बूंदी तहसीलदार व गैंडोली पुलिस पर कालबेलिया परिवार ने लगाए गम्भीर आरोप

तहसीलदार चरक लाल मीणा व गैंडाली थानेदार अरविन्द शर्मा ने पूरी तरह नकारा

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बूंदी। कालबेलिया परिवार की ओर से उपलब्ध करवार्इ गई वो फोटो, जिसे इन्होंने कार्रवाई के दौरान का बताया है।

न्यूज चक्र @ बूंदी

जिले के खटकड़ कस्बे के निवासी बाबू लाल कालबेलिया व इसके परिवार ने तहसील प्रशासन व पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। इनके अनुसार चालीस साल से कब्जाशुदा आठ बिस्वा जमीन से पड़ोसी खातेदार नरेश कुमार लोधा के हित के कारण उन्हें बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। करीब तीस साल से ये इस जमीन की पैनल्टी भी जमा करवा रहे हैं। लोधा से मिली-भगत होने के कारण ही नौ अप्रेल को उस जमीन पर बनी हुई टापरियों आदि को पुलिस ने हटा कर सामान भी जब्त कर लिया।
बाबू लाल अपने परिवार के साथ न्यूज चक्र कार्यालय में आया और अपनी व्यथा सुनाई। इसका कहना था कि उनकी कब्जाशुदा जमीन से निर्माण को हटाने की कार्रवाई लोधा की जेसीबी व ट्रेक्टर की सहायता से की गई। इस कार्रवाई के समय वे चारों भाई वहां नहीं थे। वहां परिवार की एक छोटी बच्ची ही थी। वह इस दौरान रोती रही। बाद में जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंचे।

लोधा ने की थी जमीन को खरीदने की कोशिश

बाबूलाल का यह भी कहना था कि उनकी जमीन का खसरा नम्बर 292 है। इस पर उस सहित चारों भाइयों के नाम से कब्जा होने से इनके नाम से पैनल्टी जमा करवाई जा रही है। पास की जमीन खसरा नम्बर 291 नरेश कुमार लोधा ने काफी पहले खरीद ली थी। वह तभी से उनकी जमीन भी खरीदने की कोशिश कर रहा है। उसने कई बार उनसे यह बात कही। मगर इनकार करने पर धमकियां देना शुरू कर दिया था। इसके बाद वह अपने पैसों के बल पर उन्हें वहां से बेदखल करवाने के प्रयास में लगा हुआ है।
इन आरोपों पर गैंडोली थानाधिकारी अरविन्द शर्मा व बूंदी तहसीलदार चरक लाल मीणा से उनका पक्ष लिया गया-

थानाधिकारी अरविन्द शर्मा ने यह कहा-

पुलिस तो मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गई थी। तहसीलदार जी ने यह अतिक्रमण हटवाया है। ये लोग (कालबेलिया परिवार) तो खुद भू-माफियाओं के इशारे पर काम कर रहा है। उलटा ये तो खुद नरेन्द्र की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। (हालांकि शर्मा तुरंत नरेन्द्र की जमीन पर कब्जे वाली बात पर संभले व उसे बदलने की कोशिश करने लगे )

बूंदी तहसीलदार चरक लाल मीणा ने यह कहा-

रोड के साइड बेशकीमती सरकारी जमीन है। इस पर इनका (कालबेलिया परिवार का) कभी कब्जा नहीं रहा। ये इस जमीन पर कब्जा करके बेचना चाहते हैं। इस मामले में इन पर किसी का हाथ भी हो सकता है। इन लोगोें ने इस जमीन के पास किसी खातेदार की जमीन पर पक्का निर्माण कर लिया। वहां झोपड़ी डालकर आराम करने लगे। पैनल्टी कोई आदमी चुकाता है तो कोई टाइटल नहीं हो जाता है। यह जमीन इनके नाम कभी भी नहीं हो सकती है। ये जो भी आरोप लगा रहे हैं, वो सब गलत हैं। जिसके खिलाफ कार्रवाई होगी, वो तो ऐसा करेगा ही। कार्रवाई में नरेन्द्र की ट्रैक्टर-ट्रॉली व जेसीबी की जहां तक बात है तो हमने तो ग्राम पंचायत को संसाधन उपलब्ध करवाने को कहा था। कार्रवाई के बाद जब्त सामानों की सुपुर्दगी भी ग्राम पंचायत को ही दी गई है। दो-तीन महीने से इन्हें खूब समझाया जा रहा था। ऐसी कार्रवाई बहुतों पर हुई है। उन्हें जेसी भी भेजा गया है। यह तो अच्छा हुआ इन्हें जेसी नहीं भेजा।
नोट-इस मामले के एक अन्य पक्ष नरेन्द्ग कुमार लोधा से भी न्यूज चक्र ने सम्पर्क करने की कोशिश की। मगर उनके कॉन्टेक्ट नंबर नहीं मिल पाने से यह संभव नहीं हो सका। बाद में वे अपना पक्ष देंगे तो उसे भी सहर्ष वेब कास्ट किया जाएगा।

बूंदी। पुलिस व प्रशासन पर गभ्भीर आरोप लगाने वाला कालबेलिया परिवार।
बूंदी। पुलिस व प्रशासन पर गभ्भीर आरोप लगाने वाला कालबेलिया परिवार।