विधायक राजावत ने राजपूतों से कहा-अपने हक के लिए हुकूमतों के घुटने टिकाना सीखो

महाराव भीमसिंह विश्राम गृह के शिलान्यास समारोह को कर रहे थे संबोधित, जाट, गुर्जर व पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा व बलात्कार पर सरकारों के तमाशबीन बने रहने को कोसा

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न्यूज चक्र @ कोटा
विधायक भवानी सिंह राजावत ने राजपूत समाज का आह्वान किया कि वह अपने हकों के लिए एकजुट हो अहिंसात्मक रूप से संघर्ष करे। इस लोकत्रांतिक व्यवस्था में चुपचाप बैठे रहने से कुछ भी हासिल नहीं होगा। राजावत रविवार को
महाराव भीमसिंह राजपूत छात्रावास परिसर में महाराव भीमसिंह विश्राम गृह के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन हाड़ौती क्षत्रिय शिक्षा प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में किया गया था।
राजावत ने इस अवसर पर कहा कि कोई जमाना था जब देश की हर कौम देश हित में प्राण न्यौछावर करने के लिए आगे रहती थी। लेकिन अब सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह चरमराकर टूट गया है। हर कौम अपनी मांगों के लिए हिंसा का सहारा ले रही है। आरक्षण के लिए कभी गुर्जर रेल की पटरियों पर बैठते हैं तो कभी गुजरात में पाटीदार रेल की पटरियां उखाड़ते हैं। इसी प्रकार हरियाणा में जाट लोगों के घरों में आग लगाते हैं और दूसरों की बहन-बेटियों से सामूहिक बलात्कार करते हैं। सरकारें सख्ती करने की जगह तमाशबीन बन जाती हैं। राजपूत समाज भी आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है। इसे आर्थिक आधार पर आरक्षण की जरूरत है। लेकिन इस देशभक्त कौम ने न तो कभी हिंसा का सहारा लिया, न किसी के घर में आग लगाई। साथ ही किसी की भावनाओं को आहत भी नहीं किया। लेकिन लोकतंत्र में ताकत नहीं दिखाने वालों को बुजदिल और कायर समझा जाने लगा है। इसलिए राजपूतों को हिंसा का सहारा लिए बगैर अपने हकों के लिए हुकूमतों के घुटने टिकाने चाहिएं। वो चाहे राजनीतिक उपेक्षा के खिलाफ हो या सरकारी उपेक्षा के खिलाफ। आर्थिक सम्बल नहीं मिलने का मामला भी हो सकता है। फिर चाहे हुकूमत किसी भी पार्टी की हो। क्योंकि लोकतंत्र में सिर झुकाने की नहीं, स्वाभिमान से खड़े होकर सिर गिनाने की आवश्यकता है।
विधायक ने आगे कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, पृथ्वीराज चौहान, महाराणा सांगा मुगलों से टकराए और देश पर प्राण न्यौछावर कर दिए। इसी प्रकार हजारों लोग देश को बचाने के लिए अंग्रेजों से टकराए और शहीद हो गए। लेकिन आज हमारे देश के ही लोग देश को गालियां दे रहे हैं। भारत माता की छाती पर निर्दोष लोगों का खून बहा रहे हैं। वन्दे मातरम् कहने में शर्म महसूस कर रहे हैं। भारत माता की जय बोलने को अपराध समझ रहे हैं। जिस तिरंगे के लिए भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू फांसी के फंदे पर चढè गए उस तिरंगे को जला रहे हैं। पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगा रहे हैं। ऐसे हालातों में भी देश और प्रदेश की बहादुर क्षत्रिय कौम में देशभक्ति का जज्बा कूट- कूट कर भरा है। क्षत्राणियां अपनी कोख से पैदा होने वाले कलेजे के टुकड़े को तिलक लगाकर देश की रक्षा के लिए गर्व के साथ भेज रही हैं। चीन की सीमा हो या पाकिस्तान की सीमा, अधिकांश राजपूत नौजवान ही ईमानदारी और बहादुरी से सजग प्रहरी के रूप में देश की रक्षा कर रहे हैं। राजावत ने कहा कि राजस्थान की धरती पर निर्माण का इतिहास भी राजपूतों ने ही रचा। चित्तौड़ दुर्ग, जैसलमेर का सोनार किला, जोधपुर का मेहरानगढ़, सवाई माधोपुर का रणथम्भौर, झालावाड़ का गागरोन, कुम्भलगढ़ आदि सैंकड़ों छोटे-बड़े दुर्ग बनाए गए। इन्हें देखने के लिए दो करोड़ देसी-विदेशी पर्यटक राजस्थान आते हैं।

अस्सी साल से भूतल तक ही सिमटा रहा राजपूत छात्रावास

राजावत ने व्यंग्य किया कि भीम राजपूत छात्रावास का निर्माण हुए 80 साल से भी ज्यादा हो गए। मगर इसके कमरे भूतल तक ही सीमित हैं। हम 80 साल में एक मंजिल भी नहीं बढ़ा पाए। जबकि हमारे से बहुत पिछड़े हुए समाज 10 साल के आवंटित भूखण्डों पर 5-10 मंजिला इमारतें खड़ी कर चुके हैं। ऐसे में हमें भी समाज के लिए युद्धस्तर पर जनोपयोगी भवनों का निर्माण करना होगा। इस अवसर पर महाराव भीमसिंह विश्राम गृह के निर्माण के लिए विधायक भवानी सिंह राजावत ने 5 लाख रुपए, समिति के अध्यक्ष भंवर सिंह घाटी ने 5 लाख रुपए और चन्दन सिंह शक्तावत ने 1 लाख रुपए देने की घोषणा की। समारोह को समिति अध्यक्ष भंवर सिंह घाटी, महामंत्री राजेन्द्र सिंह तंवर, भाजपा देहात जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह अमृतकुआं व वीरेन्द्र सिंह शक्तावत ने भी सम्बोधित किया।