आर्य समाज ने जेल में बंदियों को ऊनी वस्त्र वितरित किए

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आध्यात्मिक सत्संग का भी हुआ आयोजन

न्यूज चक्र @ कोटा

आर्य समाज जिला सभा के तत्वावधान में सोमवार को केन्द्रीय कारागृह में बंदियों को ऊनी वस्त्र वितरित किये गए। इससे पूर्व यहां आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन भी हुआ।
जिला सभा के प्रधान अर्जुन देव चढ्डा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य संसार का उपकार करना है। इसी के तहत पुरुष कैदियों को स्वेटर, जर्सी, इनर वियर तथा महिला कैदियों को ऊनी टोपे, मौजे आदि दिए गए। मुख्य अतिथि प्रेसीडेंट एंड बिजनेस हैड डीसीएम श्रीराम प्रेमदास ने कहा कि व्यक्ति को सत्पात्र बनना चाहिए। सत्पात्रता से आचरण अच्छा बनता है। जीवन निर्माण होता है। हमें अपने जीवन को सुधारना चाहिए।
इस अवसर पर आर्य समाज के वैदिक विद्बान आचार्य अग्निमित्र शास्त्री ने कहा कि विचार से ही मनुय श्रेष्ठ बनता है। जीवन में श्रेष्ठ विचारों को अपनाएं, क्रोध को छोड़ें। आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द का उद्देश्य लोगों को बंधन से मुक्त करना था। उन्होंने श्रेष्ठ आचरण द्बारा जीवन में बुराइयों से मुक्त होने का मार्ग बतलाया था। आर्य विचारक रामप्रसाद याज्ञिक ने विश्वानिदेव मंत्र की व्याख्या की। उन्होंने ईश्वर से अपनी प्रार्थना में अच्छे कर्म, गुण और स्वभाव की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करने को कहा।
इस अवसर पर डॉ. वेद प्रकाश गुप्ता ने कैदियों से बीड़ी, तम्बाकू, शराब आदि नशा छोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक सुधीर प्रकाश पूनिया ने आर्य समाज के विद्बानों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आर्य समाज की ओर से मुख्य अतिथि प्रेमदास व जेल अधीक्षक एसपी पूनिया को महर्षि दयानन्द सरस्वती लिखित सत्यार्थ प्रकाश ग्रंथ भेंट किया गया।
कार्यक्रम का संचालन जेलर नरेन्द्र स्वामी ने किया। इस अवसर पर विज्ञान नगर प्रधान जेएस दुबे, तिलक नगर प्रधान ओम प्रकाश तापड़िया, रेलवे कॉलोनी प्रधान हरिदत्त शर्मा, एडवोकेट चन्द्रमोहन कुशवाह, राजीव आर्य व डीसीएम श्रीराम कोटा के निगम प्रकाश भी मौजूद थे।Aarya Samaj 2