कोटा के कोचिंग संस्थानों को गाइड लाइन की सख्ती से पालना की हिदायत

जिला कलक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने ली कोचिंग संचालकों व हॉस्टल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक, गाइड लाइन पालना की हुई समीक्षा

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न्यूज चक्र @ कोटा

जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने कहा कि शैक्षिक नगरी कोटा के स्वरूप को बरकरार रखने के लिए विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण व आवास सुविधा उपलब्ध कराना हम सब की जिम्मेदारी है। प्रशासन के द्वारा इस संबंध में बनाई गई गाडड लाइन की पालना में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी कोचिंग संस्थानों को तनाव मुक्त शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना होगा। डॉ. सुरपुर मंगलवार को टैगोर हॉल में आयोजित गाइड लाइन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इसमें कोचिंग संचालक व हॉस्टल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक में विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कई निर्णय भी लिए गए।

जिला कलक्टर ने सभी कोचिंग संस्थानों में साइक्लॉजिस्ट व काउन्सलर की सेवाएं स्थाई रूप से लेने के साथ समय-समय पर मोटिवेशन क्लास आयोजित करने के भी निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान काउन्सलर की नियुक्ति, प्रवेश से पूर्व स्क्रीनिंग की व्यवस्था, तनाव मुक्ति के लिए किए जा रहे नवाचार, फीस रिफन्ड व्यवस्था , हेल्पलाइन व बैचवार विद्यार्थियों की छटनी के संबंध में कोचिंग संस्थानवार समीक्षा की गई। इसमें जिला प्रशासन की ओर से गठित टीम द्वारा कोचिंग संस्थानों के किए गए आकस्मिक निरीक्षण में सभी के गाइड लाइन की पालना किए जाने की बात भी सामने आई।
ये पालना करनी होगी
हॉस्टल एवं कोचिंग संस्थानों में आपसी समन्वय के लिए निरंतर संवाद किया जाए। विद्यार्थियों के अनुपस्थित रहने की सूचना दी जाए। संस्थानों की केंटिन में पोष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। विद्यार्थियों को काउन्सलिग के लिए अनेक विकल्प प्रदान किए जाएं। सभी कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों के लिए खेल व मंनोरंजन की आउटडोर गतिविधियां आयोजित करें। कोचिंग में प्रवेश से पूर्व विद्यार्थियों व अभिभावकों की ग्रुप काउन्सलिंग की जाए। विद्यार्थियों को कक्षाओं में बैठने के लिए रोस्टर पद्धति अपनाई जाएगी। प्रत्येक बैच को योग्य फैकल्टी द्वारा कोचिंग प्रदान की जाए। एक कक्षा में अधिकतम सौ विद्यार्थियों का बैच हो। विद्यार्थियों को कोचिंग के दौरान बैठक व्यवस्था के लिए बैक रेस्ट वाली चेयर या बैंच उपलब्ध कराई जाए। सभी कोचिंग संस्थानों के बाहर होप हेल्प लाइन के संबंध में फ्लेक्स प्रदर्शित करें। सत्र के बीच में कोचिग छोड़कर जाने वाले विद्यार्थियों को फीस रिर्टन का फार्म भी ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाए।

ईशा योगा फाउंडेशन देगा प्रशिक्षण

तनाव मुक्त जीवन जीना सिखाने के लिए ईशा योगा फाउंडेशन 5 मार्च को प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगा। इसमें सुबह 9 से 12 बजे तक ऐलन कोचिंग संस्थान के ऑडिटोरियम में तथा दोपहर 12 से अपराह्न् 3 बजे तक यूआईटी के ऑडिटोरियम में सभी फैकल्टी व हॉस्टल संचालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह संस्थान उच्च अधिकारियों के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।

समीक्षा बैठक में इन्होंने की शिरकत

वाईब्रेंट, ऐलन, रेजोरेंस , मोशन एज्युकेशन, आकाश, केरियर पॉइंट, इनफिनेंट व बंसल क्लासेस के प्रतिनिधि इस बैठक में मौजूद रहे। ऐलन कोचिंग इन्स्टीट्यूट, रेजोरेंस व आकाश इन्स्टीट्यूट द्बारा विद्यार्थियों के लिए समीप के पार्कों को गोद लेकर रख-रखाव करने का प्रस्ताव भी दिया गया। जिला कलक्टर ने अन्य संस्थाओं को भी पार्क व बस स्टॉप पॉइंट को विकसित करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस अवसर पर एडीएम सिटी सुनीता डागा, एएसपी शहर अनंत कुमार , जिला आबकारी अधिकारी वासुदेव मालावत, ऐलन के नवीन माहेश्वरी, डॉ. वीएस शेखावत, डॉ. राजेन्द्र सिह राठौड़, डॉ. विनोद, डॉ. डीके विजयवर्गीय सहित सभी कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे

हॉस्टल व मैस संचालकों के लिए भी बनेगी गाइड लाइन

जिला प्रशासन हॉस्टल संचालन व पेइंग गेस्ट संचालन के लिए भी गाइड लाइन बनाएगा। इनकी पालना अनिवार्य की जाएगी। साथ ही हॉस्टल, मैस संचालकों व पेइंग गेस्ट को आवास मुहैया कराने वालों के लिए कार्यशाला आयोजित कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. सुरपुर ने शहर में संचालित सभी साइबर कैफे का लाइसेंस व उनके समय की पालना की जांच के लिए पुलिस को अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर में हुक्काबार के संचालन को भी गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीें किया जाएगा। पुलिस इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। समीक्षा बैठक में शहर में करीब एक हजार हॉस्टल, पचास बड़े व पांच सौ छोटे मैस, लगभग पांच सौ टिफिन सेंटर, 35 हजार पेइंग गेस्ट हाउस संचालित होने की जानकारी दी गई।