सरकार की सख्ती के आगे आखिर झुके सर्राफा व्यापारी

एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी के विरोध में जारी हड़ताल स्थगित, सुबह से खुल जाएंगी दुकानें

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न्यूज चक्र @ जयपुर / कोटा

सर्राफा व्यापारियों की लंबी चली हड़ताल के बावजूद केन्द्र सरकार नहीं झुकी। हताश हो सोमवार को सर्राफा व्यापारियों ने ही इसे 26 अप्रेल तक स्थगित करने का फैसला किया। 41 दिन बाद अब सुबह से दुकानें खुल जाएंगी। सर्राफा कारोबारियों की जयपुर में आयोजित आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
आम बजट में ज्वैलरी पर एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी लागू करने के विरोध में 41 दिन से यह हड़ताल जारी थी। मगर इसे लंबी खिंचता देख सर्राफा व्यापारी दो धड़ों में बंट गए। इसमें राजस्थान सर्राफा संघर्ष समिति से जुड़े कारोबारियों ने ही हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की है। जबकि सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी से जुड़े कारोबारी इससे अलग है।
सर्राफा संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने बताया कि राज्यभर से आए करीब 200 सर्राफा प्रतिनिधियों की यहां एक होटल में बैठक हुई। इसमें सर्व सम्मति से हड़ताल 26 अप्रेल तक स्थगित करना तय किया गया है।

ये बताए कारण

सर्राफा संघर्ष समिति का कहना है कि रविवार को नई दिल्ली में ऑल इंडिया ज्वैलर्स एक्शन कमेटी के पदाधिकारियों की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और पीयूष गोयल के साथ बैठक हुई। इसमें उन्होंने सोने-चांदी के आभूषणों से एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग सहित व्यापारियों की समस्याएं लिखित में देने को कहा। साथ ही उनके समाधान का आश्वासन दिया है। अगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 26 अप्रेल के बाद व्यापारी फिर से सड़कों पर उतरेंगे।
वहीं, सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल ने कहा कि अभी हड़ताल स्थगित करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। इस संबंध में हमारी कार्यकारिणी की बैठक चल रही है। उसमें रात तक निर्णय होने की संभावना है।

41 दिन बाद खुलेंगे सर्राफा बाजार

कोटा में आंदोलन समिति के संयोजक अरुण कोठारी ने बताया कि यहां भी दुकानें खुल जाएंगी। स्वर्ण रजत कला उत्थान समिति के अध्यक्ष रमेश सोनी ने भी व्यापारियों को दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार पंचायत के अध्यक्ष भुवनेश कुमार सोनी ने बताया कि कोटा मैढ़ स्वर्णकार भी बुधवार से दुकानें खोलेंगे।