पटवारियों से ड्यूटी पर लौटने की अपील, सख्त चेतावनी भी दी

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न्यूज चक्र @ बूंदी
केशवरायपाटन तहसीलदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को भी धरने पर बैठे रहे जिलेभर के पटवारियों से जिला प्रशासन ने जनहित व आमजन की सुविधा के मद्देनजर ड्यूटी पर लौट आने की अपील की है। साथ ही गिरफ्तार पटवारी के समर्थन में दिए जा रहे धरने-प्रदर्शन को गैर कानूनी करार दिया है। इसके बावजूद भी राजकार्य का बहिष्कार जारी रखने पर अवकाश स्वीकृत नहीं करने की चेतावनी भी दी है।
जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में जारी अपील में कहा गया है कि पटवार संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन का बिन्दुवार जवाब दे दिया गया है। साथ ही उनसे शीघ्र ड्यूटी पर लौटने की अपील भी की गई है। इसके अनुसार पटवार संघ को यह भी अवगत कराया गया है कि राज्य सरकार ने 23 दिसंबर 2014 को पत्र जारी कर भविष्य में धरने व प्रदर्शन की पुनरावृति पर किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं करने व इस संबंध में राज्य स्तर पर निर्णय के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों से पटवार संघ के पदाधिकारियों को 30 दिसंबर, 2014 को ही अवगत करवा दिया गया था। इस प्रकार पटवारी अभी भी धरना व हड़ताल पर रहकर राजकार्य का बहिष्कार जारी रखते हैं तो जिला कलक्टर इस अवधि में उन्हें किसी भी प्रकार का अवकाश मंजूर नहीं करेंगे। अवकाश स्वीकृत नहीं होने के कारण सेवा पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को केशवरायपाटन तहसील कार्यालय में तहसीलदार विजेन्द्र सिंह व हलका पटवारी विष्णु सोलंकी के बीच किसी राजस्व कार्य पर बातचीत हो रही थी। इस दौरान इतनी गर्मागर्मी हो गई कि पटवारी ने तहसीलदार पर हाथ उठा लिया। इसके बाद तहसीलदार ने पटवारी के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने व मारपीट का मामला दर्ज करा दिया। इसमें तहसीलदार ने कहा था कि पटवारी राजस्व कार्य लेकर उनके पास आया। बातचीत के दौरान अभद्र व्यवहार करने लगा व उन पर हाथ उठा लिया। इस समय वहां पंचायत समिति के बीडीओ व ऑफिस कानूनगो भी मौजूद थे। कानूनगो ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। घटना के बाद पटवारी अपने कार्यालय में चला गया। तहसीलदार का यह भी कहना था कि उन्होंने ऐसी कोई ऐसी बात नहीं कही थी, जिससे यह नौबत आती। राजस्व कार्यों में देरी होने पर समय-समय पर पटवारियों को निर्देश दिए जाते हैं। वहीं इस मामले में पटवारी का कहना था कि किसानों की कृषि भूमि की रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेज व मेरे चयनित वेतनमान की फाइल लेकर तहसीलदार के पास गया था। वेतनमान की फाइल चार वर्ष से अटकी हुई है। तहसीलदार ने उनके पास जाते ही कहा कि बेवजह के कार्य लेकर आ जाते हैं। इस पर मैंने फाइल वापस मांगी तो तहसीलदार ने देने से मना कर दिया। साथ ही मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। पटवारी ने तहसीलदार से मारपीट करने की बात को गलत बताया। इस मामले में पटवारी की ओर से भी तहसीलदार के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट दे दी गई थी।
इस मामले में बुधवार को पुलिस ने पटवारी को गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय ने उसे जेल भ्ोज दिया था। अभी तक उसे जमानत नहीं मिली है। पटवार संघ ने इस पर पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया था। उसके अनुसार जब पटवारी की ओर से भी तहसीलदार के खिलाफ भी रिपोर्ट दी गई थी तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए थी। इसी मामले को लेकर गुरुवार से पटवार संघ के बैनर तले जिलेभर के पटवारियों ने कलक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू कर दिया था। पटवार संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि तहसीलदार की भी गिरफ्तारी होने पर ही यह धरना समा’ किया जाएगा।
आमजन परेशान
दूसरी ओर जिलेभर से मिल रही जानकारी के अनुसार दूसरे दिन भी पटवारियों के ड्यूटी पर नहीं आने से खासकर ग्रामीण लोगों को खासी परेशानी हुई। दूर-दराज के किसान व अन्य ग्रामीण जानकारी के अभाव में शुक्रवार को भी अपने काम लेकर पटवार घर सहित अन्य स्थानों पर पटवारियों को तलाशते रहे।