बोस के साथ शास्त्री की मौत की भी जांच हो: सिन्हा

11
449

बिहार से राज्यसभा सांसद एवं अन्तरराष्ट्रीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता

में पूर्व प्रधान मंत्री नेहरू व कांग्रेस की नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

 

न्यूज चक्र @ कोटा

सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर कोटा आए बिहार से राज्यसभा सांसद एवं अन्तरराष्ट्रीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष आरके सिन्हा ने बोस के साथ पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत को भी संदिग्ध बताते हुए इनकी जांच की मांग की। कायस्थ समाज के संगत-पंगत कार्यक्रम में शिरकत करने कोटा आए सिन्हा शनिवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थ्ो। उल्लेखनीय है कि वे एशिया की सबसे बड़ी सिक्योरिटी एजेन्सी सिस के मालिक भी हैं।

सिन्हा ने आगे कहा कि बोस की मौत की हकीकत से पर्दा उठना जरूरी है। देश के नेतृत्व ने इतने वर्षों से सच को छिपाए रखा। उनका यह भी कहना था कि बोस के परिवार को आजाद भारत मंे प्रताड़ना सहनी पड़ी। यदि नेताजी जीवित होते तो वे देश के सर्वमान्य प्रधानमंत्री होते। उनकी संदिग्ध मौत पर देश के नेतृत्व की ओर से गम्भीरता नहीं दिखाना सवाल पैदा करता है।
भाजपा नेता सिन्हा ने कहा कि सुभाष बाबू ने दूसरी बार कांग्रेस का अध्यक्ष बनना तय किया था। वह भी तब, जबकि महात्मा गांधी ने अध्यक्ष पद के अन्य दावेदार सीतारमैया के बारे में कहा था कि यदि उनकी हार होती है तो वह उनकी स्वयं की हार के समान होगी। महात्मा गांधी की इतनी बड़ी घोषणा के बावजूद बोस चुनाव जीत गए थे। इसी से साफ हो जाता है कि उनकी लोकप्रियता देशभर में थी। उनका मानना था कि नेहरू की गलत नीतियों से देश सही रास्ते पर नहीं बढè सकता है। इसीलिए उन्होंने आजाद हिन्द फौज का गठन किया था।
सिन्हा का साफ कहना था कि देश को आजाद हिन्द फौज के डर और दबाव के कारण ही आजादी प्राप्त हुई थी। अब प्रधानमंत्री ने बोस से संबंधित सौ फाइलों को उजागर कर दिया है। हर माह अन्य पच्चीस फाइलें उजागर की जाती रहेंगी। इससे सम्भावना है कि उनकी मौत का सच देश के सामने आ सकेगा।

शास्त्री को दिया गया था जहर

लाल बहादुर शास्त्री की मौत पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें दूध में जहर दिया गया था। उनके साथ गए डॉक्टर ने उन्हें उल्टी कराई, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं आ सका था। उनकी मौत के बाद पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। ऐसे मंे देश उनकी मौत के सच को भी जानना चाहता है। बिहार में भाजपा को मिली हार के सवाल पर सिन्हा ने कहा कि आरक्षण को लेकर प्रदेश में भ्रम फैलाया गया। इस गलतफहमी के कारण ही पार्टी जीती हुई बाजी हार गई।

सामाजिक कार्यक्रम है संगत-पंगत

अन्तरराष्ट्रीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष सिन्हा ने समाज के संगत-पंगत कार्यक्रम को राजनीति से अलग समाजसेवा से जुड़ा हुआ बताया। कहा कि इसमें सामाजिक समरसता के कार्यक्रम होते हैं। इस कार्यक्रम में समाज में व्याप्त गरीबी, अभाव, बेरोजगारी व दहेज प्रथा के उन्मूलन के बारे में हर माह विचार होगा। बीमारों के इलाज और उच्च शिक्षा की आवश्यकता वाले लोगों को सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई संगठन नहीं है। क्योंकि संगठनों में पद को लेकर झगड़े होते हैं। यह केवल साथ बैठकर विचार-विमर्श और पंगत में बैठकर भोजन करने का मंच है। पत्रकार वार्ता में राजस्थान कायस्थ महासभा के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप माथुर भी साथ थ्ो।