सऊदी महिलाओं ने लगाए भारत माता की जय के नारे, मोदी के साथ ली सेल्फी

प्रधानमंत्री मोदी के टीसीएस कम्पनी के दफ्तर में पहुंचने पर कर्मचारियों ने दिखाई बेहद गर्मजोशी, शरिया कानून नहीं आया आड़े, मोदी हुए प्रसन्न

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रियाद में मजदूरों के साथ भोजन करते प्रधानमंत्री मोदी।
रियाद में मजदूरों के साथ भोजन करते प्रधानमंत्री मोदी।

न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौरे के दूसरे दिन रविवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिक कम्पनी आईटीसी द्बारा रियाद शहर में संचालित अपने किस्म के पहले सूचना प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण केन्द्र में गए। यहां बुर्का पहने हुए महिलाओं ने जमकर भारत माता की जय के नारे लगाए। साथ ही मोदी के साथ सेल्फी भी ली। गौरतलब है कि यह प्रशिक्षण केन्द्र महिलों के लिए ही संचालित किया जा रहा है। इसका संचालन भी सिर्फ महिलाएं ही करती हैं। यहां प्रधानमंत्री ने सऊदी महिला आईटी प्रोफेशनल्स से बातचीत भी की। साथ ही उन्हें भारत आने का न्यौता भी दिया। वहीं भारत में इस खबर के आते ही कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियां खिसियानी प्रतिक्रिया देते दिखाई दे रहे हैं। वहीं कई प्रमुख मुस्लिम उलेमाओं ने रियाद में लगे इस नारे का स्वागत किया है।
मोदी ने टीसीएस की महिला प्रोफेशनल्स से बातचीत में कहा कि दुनिया के लिए आज यह एक प्रमुख खबर है कि मैं रियाद में उन आईटी पेशेवरों से मिल रहा हूं, जो सऊदी अरब के गौरव का प्रतिनिधित्व करती हैं। वह केन्द्र में करीब 4० मिनट तक रहे। इस दौरान उन्होंने सेल्फी भी खिचवाई। जैसे ही पीएम नरेंद्र मोदी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के ऑल वूमन आईटी और आईटीईएस के मंच पर पहुंचे, माहौल काफी खुशगवार हो गया। इस दौरान महिलाओं ने बुलंद आवाज में ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
टीसीएस के केन्द्र में बीपीओ परिचालन में एक हजार महिलाएं कार्यरत हैं। इनमें से 85 प्रतिशत महिलाएं सऊदी नागरिक हैं। टीसीएस ने रियाद में पूर्ण महिला बीपीओ केन्द्र वर्ष 2013 में स्थापित किया था।

उल्लेखनीय है कि भारत में भारत माता की जय बोलने या नहीं बोलने की वकालत करने का मुद्दा काफी गर्माया हुआ है। कई प्रमुख नेता इस बात को लेकर भारतीय जनता पार्टी को घ्ोरने की कोशिश करते रहते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रताप सिंह से जब एबीपी चैनल ने प्रतिक्रिया चाही तो वे इस मुद्दे को छोड़कर देश की कई समस्याएं गिनाने लगे।

शरियत कानून के बावजूद भारत माता की जय

यहां गौरतलब है कि सऊदी अरब में शरिया कानून लागू है। अर्थात वहां सब कुछ मुस्लिम धर्म के रीति-रिवाजों, कुरान के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही होता है। इसके बावजूद भारत जैसे उदार देश में तो बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलम्बी भारत माता की जय बोलने का विरोध कर रहे हैं। जबकि यहां 99 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम आबादी हिन्दू धर्म से ही कनवर्टेट है। वहीं सऊदी अरब जैसे देश में शुद्ध मुस्लिम नस्ल की आबादी है। इसके बावजूद वहां कट्टरपंथ की जगह उदारता और भारत में कट्टरपंथ दिखना बहुत बड़े सवाल खड़े करता है।