कोटा में महापुरुषों की प्रतिमाओं की रोज होगी सार-सम्भाल और माल्यार्पण

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कर्मयोगी सेवा संस्थान ने की पहल

न्यूज चक्र @ कोटा

कर्मयोगी सेवा संस्थान की ओर से मंगलवार को विजय चौक अंटाघर चौराहा स्थित शहीद स्मारक से प्रतिमाओं की सार-सम्भाल और प्रतिदिन पुष्पांजलि अर्पित करने के अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक प्रहलाद गंुजल थे। अध्यक्षता सेवानिवृत कर्नल रघुराज सिंह हाड़ा ने की। इस दौरान कर्नल रघुराज तथा शहीद की वीरांगना बबीता शर्मा का सम्मान भी किया गया। देशभक्ति गीतों ने माहौल में जोश भी भर दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गुंजल ने कहा कि आजाद भारत मंे शहीदों का सम्मान केवल भाषणोंे तक ही सीमित रह गया है। अब सम्मान तो केवल राजनेताओं का ही बचा है। राजनेताओं की पुण्यतिथि और जन्मतिथि पर लोगों का मेला लग जाता है। वहीं शहीदों को याद करने और राष्ट्रीय पर्व मनाने में केवल औपचारिकता की जा रही है। आजादी की कीमत केवल देशभक्ति के गीतों के माध्यम से ही याद आती है। स्वतंत्रता के बाद कहा गया कि देश को बिना खड्ग और बिना ढाल के ही आजादी मिल गई थी। यह सबसे बड़ा झूंठ है। सच्चाई तो यह है कि हजारों लोगों ने अपने प्राणांे को न्यौछावर किया, तब जाकर भारत को आजादी मिल पाई थी। उनकी शहादत और बलिदानों की नींव पर ही आजादी की इमारत खड़ी हुई। जरूरत पड़ने पर बलिदानों की नई »ृंखला खड़ी करनी होगी। उन्होंने कहा कि आज भी भगत सिंह जैसे आजादी के दीवानों को न्यायिक दस्तावेजों में आतंकवादी कहा जाता है। चन्द्रश्ोखर जैसे आत्म बलिदानियों का अपमान उत्तर प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने किया था।

 

कर्नल रघुराज सिंह हाड़ा ने कहा कि कर्मयोग सदैव ज्ञानयोग से भी श्रेष्ठ होता है। उन्होंने कहा कि हर जिले में शहीद स्मारक प्रस्तावित है, लेकिन बनाया नहीं गया। आज देश की सेनाओं को प्यार करने की जरूरत है। देश के आजाद होने के बाद सेनाओं के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती की गई थी। जबकि शेष नौकरियों में लगातार वेतन में वृद्धि होती रही। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि हमें सेनाओं की जरूरत ही नहीं है। इसी बात का खामियाजा चीन से युद्ध के रूप में भुगतना पड़ा। ब्रिटेन में शहीदों और उनके स्मारकों के रखरखाव तथा सम्मान की विश्ोष व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि वे 1971 के युद्ध में राजस्थानी परम्परा के अनुसार नए कपड़े पहनकर गए थ्ो।

मेजर सुभाष शर्मा की वीरंगना बबीता शर्मा ने कहा कि तिरंगे में लिपटकर आने वाले शहीद पति को देखना बहुत मुश्किल होता है। पति की मौत की खबर सुनकर पिता को लकवे का अटेक आ गया था। इसी क्रम में उन्होंने यह अहम बात भी कही कि जब मेरा पति अमर हो गया तो मैं विधवा कैसे हुई? कार्यक्रम के अंत में शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इससे पहले किशन मुद्गल एंड पार्टी ने देशभक्ति के गीतों से समां बांध दिया। कर्मयोगी संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन कर्मयोगी व संयोजक अलका दुलारी, अभियान के संयोजक जगवीर सिंह चड्ढा, सह संयोजक विक्रांत व्यास, हिम्मत सिंह हाड़ा, पं. अनिल औदिच्य, रामबिलास रखवाला, एलके दाधीच आदि भी इस अवसर पर मौजूद थे।

 

प्रतिदिन चलेगी व्यवस्था

अध्यक्ष चन्द्रसिंह ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में रोज दो दर्जन प्रतिमाओं की साफ-सफाई व उन पर माल्यार्पण किया जाएगा। यह व्यवस्था वर्ष पयर्ंंत चलेगी। पुष्पाहार अर्पित करने के लिए एक वाहन की व्यवस्था की गई है। संस्थान के स्वयं सेवकों के अलावा दो कर्मचारी भी इस कार्य के लिए तैनात रहेंगे। समाज में देशभक्ति और राष्ट्रवाद जगाने के लिए भी कार्यकताã कार्य करेंगे। वीरों की गाथा बताने के साथ ही उनके स्मारकों को संरक्षित करने के लिए भी संस्थान जनजागृति के कार्यक्रम भी करेगा।

 

यह है आगामी योजना

संस्थापक राजाराम कर्मयोगी ने बताया कि संस्थान आगामी दिनों में प्रत्येक स्मारक पर शाम को दीपदान भी शुरू करवाएगा। इसके अलावा दो दर्जन प्रतिमाओं के बाद शेष बचने वाली प्रतिमाओं का सर्वे करने के लिए 31 सदस्यीय संरक्षक मंडल बनाया जाएगा। यह अभियान में शामिल की जाने के लिए मूर्तियों को चिह्नि्त करेगा। उन्होंने बताया कि शहरभर की सभी प्रतिमाओं के चित्र और उनके इतिहास की जानकारी देने वाली एक स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाएगा। इसके मुख्य सम्पादक सेवानिवृत्त पीआरओ प्रभात कुमार सिंघल तथा कार्यकारी सम्पादक डॉ. एलके दाधीच होंगे।

 

इन प्रतिमाओं की होगी प्रतिदिन सार-सम्भाल

अलका दुलारी ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 24 प्रतिमाओं को सूचीबद्ध किया है। इनमें भीमगंजमंडी थाना स्टेशन पर लाल बहादुर शास्त्री, खेड़ली फाटक स्थित जवाहरलाल नेहरू , नयापुरा अदालत चौराहा स्थित भीमराव अम्बेडकर, जेके लोन रोड पर पं.नयनूराम शर्मा, नयापुरा चौराहा स्थित महाराजा अग्रसेन, रंगबाड़ी स्थित कोट्या भील, हिन्दू धर्मशाला पर उस्ताद चौथमल पहलवान, लाड़पुरा में भारतेन्दु हरीशचन्द्र, रामपुरा की महात्मा गांधी व श्रीपुरा पार्क में स्थापित सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा शामिल है। इनके अलावा पं. दीनदयाल उपाध्याय टिपटा, महाराव भीमसिंह राजपूत छात्रावास, सरदार बल्लभ भाई पटेल गुमानपुरा, गुमानपुरा में इन्द्रा गांधी की प्रतिमा, शहीद स्मारक अंटाघर, माधवराव सिंधिया शॉपिंग सेंटर, लाला लाजपतराय, शहीद अजय आहूजा माला रोड, राजकीय महाविद्यालय में महाराणा प्रताप, सुभाष चन्द्र बोस, सरदार भगत सिंह व जेडीबी कॉलेज में स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमाओं पर प्रतिदिन माल्यार्पण किया जाएगा।