जानिए अपने नए रेल बजट को, आपके लिए क्या है खास

1
452

prabhu 1

न्यूज चक्र @ दिल्ली

वर्ष 2016-17 के लिए गुरुवार को पेश किए गए रेल बजट में यात्री किराए और माल भाड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। रेलवे ने तीन नई सुपरफास्ट ट्रेनें शुरू करने और वर्ष 2019 तक समर्पित उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम और पूर्वी तटीय माल ढुलाई गलियारा बनाने की घोषणा की। रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्बारा लोकसभा में पेश रेल बजट की खास बातें इस प्रकार हैं-
2,800 किलोमीटर तक रेल पटरी को बड़ी लाइन में बदलने का प्रावधान।
2016-17 में रोज सात किलोमीटर तक नई बड़ी लाइन पर संचालन शुरू।
2018-19 तक रोजाना 19 किलोमीटर नई बड़ी लाइन पर संचालन शुरू करने का लक्ष्य।
अगले पांच साल में 8.8 लाख करोड़ रुपए अवसंरचना पर खर्च होंगे।
सरकार से 40 हजार करोड़ रुपए बजटीय सहयोग की उम्मीद।
बजट में पूरे देश की उम्मीदों की झलक।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने की पूरी कोशिश।
संचालन अनुपात 92 फीसदी हासिल करने का प्रयास।
गत वर्ष के आंकलन में 8,720 करोड़ रुपए बचत की उम्मीद।
1.21 लाख करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को बढ़ावा।
रिटायरिग रूम की ऑनलाइन बुकिग हो सकेगी।
मौजूदा वित्त वर्ष की समाप्ति तक 17 हजार अतिरिक्त जैविक शौचालय चालू होंगे। मेक इन इंडिया पहल के तहत दो नए लोको कारखानों की बोली पूरी।
इस साल 100 और स्टेशनों पर और अगले वर्ष 400 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा। 2,800 किलोमीटर तक रेल पटरी को बड़ी लाइन में बदलने का प्रावधान।
अगले पांच साल में 8.8 लाख करोड़ रुपए अवसंरचना पर होंगे खर्च।
संचालन अनुपात 92 फीसदी हासिल करने की कोशिश।
1.21 लाख करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान।
रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय कला शैली को तरजीह।
वडोदरा स्थिति अकादमिक संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा।
रेलवे 2017-18 में नौ करोड़ श्रम दिवस रोजगार पैदा करेगा।
2018-19 में 14 करोड़ श्रम दिवस का लक्ष्य।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोवर बर्थ का कोटा 50 फीसदी बढ़ेगा।
उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम और पूर्वी तट के लिए समर्पित माल-ढुलाई गलियारा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को बढ़ावा।
रिटायरिग रूम की ऑनलाइन बुकिग हो सकेगी।
मौजूदा वित्त वर्ष की समाप्ति तक 17 हजार अतिरिक्त जैविक शौचालय चालू होंगे। मेक इन इंडिया पहल के तहत दो नए लोको कारखाने की बोली पूरी।
इस साल 100 और स्टेशनों पर और अगले वर्ष 400 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा। 2,800 किलोमीटर तक रेल पटरी को बड़ी लाइन में बदलने का प्रावधान।
2016-17 में रोज सात किलोमीटर तक नई बड़ी लाइन पर संचालन शुरू।
2018-19 तक रोज 19 किलोमीटर नई बड़ी लाइन पर संचालन शुरू करने का लक्ष्य।
अगले पांच साल में 8.8 लाख करोड़ रुपए अवसंरचना पर होंगे खर्च।
सरकार से 40 हजार करोड़ रुपए बजटीय सहयोग की उम्मीद।
गत वर्ष के आंकलन में 8,720 करोड़ रुपए बचत की उम्मीद।
1.21 लाख करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान।
एलआईसी पांच साल में करेगी 1.5 लाख करोड़ रुपए निवेश।
मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर चर्चगेट और सीएसटी के बीच दो उपरिगामी रेल मार्गों का निर्माण होगा।
क्षमता सुधार के लिए विशेष क्षेत्रों में विशेषज्ञ दल का गठन।
पूरे देश के लिए दिन-रात चालू रहने वाली महिला हेल्पलाइन।
व्यस्त मार्गों पर पूरी तरह अनारक्षित रेलगाड़ियों का संचालन।
रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय कला शैली को तरजीह।
वडोदरा स्थित अकादमिक संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा।
रेलवे 2017-18 में नौ करोड़ श्रम दिवस रोजगार पैदा करेगा।
2018-19 में 14 करोड़ श्रम दिवस का लक्ष्य।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोवर बर्थ का कोटा 50 फीसदी बढ़ेगा।
उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम और पूर्वी तट के लिए समर्पित माल-ढुलाई गलियारा।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को बढ़ावा।
रिटायरिग रूम की ऑनलाइन बुकिग हो सकेगी।
मौजूदा वित्त वर्ष की समाप्ति तक 17 हजार अतिरिक्त जैविक शौचालय चालू होंगे।
आईआरसीटीसी चरणबद्ध तरीके से विवाह कैटरिग सेवा शुरू करेगी।
नए शोध एवं विकास (आरएंडडी) संगठन होंगे स्थापित।
रेल कर्मचारियों के स्टार्ट-अप में होगा 50 करोड़ रुपए का निवेश।
ई-कैटðरग का सभी स्टेशनों पर विस्तार।
रेल यात्रियों के लिए पसंदीदा स्थानीय व्यंजन होंगे उपलब्ध।
मुम्बई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर चर्चगेट और सीएसटी के बीच दो उपरिगामी रेल मार्गों का निर्माण होगा।
क्षमता सुधार के लिए विशेष क्षेत्रों में विशेषज्ञ दल का गठन।
रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय कला शैली को तरजीह।
वडोदरा स्थिति अकादमिक संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को बढ़ावा।
रिटायरिग रूम की ऑनलाइन बुकिग हो सकेगी।

राजधानी-शताब्दी की तरह द्रुत ट्रेन हमसफर और तेजस आ रही हैं

राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और गरीब रथ जैसी श्रेणी की रेलगाडिèयों को अभी तक द्रुत समझा जाता था। इनके लिए इंतजाम भी अलग होता था। अब रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हमसफर, तेजस और उदय जैसी नई श्रेणी की खास गाडिèयों को शुरू किया है। इसके अलावा सामान्य अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों के लिए अंत्योदय श्रेणी की गाड़ी भी शुरू की गई है। आइए जानते हैं इन चारों तरह की गाडिèयों की खास बातें-हमसफर यानी फुल एसी गाड़ी पर गरीब रथ से बेहतर रेल बजट में प्रभु ने एक खास तरह की ट्रेन की घोषणा की है जो पूरी तरह वातानुकूलित होगी। परंतु इसमें भी गरीब रथ की तरह भोजन एक वैकल्पिक सेवा होगी। बाकी सुविधाएं जैसे बेड रोड आदि शताब्दी ट्रेनों की तरह मिलेगा। जिन्हें भोजन की सेवा भी चाहिए होगी उन्हें टिकट रिजर्वेशन के समय ही विकल्प का चुनाव करना होगा। उसी अनुरूप उनसे किराया लिया जाएगा।
तेजस यानी राजधानी के बराबर या उससे अधिक हाईस्पीड ट्रेन तेजस वैसे तो पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान है, लेकिन भारतीय रेल ने इस शब्द को अपनी सर्वोत्तम सुविधा वाली ट्रेन के रूप में भी नाम दिया है। प्रभु ने इस ट्रेन को यात्रियों की ड्रीम ट्रेन बताया है। यानी रेल यात्रा का भविष्य दिखाएगा तेजस। इसकी स्पीड 130 किमी/घंटा या उससे भी अधिक रखी जाएगी। इसके अलावा इसमें उन्नत किस्म की सेवाएं दी जाएंगी, ताकि ग्राहक संतुष्टि हासिल की जा सके। यानी रेल इस ट्रेन के माध्यम से मनोरंजन, स्थानीय भोजन, वाईफाई आदि उन्नत सुविधाएं देकर आपसे उसकी कीमत वसूलेगा। प्रभु का ये कदम रेल की कमाई कराने वाला ट्रेन साबित हो सकता है।

हमसफर और तेजस के संचालन से यात्रियों से लागत वसूलेंगे प्रभु

हमसफर और तेजस श्रेणी की ट्रेनों में यात्रियों से टैरिफ और नॉन टैरिफ उपायों के जरिए लागत की वसूली की जाएगी। यानी प्रभु इस ट्रेन को यात्री खर्चे पर ही पटरी पर उतारने की सोच रहे हैं। उदय यानी डबल डेकर का मजा रेल मंत्री जी ने अति व्यस्त मार्गों पर रात्रिकालीन डबल डेकर, उत्कृष्ट डबल डेकर एयर कंडीशन्ड यात्री एक्सप्रेस चलाने की योजना पेश की है। अभी भी कई मार्गों पर डबल डेकर चल रही है। अब उसकी वहन क्षमता 4०% तक बढ़ाने की संभावना है। अंत्योदय यानी गरीबों का सारथी रेल बजट में लंबी दूरी की पूर्णतया अनारक्षित सुपरफास्ट रेलगाड़ी अंत्योदय एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा लंबी दूरी की कुछ अन्य रेलगाड़ियों में दो से चार दीन दयालु सवारी डिब्बे भी लगाने का प्रस्ताव किया गया है। आम आदमी के लिए अंत्योदय एक्सप्रेस, लम्बी दूरी की पूर्णतया अनारक्षित सुपर फास्ट रेलगाड़ी सेवा चलाने का प्रस्ताव है जो व्यस्ततम मार्गों पर चलाई जाएंगी। साथ ही अनारक्षित यात्रियों को ढोने की क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों में दो से चार दीन दयालु सवारी डिब्बे भी लगाने का प्रस्ताव कर रहे हैं। इन दीन दयालु सवारी डिब्बों में पीने के पानी की सुविधा होगी और अधिक संख्या में मोबाइल चार्जिंग प्वायंट दिए जाएंगे।

प्रभु का नया नारा-चलो मिलकर कुछ नया करें

रेलमंत्री सुरेश प्रभु इस बार कुछ अलग अंदाज में दिखे। सदन में रेल बजट पेश करते हुए उन्होंने इस बार एक नया नारा दिया। सुरेश प्रभु ने अपने भाषण के शुरुआत में ही कहा रेलवे अब चलो मिलकर कुछ नया करें के नारे पर काम करेगा। अंग्रेजी में रेल बजट पेश कर रहे सुरेश प्रभु ने बीच बीच में हिन्दी में भी कई बातें कहीं। शुरुआत में ही उन्होंने प्रख्यात कवि हरिवंश राय बच्चन की कविता नव उमंग, नव तरंग का भी जिक्र किया। आइए डालते हैं रेल बजट के दौरान सदन के माहौल पर एक नजर- रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा- यात्री की गरिमा, रेल की गति राष्ट्र की प्रगति।
इसके बाद उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियां – ‘विपदाएं आती हैं आएं, हम न रुकेंगे, हम न रुकेंगे। आघातों की क्या चिता है? हम न झुकेंगे, हम न झुकेंगे। पढ़ा तो साथी सदस्यों ने तालियां बजाईं।

राहुल गांधी ने ध्यान से सुना भाषण

रेल बजट भाषण के दौरान सदन में प्रधानमंत्री मोदी से लेकर सत्ता पक्ष की ओर वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, गृह मंत्री राजनाथ सिह, वित्त मंत्री अरूण जेटली और विधि मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा प्रमुख तौर पर उपस्थित थे। वहीं विपक्ष की ओर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिधिया ध्यान से बजट भाषण सुनते नजर आए।

ट्रेनों से पेंट्रीकार हटेंगी, 25 हजार अतिरिक्त बर्थ बढ़ेंगी

रेल मंत्रालय ने लंबी दूरी की सभी ट्रेनों से पेंट्रीकार हटाने का फैसला किया है। इस फैसले से बैगर नई ट्रेन चलाए हर रोज 25 हजार से अधिक अतिरिक्त बर्थ यात्रियों को उपलब्ध हो सकेंगी। इससे एक ओर रेलवे के खजाने में बढ़ोतरी होगी। वहीं, यात्रियों का सफर सुरक्षित होगा। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में 350 पेंट्रीकार हैं। 2010 की खानपान नीति के तहत कैटरिग ठेकेदारों को पेंट्रीकार हटानी थी और यात्रियों को ताजा खाना देने के लिए रेल मार्ग के प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन बनाने थे। 100 बड़े ठेकेदारों को छोड़कर अधिकांश ने ट्रेनों से पेंट्रीकार नहीं हटाई है और बेस किचन भी नहीं बनाए हैं।
रेल मंत्रालय ने ऐसे 150 ठेकेदारों को नोटिस जारी करते हुए बेस किचन बनाने को कहा है। आदेश की अनदेखी करने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना अथवा कड़ी कार्रवाई के तहत काली सूची में डाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि 350 पेंट्रीकार को हटाने पर रेलवे उनके स्थान पर स्लीपर अथवा एसी-3 के कोच लगाएगी। इससे प्रतिदिन 25,200 अतिरिक्त बर्थ यात्रियों को मुहैया होंगी। वहीं, इसके एवज में रेलवे को 2.5 करोड़ प्रतिदिन किराये के रूप में अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। सालाना यह राशि 500-600 करोड़ तक पहुंच सकती है। बता दें कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पिछले रेल बजट में एक भी नई ट्रेन चलाने की घोषणा नहीं की थी। इसके स्थान पर प्रभु ने मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे लगाकर अतिरिक्त बर्थ का जुगाड़ किया। वर्तमान में अधिकतम 26 डिब्बे की ट्रेनें चल रही हैं। रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) इससे अधिक लंबी ट्रेन चलाने की इजाजत नहीं देता है। एसी ट्रेनों से पेंट्रीकार हटाने से यात्रियों को बर्थ मिल सकेंगी।

रेलवे में पारदर्शिता के लिए सोशल मीडिया का होगा प्रयोग

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने भारतीय रेल के लिए सोशल मीडिया को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही कहा कि सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों को सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। अभी यात्री सोशल मीडिया के जरिए जो शिकायत करते हैं उन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2020 तक आम आदमी की .जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। रेलवे की कार्यप्रणाली में 100 फीसदी पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है। सोशल मीडिया का प्रयोग इसके लिए करेंगे। रेल मंत्री ने इंटरनेट को बढ़ावा देने के लिए अगले चरण में कुल 400 स्टेशनों पर वाई-फाई सुविधा देने की बात कही है, जो की फिलहाल 100 रेलवे स्टेशन पर मौजूद है। रेलवे मोबाइल एप भारतीय रेल मोबाइल एप को बढ़ावा देने के लिए टिकटिग और शिकायतों को दूर करने की योजना को और बढ़ावा देगी।
फिलहाल रेलवे के दो मोबाइल एप है जिनके जरिये टिकटिग और रेलवे सेवाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

विपक्ष रहा मायूस, पीएम ने दी बधाई

इन सब के बाद भी रेल मंत्री सुरेश प्रभु का इस बार का रेल बजट भाषण बेहद फीका फीका सा रहा। करीब घंटे भर के रेल बजट भाषण के बाद विपक्षी सदस्य आज सदन में जहां निराश से दिखे, वहीं भाषण की समाप्ति पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी सीट से उठकर सुरेश प्रभु की सीट के पास गए और हाथ मिलाकर उन्हें बधाई दी। सपा प्रमुख मुलायम सिह यादव सहित कई विपक्षी सदस्य भी रेल मंत्री को बधाई देने आए, लेकिन अधिकतर सदस्य मायूस ही दिखे। कई विपक्षी सदस्य तो इसे रेल बजट भाषण नहीं बल्कि विजन डाक्यूमेंट कहते नजर आए।