सबसे सस्ते फोन देने का दावा करने वाली रिंगिंग बेल्स ग्राहकों के पैसे लौटाने को तैयार

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 न्यूज चक्र @ नई दिल्ली

सबसे सस्ता फोन देने का दावा करने वाली रिंगिंग बेल्स कंपनी 30 हजार ग्राहकों को पैसा लौटाने को तैयार हो गई है। कंपनी ने शनिवार को कहा कि जिन ग्राहकों को संदेह है, वे पेमेंट गेटवे पेयूबिज के जरिये पैसा वापस ले सकते हैं। कंपनी के अध्यक्ष अशोक चड्ढा ने बताया कि पेमेंट गेटवे पेयूबिज से उनका समझौता है और फ्रीडम 251 के लिए लोगों से लिया गया पैसा पेमेंट गेटवे पेयूबिज के पास है। यह पैसा पेयूबिज तब तक रिंगिंग बेल्स को नहीं देगी, जब तक उसे लोगों को मोबाइल पहुंचाने का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता। यदि लोग चाहते हैं कि उनके रुपये वापस मिल जाएं तो वह पेमेंट गेटवे पेयूबिज से इसके लिए अनुरोध कर सकते हैं। कंपनी ग्राहकों को रुपये वापस पाने के लिए ईमेल भी भेज रही है।

कंपनी ने सिर्फ पंजीकरण कराने वालों को फोन घर पहुंचने पर भुगतान का विकल्प भी दिया है। चड्ढा ने कहा कि साईफ्यूचर बीपीओ कंपनी के पास हेल्पलाइन को संभालने की जिम्मेदारी थी। हेल्पलाइन पर करीब 12 लाख फोन आ रहे थे, लेकिन वह ग्राहक सूचना का काम सही से नहीं कर पाई। गौरतलब है कि फ्रीडम 251 के लिए करीब 25 लाख लोगों ने बुकिंग करा ली है। जबकि छह करोड़ से ज्यादा लोग पंजीकरण करा चुके हैं। उद्योग जगत का कहना है कि जिन फीचरों के साथ फ्रीडम 251 को लांच किया गया है, वैसा फोन तीन हजार रुपये से कम कीमत पर नहीं मिल सकता।

ईडी भी रिंगिंग बेल्स की जांच में जुटा

प्रवर्तन निदेशालय ने रिंगिंग बेल्स की वित्तीय स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को ईडी ने कंपनी और उसके प्रमोटरों के वित्तीय आंकड़ों और बैंक खातों को खंगाला। हालांकि कंपनी या उसके प्रमोटरों को अभी कोई नोटिस या समन अभी जारी नहीं किया गया है। नोएडा की फोन निर्माता कंपनी रिंगिंग बेल्स आयकर विभाग की भी निगाह है, जो उसके वित्तीय ढांचे का आकलन कर रही है। आयकर विभाग ने कंपनी से रजिस्ट्रार आॠप कंपनीज समेत अन्य जगहों से कंपनी के दस्तावेज हासिल किए हैं। उल्लेखनीय है कि फ्रीडम 251 की बुकिंग करोड़ों में पहुंचने के बाद उद्योग जगत ने दूरसंचार मंत्रालय से कंपनी की शिकायत की थी। दूरसंचार मंत्रालय ने ब्यूरो आफ इंडियन स्टैंडर्ड्स से प्रमाणन के बिना इस फोन की मार्केटिंग को लेकर कंपनी से सवाल किए हैं। मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से भी कंपनी की साख की जांच करने को कहा है।