस शराब के नशे में ना जाने कितने अपराध हो रहे हैं । महाराज ने यह भी कहा कि इस धरती पर जो भी अपराध व पाप हो रहे हैं, उसके पीछे शराब का ही हाथ है। इस शराब के कारण अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा है। इसलिए हमें एक होकर इस शराब कÞ नश के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी। इस मौके पर हजारों लोगों ने संतों का समर्थन किया और इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए जयकारे भी लगाए ।

आमजन का सहयोग जरूरी-केशावत

इस मौके पर वहां मौजूद पूर्व मंत्री गोपाल केशावत ने कहा कि आज पूरे भारत में शराबबंदी कÞ मामले में बिहार चौथा राज्य बन गया है। उसी की तर्ज पर अब हमें अपने सुंदर राजस्थान को भी इस शराब से मुक्त करवाना होगा। उन्होंने कहा कि आज जगह जगह शराबबंदी के लिए आवाज उठ रही है। जहां भी ऐसा हुआ है, वहां सरकार को झुकना पड़ा है। इसलिए माता-बहिनें अपने घरों से निकल कर इस नशाबंदी के लिए हमारा सहयोग करें |

सिरोही। सीकर में आयोजित धार्मिक आयोजन में शराबबंदी के लिए प्रेरित करते संत।
सिरोही। सीकर में आयोजित धार्मिक आयोजन में शराबबंदी के लिए प्रेरित करते संत।