आम बजट 2016-17 : गरीब, किसानों के हित का बजट, सर्विस टैक्स में मामूली बढ़ोतरी

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न्यूज चक्र नई @ दिल्ली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को वर्ष 2016-17 का बजट पेश किया। इसमें छोटे टैक्स पेयरों को राहत देने की कोशिश की गई है। वहीं मिडिल और अपर मिडिल क्लास तथा अमीरों पर बोझ बढ़ाया गया है। एक करोड़ से ज्यादा कमाई करने वालों पर सरचार्ज तीन प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। सर्विस टैक्स 14.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। इसका मतलब है कि लगभग हर चीज थोड़ी ही सही मगर महंगी हो जाएगी। वहीं नए सरकारी कर्मचारियों के लिए पहले तीन साल तक की भविष्य निधि राशि (पीएफ) सरकार की ओर से जमा कराए जाने की घोषणा कर उन्हें बड़ा तोहफा दिया गया है। पीएफ का दायरा बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही कृषि व ग्रामीण क्ष्ोत्र के लिए इस आम बजट में कई बड़े प्रावधान कर सरकार ने उस पर लगते आ रहे सूट बूट की सरकार के तमगे को जैसे पूरी तरह हटा दिया है।

सर्विस टैक्स बढ़ने से ये हो जाएंगे महंगे
– हवाई सफर
– रेल का टिकट
– सिनेमा
– मोबाइल फोन बिल
– होटल में खाना
– ब्यूटी पार्लर का बिल
– केबल
– इंश्योरेंस पॉलिसी
– बैंकिग और फाइनेंशियल सर्विसेज

क्या मिलेगा सस्ता और किसके लिए चुकानी होगी अधिक कीमत

बीड़ी को छोड़कर सिगरेट सहित सभी तम्बाकू प्रोडक्ट्स पर 10 से 15 प्रतिशत उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया है। 10 लाख से अधिक की लक्जरी कार पर 1% अतिरिक्त कर, छोटी कारों पर 1% इंफ्रास्ट्रक्चर कर, डीजल कारों पर 2.5% और एसयूवी पर 4% उपकर लगाया गया है।

जेटली ने अपने बजट भाषण ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को 1000 करोड़ रुपए का फंड दिया जाएगा। सभी नए कर्मचारियों के लिए पहले तीन साल सरकार ही कर्मचारी भविष्य निधि में 8.33 प्रतिशत का योगदान करेगी। 50 हजार किलोमीटर राज्य राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2. 21 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है।

युवाओं के लिए खोली झोली, तीन साल में एक करोड़ युवा होंगे लाभान्वित
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अगले तीन वर्षों में सरकार के कौशल विकास कार्यक्रम के तहत एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। लोकसभा में वित्त वर्ष 2016-17 के लिए आम बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 1,500 बहु-कौशल प्रशिक्षण संस्थान स्थापित कर एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण मुहैया कराना है।
देशभर की जनता बजट में अपने लिए खास जानने के लिए उत्सुक रही। सरकार ने किसानों को राहत देने के साथ अमीरों पर बोझ बढ़ा दिया।आमजन को बजट में ये खास सौगातें मिलीं-
सस्ता-पहली बार मकान खरीदने वालों को ब्याज में पचास हजार रुपए की राहत। यहां शर्त यह है कि मकान की कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। आसान शब्दों में कहा जाए तो मकान का लोन सस्ता हो जाएगा। डाइलेसिस में काम आने वाली मशीनों पर छूट दी जाएगी। इससे डाइलेसिस कराने वाले लोगों को यह सुविधा सस्ती मिलेगी। दिव्यांगों के उपकरण में छूट।

बजट की ये भी हैं खास बातें-

वित्त मंत्री जेटली के 2016-17 के बजट में जहां एक ओर छोटे आयकर दाताओं को राहत दी गई है, वहीं एक करोड़ रुपए से अधिक की कमाई करने वालों पर अधिभार तीन प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। यात्री कारों पर अलग-अलग दर से प्रदूषण उपकर तथा देश में कालाधन रखने वालों के लिए 45 प्रतिशत कर व जुर्माने के साथ एक बारगी अनुपालन खिड़की का प्रस्ताव किया गया है। जेटली ने कषि क्षेत्र में सुधार के लिए सभी कर योग्य सेवाओं पर 0.5 प्रतिशत कृषि कल्याण उपकर लगाने का भी प्रस्ताव किया। साथ ही शीत गृह, रेफ्रिजरेटेड कंटेनर्स व अन्य वस्तुओं पर परियोजना आयात पर शुल्क में छूट की घोषणा की।

सरकार पर अतिरिक्त बोझ

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार पर 2016-17 में सातवें वेतन आयोग और ओआरओपी खर्च का अतिरिक्त बोझ आएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी लाभ सिर्फ जरूरतमंदों को मिले, इसके लिए सरकार कानून बनाएगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक निर्यात में गिरावट के बावजूद 2015-16 में वद्धि दर बढ़कर 7.6 प्रतिशत पर पहुंच गई। हमारी बाहरी स्थिति मजबूत है। चालू खाते का घाटा घटकर 14.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह जीडीपी के 1.4 प्रतिशत के बराबर होगा।

नौ क्षेत्रों पर केंद्रित बजट

जेटली ने कहा कि उपभोक्ता थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति पिछले तीन साल में 9.4 प्रतिशत रही। यह अब घटकर 5.5 प्रतिशत पर आ गई है। उन्होंने कहा कि बजट नौ क्षेत्रों- कृषि क्षेत्र, ग्रामीण ढांचा, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा एवं कौशल विकास, जीवनस्तर में सुधार, वित्तीय क्षेत्र, कारोबार सुगमता और कर सुधारों पर केंद्रित होंगे।

ई-मार्केटिग प्लेटफॉर्म होगा शुरू

जेटली ने कहा कि हमें ढांचागत सुधारों के जरिये अपनी बचाव क्षमता को मजबूत करना होगा। घरेलू बाजार पर निर्भर रहना होगा, जिससे वृद्धि सुस्त न पड़े। उन्होंने घोषणा की कि ई मार्केटिग प्लेटफार्म 14 अप्रैल, 2016 को बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर शुरू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2016-17 के लिए कृषि ऋण का लक्ष्य 9 लाख करोड़ रुपए है। साथ ही सरकार 2016-17 में दलहन की खरीद को बढ़ावा देगी।

2018 तक हर गांव को बिजली मिलेगी

अपनी बड़ी घोषणाओं में उन्होंने कहा कि आधार प्लेटफार्म पर लाभ के पात्र लोगों के लिए कानून बनाया जाएगा। मनरेगा के लिए 2016-17 में 38,500 करोड़ रुपए का प्रावधान है। साथ ही एक मई, 2018 तक देश के सभी गांवों में बिजली पहुंचाई जाएगी। जेटली ने कृषि क्षेत्र के लिए 35,984 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की। 2016-17 में डेढ़ करोड़ गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन के लिए 2 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया।

गहरे पानी में खोजेंगे गैस

केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार गहरे पानी में गैस खोज के लिए प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिए 8 हजार 5 सौ करोड़ रुपए की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि कृषि विकास योजना के तहत तीन साल में पांच लाख एकड़ जमीन को जैविक खेती के तहत लाया जाएगा। साथ ही नाबार्ड में 20 हजार करोड़ रुपए के कोष के साथ दीर्घावधि का एक समर्पित सिचाई कोष बनाया जाएगा। भूजल बढ़ाने के प्रयासों के लिए 60 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 2016-17 में 19 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा। राज्यों के योगदान के बाद यह राशि 27 हजार करोड़ रुपए होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डायलिसिस योजना के तहत देश के हर जिले में मूल सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है। 62 नए नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत 62 नए नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे। स्कूल प्रमाण पत्रों को सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल डिपाजिटरी खोली जाएगी। फसल बीमा योजना के लिए सरकार 5,500 करोड़ रुपए का आवंटन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार 300 आर अर्बन संकुलों का विकास करेगी। संगठित क्षेत्र में कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। ढांचागत क्षेत्र के लिए 2016-17 में 2 लाख 21 हजार 243 करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के लिए जेटली 9 हजार करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की। छह करोड़ ग्रामीण परिवारों के लिए डिजिटल साक्षरता योजना शुरू की जाएगी। 2016-17 में ग्राम सड़क योजना सहित सड़क क्षेत्र के लिए कुल 97 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा। जबकि ग्रामीण विकास के लिए 87 हजार 765 करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा। 3 हजार 5 सौ सस्ती दवाओं के मेडिकल स्टोर खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि 75 लाख लोगों ने एलपीजी सब्सिडी छोड़ दी है। अगले तीन साल में एक करोड़ युवाओं को कुशल बनाया जाएगा। एनएचएआई, आरईसी और नाबार्ड अगले वित्त वर्ष में पूंजी बाजार से 31 हजार 3 सौ करोड़ रुपए जुटाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रम के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए 1 हजार 500 बहु कौशल प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। इसके अलावा शॉपिग मॉल्स अब सप्ताह में सातों दिन खुलेंगे।
हैल्थ बीमा भी देगी सरकार
प्रति परिवार एक लाख रुपए का बीमा कवर प्रदान करने के लिए एक नई स्वास्थ्य सुरक्षा योजना दी जाएगी। साठ साल से ऊपर के लोगों को इस योजना में 30 हजार रुपए का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। जेटली ने कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 में बुनियादी ढांचा के लिए कुल परिव्यय 2.21 लाख करोड़ रुपए है। सार्वजनिक परिवहन में परमिट कानून को समाप्त करना मध्यावधि का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत इस साल फरवरी तक ढाई करोड़ छोटे व्यवसायियों को एक लाख करोड़ रुपए का कर्ज दिया गया। अगले वित्त वर्ष में 1.80 लाख करोड़ रुपए के ऋण वितरण का लक्ष्य है। बजट में सागरमाला परियोजना के लिए 8 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। साथ ही वर्ष 2016-17 में रेल और सड़क के लिए कुल आवंटन 2.18 लाख करोड़ रुपए रखा है। उन्होंने बताया कि दो हजार किलोमीटर राज्य राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों में बदला जाएगा। 2016-17 का कुल बजट खर्च 19.78 लाख करोड़ रुपए है। इसमें योजना व्यय 5.50 लाख करोड़ रुपए और गैर योजना व्यय 14.28 लाख करोड़ रुपए है। साथ ही सरकार परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए एक वृहद योजना तैयार कर रही है। इसके लिए वार्षिक आवंटन 3 हजार करोड़ रुपए हो सकता है।
टैक्स में राहत
कंेद्रिय वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि किराये के मकान में रहने वालों को 24 हजार रुपए सालाना के बजाय अब 60 हजार रुपए की कर राहत दी जाएगी। सीपीएसई की परिसंपत्तियों की रणनीतिक बिक्री के लिए सरकार नई नीति लाएगी। साथ ही अगले वित्त वर्ष में छोटी कंपनियों के लिए कारपोरेट कर में कटौती की शुरुआत की जाएगी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुन:पूंजीकरण के लिए 25 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बैंक बोर्ड ब्यूरो अगले वित्त वर्ष से परिचालन शुरू करेगा। बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही पहली बार मकान खरीदने वालों को ब्याज में 50 हजार रुपए की अतिरिक्त छूट मिलेगी। सरकार कारोबार में सुगमता के लिए कंपनी कानून में संशोधन का विधेयक लाएगी। कंपनियों का पंजीकरण एक दिन में संभव होगा। एनपीएस में निकासी के समय 40 प्रतिशत कोष पर कर छूट मिली। भारत में पैदा हुए और भारत में तैयार खाद्य उत्पादों पर 100 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी मिलेगी।
मोदी ने जेटली की पीठ थपथपाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली की पीठ थपथपाई। पीएम मोदी ने वित्त मंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि मैं वित्त मंत्री को खेती, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाले बजट के लिए बधाई देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए इस बजट में कई कदम उठाए गए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि बजट में किसानों का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि चूल्हे पर खाना बनाना सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। एक्सपर्ट बताते हैं कि जो गरीब महिला चूल्हे पर खाना बनाती है उसके भीतर 4०० सिगरेट का धुंआ भर जाता है। ग्रामीण इलाकों के 5 करोड़ परिवार अब चूल्हे से मुक्ति पा सकेंगे। हमारी सरकार ने उन्हें फ्री एलपीजी गैस कनेक्शन देने की घोषणा की है।
पीएम ने बजट को सपनों के करीब बताया और कहा कि अब तक सरकारें प्राथमिक शिक्षा के प्रचार पर ध्यान देती थीं, लेकिन हमने बेहतर शिक्षा पर ध्यान दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि 2018 तक हर गांव में बिजली होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और सामान्य मानव के जीवन में बदलाव होगा।
उन्होंने कहा कि इस बजट में टैक्स की जटिलताओं को सरल बनाया गया है। साथ ही बजट में सेना और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर 2 लाख करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है। युवाओं के विकास के लिए बेरोजगारों को रोजगार देने का मकसद है। इससे हमारी सीमाओं पर तैनात जवानों को भी फायदा होगा।

बजट भाषण के दौरान 150 से ज्यादा बार मेजें थपथपाईं गईं

वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट भाषण के दौरान लोकसभा में सत्ता पक्ष के सदस्यों ने डेढ़ सौ से अधिक बार मेजें थपथपाईं। कौशल विकास तथा शिक्षा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर सबसे अधिक खुशी जताई। लेकिन इस दौरान विपक्ष की तरफ से एक बार भी मेंजे नहीं थपथपाई गई। वित्त मंत्री ने जैसे ही मजबूती के साथ अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने की प्रतिबद्धता जताई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता पक्ष के लगभग सभी सदस्यों ने मेजें थपथपाना शुरू कर दिया। इसके बाद लगभग हर घोषणा पर मेजें थपथपाई गईं। इस दौरान सबसे ज्यादा आठ बार सदस्यों ने शिक्षा तथा कौशल विकास क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर मेंजे थपथपाई। रेल तथा सड़क क्षेत्र संबंधी घोषणाओं, गरीबों के लिए रसाई गैस के विशेष सिलेंडर की व्यवस्था तथा बिजली क्षेत्र की योजनाओं के लिए की गई घोषणाओं पर भी सदस्यों ने खुशी जताई। प्रधानमंत्री भी कई बार मेज थपथपाते नजर आए और आवास निर्माण तथा कृषि क्षेत्र की योजनाओं की घोषणा पर वह देर तक मेज थपथपाते रहे।
एक घंटे 40 मिनट का भाषण
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने करीब एक घंटे 40 मिनट लंबा अपना बजट भाषण पढा। शुरुआत में उन्होंने खड़े होकर भाषण पढ़ा, लेकिन करीब 20 मिनट बाद वह सीट पर बैठ गए और काफी देर तक बैठकर ही पढ़ते रहे। लेकिन फिर खड़े होकर ही उन्होंने भाषण पढ़ा। इस दौरान वित्त मंत्री ने तीन बार पानी पिया। वित्त मंत्री के करीब 15 मिनट तक भाषण पढ़ने के बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उन्हें कह दिया था, वह चाहें तो बैठकर अपना भाषण पढ़ सकते हैं।
पीएम ने मिलाया हाथ
वित्त मंत्री का लम्बा भाषण खत्म होने के तत्काल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी सीट पर गए और हाथ मिलाकर अच्छा बजट पेश के लिए उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री के साथ ही चलकर उनकी सीट तक पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिह ने भी उन्हें बधाई दी। इसी बीच उनकी बगल में बैठे भाजपा के आडवाणी ने भी उठकर उनसे हाथ मिलाया और उन्हें बधाई दी। इसी दौरान मंत्रिमंडल के कई अन्य सदस्य जेटली को बधाई देने के लिए उनकी सीट के पास पहुंच गए।

नहीं दी जाएंगी बजट की कागजी प्रतियां

केंद्र सरकार ने पर्यावरण की रक्षा का ख्याल रखते हुए फैसला किया है कि सोमवार को पेश हुए वर्ष 2016-17 के आम बजट की कागज की प्रतियां नहीं दी जाएंगी। हर साल लोकसभा में बजट पेश होने के बाद संवाददाताओं को संसद भवन के निर्धारित काउंटर से आम बजट के दस्तावेज की प्रतियां दी जाती थीं। लेकिन, इस साल सरकार ने पर्यावरण की रक्षा करने और पेड़ों को बचाने के अपने प्रयास के तहत संवाददाताओं को इसकी प्रतियां नहीं देने का फैसला किया है। आम बजट की प्रति के लिए सैकड़ों पन्नों की जरूरत होती है। इसकी कई पुस्तिकाएं होती हैं, जिनमें विभिन्न मंत्रालयों को किए गए आवंटनों की विस्तृत जानकारियों, योजना, राजस्व व्यय और अन्य वित्तीय विवरण होता है।