फागोत्सव की मस्ती में जमकर थिरके कायस्थ समाजबंधु

191
1234

k 1

 

k 2

न्यूज चक्र @ बूंदी

कृष्ण भक्ति व होली के मस्ती भरे गीतों के साथ गरबा की तरंगों पर झूमते-गाते कायस्थ समाज के महिला-पुरुष व बच्चे। बीच-बीच में बरसाए जा रहे गुलाब के फूल। हर कोई आल्हादित, उत्साहित, आनंद से भरपूर। यह नजारा था करीब पांच घंटे तक चले कायस्थ समाज, बूंदी के फागोत्सव का। इस दौरान ऑर्केस्ट्रा की मधुर व हर किसी को थिरकने को मजबूर कर देने वाली धुनों के साथ कलाकारों की गायकी ने खूब समां बांधा। उस पर समाज के अध्यक्ष विजय प्रकाश भटनागर ने भी ऑर्केस्ट्रा के साथ भजनों पर जोरदार संगत कर कार्यक्रम के रोमांच को और बढ़ा दिया।
रविवार को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से यह कार्यक्रम बालचंद पाड़ा स्थित समाज के मंदिर परिसर में शुरू हुआ। समाज के हर आगंतुक सदस्य का सुगंधित गुलाल से टीका लगा कर स्वागत किया गया। बीच में अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी। अंत में मंदिर में स्थित भगवान चारभुजा नाथ की भव्य आरती के बाद प्रसाद का वितरण भी किया गया। इसके बाद सभी मौजूद महिला-पुरुषों ने कार्यक्रम के बारे में अपने विचार प्रकट किए। सभी ने इसे बूंदी में कायस्थ समाज के इतिहास का अभूतपूर्व कार्यक्रम करार दिया। रघुनंदन माथुर व प्रदीप माथुर ने सुझाव दिया कि समाज के आगामी सभी कार्यक्रम इसी मंदिर में आयोजित किए जाएं। इसे सभी ने एकमत से स्वीकार कर लिया। मगर भाईदूज पर होने वाली भगवान चित्रगु’ व कलाम-दवात की पूजा के लिए काफी पहले ही मालनमासी बालाजी का स्थान तय कर दिए जाने से सिर्फ इस कार्यक्रम को वहीं आयोजित करने का निर्णय किया गया। मगर उस दिन भी मालनमासी बालाजी के स्थान पर होने वाली पूजा से पूर्व समाज की कार्यकारिणी के सभी सदस्यों का समाज के मंदिर में होने वाली पूजा में मौजूद रहना भी तय किया गया। इसके अलावा जल्द ही समाज का गेट-टू-गेदर आयोजित करने पर भी सहमति बनी। एडवोकेट भूपेन्द्र सहाय सक्सेना ने भी अपने जोशीले उद्बोधन में भब्य कार्यक्रम के आयोजन के लिए युवा मंडल के साथ महिला मंडल को भी बधाई दी। साथ ही कायस्थ समाज के सभी घरों के बाहर नेम प्लेट के अलावा जय चित्रांश का विश्ोष स्टीकर लगाने का भी सुझाव दिया। इसे भी सभी ने एकमत से स्वीकार किया। महिला सदस्यों ने भी कार्यक्रम की भरपूर सराहना करने के साथ अहम सुझाव भी दिए। संबोधित करने वाले व उपस्थित समाजबंधुओं में जगदीश प्रसाद भटनागर, दया स्वरूप भटनागर, शिव प्रसाद भटनागर, दीनदयाल माथुर, राधारमण माथुर, सूर्यप्रकाश माथुर, अशोक सक्सेना, संजय माथुर, सत्य प्रकाश माथुर, राजीव सक्सेना, वेद प्रकाश सक्सेना, मुकेश माथुर, निलेश भटनागर, गिरिश भटनागर, अंशुल माथुर, भास्कर माथुर, वैभव सक्सेना, फणी भूषण माथुर,भूपेन्द्र भटनागर, सोनू माथुर, रमेश सक्सेना आदि भी शामिल थ्ो। साथ ही महिला सदस्यों में कार्यक्रम संयोजक कमलेश सक्सेना व सहसंयोजक श्ौवाली भटनागर के अलावा ललिता माथुर, सरोज माथुर, रूपिका सक्सेना, ममता सक्सेना, पुष्पा माथुर, नीलम सक्सेना, कांति देवी भटनागर, तरुणा सक्सेना, मधु माथुर, गरिमा सक्सेना, बृजेश माथुर, रेणु माथुर, अलका भटनागर, संगीता माथुर, ऋतु सक्सेना, नेहा माथुर, कृति माथुर आदि शामिल थीं। इस कार्यक्रम के आयोजन में संगठन मंत्री वेद प्रकाश सक्सेना के अलावा नवयुवक मंडल के सदस्यों की अहम भूमिका रही। संचालन मीडिया प्रभारी राजीव सक्सेना ने किया।