थोड़ी ही देर में कन्हैया कुमार का झूंठ सामने आ गया

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न्यूज चक्र  @ मुम्बई

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने रविवार को आरोप लगाया कि मुंबई से पुणे जाने वाले विमान में एक सहयात्री ने उसका गला दबाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर कन्हैया के आरोपों को गलत बताया है। जिस सहयात्री पर यह आरोप लगा है, उसके पैर में जख्म होने से वह लड़खड़ा गया था |

कन्हैया ने एक ट्वीट में कहा- इस बार विमान के अंदर एक व्यक्ति ने मेरा गला दबाने की कोशिश की। यह कथित घटना उस वक्त हुई जब वह जेट एयरवेज के विमान के भीतर था। बाद में कन्हैया को सुरक्षा का हवाला देते हुए विमान से उतारा गया और सड़क मार्ग से पुणे ले जाया गया। घटना के बाद 33 वर्षीय मानस ज्योति डेका नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वह पुणे टीसीएस का कर्मी है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच से लगता है कि विमान में बैठने को लेकर दो समूहों में कहासुनी हुई और कन्हैया उनमें से एक था। इसकी वजह से नौ लोगों को विमान से उतारा गया था। हालांकि, पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बीच, डेका ने कन्हैया के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वह सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए ऐसा कह रहा है।

डेका ने कहा, मेरा हाथ उसकी गर्दन से टकराने वाला था, क्योंकि मेरे पैर में दर्द था और मैं खुद को संतुलित करने का प्रयास कर रहा था। मैं उसको निजी तौर नहीं जानता, हालांकि मैंने उसकी तस्वीर देखी है। यह सब सस्ती लोकप्रियता के कारण हो रहा है।

सियासत भी शुरू महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री राम शिंदे ने कहा कि कन्हैया राज्य की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया है। वहीं, भाकपा नेता बालचंद्र कंगो ने आरोप लगाया कि यह कथित हमला अलोकतांत्रिक ताकतों की पूर्व नियोजित साजिश थी, ताकि कन्हैया को पुणे आने से रोका जा सके।

अचंभा तो यह-उद्धव ने भी सरकार पर साधा निशाना

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मोदी सरकार पर परोक्ष रूप से हमला किया। उन्होंने कहा, युवकों को सही दिशा दिखाने के बजाए इसने रोहित वेमुला, हार्दिक पटेल और कन्हैया कुमार को जन्म दिया है। ये युवक पिछले कुछ महीने से सुर्खियों में हैं। ठाकरे ने कहा, भारत में युवकों की संख्या काफी ज्यादा है। उनको उचित दिशा और राह दिखाने के बजाए सरकार उन्हें गुमराह कर रही है।

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