जर्मनी से दुल्हन कोटा में लेकर आई बरात

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न्यूज चक्र @ कोटा

विनोबा भावे नगर स्थित धरणीधर गार्डन में यूं तो शादी समारोह होना आम बात है। शनिवार को भी यहां शादी समारोह की रौनक थी। मगर यह आम शादियों से कुछ अलग थी। वह इस तरह कि दुल्हन जर्मनी से यहां खुद बरात लेकर आई थी। इसमें उसके 4० नाते-रिश्तेदार व परिचित शामिल थ्ो। देशी ढोल की थाप पर विदेशी मेहमान जमकर थिरक रहे थ्ो। बाकी सब भी उनका साथ दे रहे थ्ो। दो संस्कृतियों के मिलन के इस अद्भुत नजारे ने हर किसी को अभिभूत कर दिया था। शहनाई की परम्परागत धुन माहौल में और अधिक मिठास भर रही थी। यहां कोटा के डॉ. आशुतोष और जर्मनी की मैरी बर्जर पूरी तरह हिन्दू रीति-रिवाज से हमसफर बने।
सुबह हल्दी, मेहंदी और सगाई की रस्में भी हुईं। शाम को शुभ मुहूर्त में दोनों ने पवित्र अग्नि के समक्ष फेरे लिए।

ऐसे समझा एक-दूजे को

डॉ. आशुतोष ने एम्स, दिल्ली में पढ़ाई की। वहीं पर वर्ष 2००8 में मैरी से उनकी नजदीकियां बढ़ीं। आशुतोष के अनुसार वे मैरी की सादगी से काफी प्रभावित थ्ो। जब वे एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने लगे तब विवाह का प्रस्ताव रखा। दोनों तो राजी थ्ो, लेकिन समस्या परिवार वालों की थी। दोनों के परिजनों को यह संबंध स्वीकार नहीं था। बाद में किसी प्रकार दोनों पक्ष राजी हो गए।

भाइयों ने भी निभाई रस्म

दरवाजे से दुल्हन मैरी को उसके भाई डोली में बिठाकर अंदर ले गए। इसके बाद विवाह की बाकी रस्में निभाई गइर्ं।