ब्रिटेन का हिन्दू युवक कैसे बना आईएस का खूंखार आतंकी न्यू जिहादी जॉन

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क

आईएस ने हाल ही में एक नया वीडियो जारी किया था। इसमें ब्रिटेन पर हमला करने की धमकी देते हुए न्यू जिहादी जॉन नामक एक नकाबपोश आतंकी को दिखाया गया था। वह ब्रिटिश अंदाज में ही अंग्रेजी बोल रहा था। तब से ब्रिटेन इसकी पहचान उजागर करने में लगा हुआ था। आखिर को यह पर्दाफाश हो गया है। आईएस का वह खूंखार आतंकी ब्रिटिश नागरिक हिन्दू युवक निकला है। उसने एक मुस्लिम युवती से प्यार हो जाने के बाद उससे शादी कर इस्लाम अपना लिया था।

32 वर्षीय सिद्धार्थ धर पूर्वी लंदन में रहता था। 10 साल पहले आयशा से शादी करके हिदू से मुसलमान बना था। तब उसका नाम अबु रुमायसाह हो गया। फिर वह कट्टरपंथी संगठन अल मुहाजिरून से जुड़ गया। 2014 में उसे गिरफ्तार भी किया गया था। जमानत मिलने के बाद वह पत्नी और चारों बच्चों के साथ पहले बिना पासपोर्ट के ही पेरिस पहुंचा। क्योंकि सरकार उसका पासपोर्ट जब्त कर चुकी थी। फिर वहां से वह आईएस में शामिल होने के लिए सीरिया चला गया।

बहन बोली- मैं खुद उसे गोली मार दूंगी

सिद्धार्थ की मां सबिता धर और बहन कनिका धर को ब्रिटिश अधिकारियों ने आईएस का वीडियो दिखाया। इसे देख उन्होंने कहा कि नकाबपोश आतंकी और सिद्धार्थ की आवाज में थोड़ी बहुत समानता है। पर वे नहीं मान सकते कि वह सिद्धार्थ ही है। सबिता ने अपने बेटे को दो साल से नहीं देखा है। वहीं, कनिका ने कहा कि यदि यह साबित हुआ कि वीडियो में नजर आने वाला आतंकी सिद्धार्थ ही है तो वह अपने भाई को खुद गोली मार देगी।

जानकारों की राय-पहले बहुत अच्छा लड़का था सिद्धार्थ

सिद्धार्थ के जानकारों का कहना है कि वह तो बहुत अच्छा लड़का था। उसकी पत्नी आइशा ने ही उसे आतंकी बनने के लिए प्रेरित किया होगा।

आईएस में शामिल होने गए आधे ब्रिटीश युवक वापस लौटे

ब्रिटिश एजेंसियों के अनुसार आईएस में शामिल होने के लिए देश के करीब सात सौ युवक इराक और सीरिया गए थ्ो। माना जा रहा है कि इनमें से आधे युवक वापस देश लौट चुके हैं।

पांच ब्रिटिश नागरिकों को मारा

आईएस के इस ताजा वीडियो में सिद्धार्थ के रूप में पहचाने वाला आतंकी ब्रिटेन पर हमला करने और वहां शरिया कानून लागू करने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। साथ ही 10 मिनट के इस वीडियो में पांच लोगों को ब्रिटेन का जासूस बताते हुए नकाबपोश आतंकी गोली मार देते हैं। इस वीडियो में एक बच्चा भी नजर आ रहा है। वह इस्लाम में आस्था नहीं रखने वाले लोगों का कत्ल करने की धमकी दे रहा है। छह से सात साल की उम्र के इस बच्चे की भी पहचान हो गई है। दक्षिण लंदन के एक व्यक्ति संडे डेयर ने इसे अपना पोता ईसा डेयर बताया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी ग्रेस डेयर उसे अपने साथ सीरिया ले गई थी। नाइजीरियाई मूल की ब्रिटिश नागरिक ग्रेस डेयर 18 साल की उम्र में इस्लाम अपना कर खदीजा हो गई थी। इसके बाद वर्ष 2013 में 22 साल की उम्र म्ों वह सीरिया चली गई।