चन्द्रेसल में बनेगा आधुनिक थोक फल सब्जी मंडी टर्मिनल: सैनी

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sabhapl sainiकृषि मंत्री ने थोक फल सब्जी मंडी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में की शिरकत, कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं

न्यूज चक्र @ कोटा

कोटा के लोगों को नई धानमंडी स्थित कोटा थोक फल सब्जी मंडी में रहने वाली भारी भीड़, जाम और संकरे रास्तों से शीघ्र निजात मिलने वाली है। फल मंडी को शीघ्र ही चन्द्रेसल में 3०० बीघा की जगह पर स्थानान्तरित कर दिए जाने से यह राहत मिलेगी। राज्य के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बुधवार को यह घोषणा की। वह थोक फल सब्जी मंडी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ओम मालव के पदभार ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थ्ो।
सैनी ने इस अवसर पर कहा कि विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों द्बारा समय- समय पर यह मांग उठाई जाती रही है कि कोटा की थोक फल सब्जी मंडी के लिए वर्तमान स्थान बहुत छोटा पड़ रहा है। इससे व्यापारियों, किसानों, फुटकर सब्जी विक्रेताओं और आम उपभोक्ताओं को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। सरकार के पास इस मंडी को बड़ी जगह पर स्थानान्तरित करने का प्रस्ताव भी आया। इसलिए थोक फल सब्जी मंडी को चन्द्रेसल में बड़ी जगह पर केवल स्थानान्तरित ही नहीं किया जाएगा, बल्कि वहां व्यापारियों, किसान और उपभोक्ताओं की सुविधाओं के लिए सभी आधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी।

मंत्री सैनी ने कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न उद्योगों के लिए इस अवसर पर सौगातों की बौछार कर दी। कृषि मंडियों को स्वायत्ता देते हुए उन्होंने कहा कि मण्डियों को अब स्वयं की आय खर्च करने का पूरा अधिकार होगा। ग्रामीण गौरव पथ योजना की तरह मंडियों द्बारा किसान गौरव पथ का निर्माण किया जाए। कृषि श्रमिकों को राहत देते हुए उन्होेंने घोषणा की कि मंडियों में कार्य करने वाली महिला श्रमिकों को 45 दिन का प्रसूति अवकाश दिया जाएगा। 2 प्रसव तक 2०-2० हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उनके पति को 15 दिन का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा। उन्होंने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत कृषि प्रसंस्करण इकाईयों के लिए मंडी शुल्क में 5० प्रतिशत छूट, विदेशों में फल व सब्जी निर्यात करने वालों को 3 वर्ष तक के लिए 1० लाख रुपए की सब्सिडी दिए जाने की भी जानकारी दी। वहीं देश में 3०० किमी से अधिक दूरी पर निर्यात करने वाले निर्यातकों को 15 लाख रुपए की ट्रांसपोर्ट सब्सिडी, नए प्रोटोटाइप के विकास पर लागत का 5० प्रतिशत या प्रतिवर्ष 2० लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। कृषि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए कुल क्षेत्रफल के 5 प्रतिशत कृषि उद्योग के काम में लेने पर भूमि रूपांतरण से छूट प्रदान की गई है। वहीं 1० हैक्टेयर तक की भूमि के रूपांतरण का अधिकार उपखंड अधिकारी व 1० हैक्टेयर से अधिक के लिए जिला कलक्टर को अधिकृत कर नियमों का सरलीकरण किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक भवानी सिंह राजावत ने की। वहीं विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल, हीरालाल नागर, संदीप शर्मा, महापौर महेश विजय, कोटा नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश बिरला तथा मंडी अध्यक्ष ओम मालव व उपाध्यक्ष भीमराज गोचर ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।