बेंगलुरु के कॉलेज में राहुल गांधी के छक्के छूटे, हर बात उल्टी पड़ी

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जब पूछा-क्या स्वच्छ भारत अभियान काम कर रहा है, जवाब मिला- हां

न्यूज चक्र @ बेंगलुरु / सेन्ट्रल डेस्क

बेंगलुरु के माउंट कार्मल कॉलेज में बुधवार को कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लेने के देने पड़ गए। सवालों पर छात्र-छात्राओं से मनमाफिक जवाब नहीं मिल रहे थ्ो, तो च्ोहरे का रंग उतर गया। मौका था सवाल-जवाब सेशन में स्वच्छ भारत अभियान, मेक इन इंडिया और रोजगार पर पूछे गए सवालों का।
राहुल ने बड़ी उम्मीद से पूछा, क्या स्वच्छता अभियान सफल रहा? क्या मेक इन इंडिया देश में सफल रहा? क्या मेक इन इंडिया से रोजगार मिला? हो यह रहा था कि राहुल इधर सवाल दागते और उधर सभागार में मौजूद छात्र शोरगुल करना शुरू कर देते। साथ ही राहुल की सोच से उलट जवाब देते। राहुल कई बार जवाबों को अपने हिसाब से मोड़ने की कोशिश करते हुए भी दिख्ो, मगर सफल नहीं होने से उनकी खासी किरकिरी हुई। इस पर कुछ क्षण को तो राहुल हक्के बक्के से नजर आते, फिर अपने आप को संभाल लेते। छात्राएं तो जैसे पहले से ही उनका विरोध करना ठाने हुई थीं।
सवाल-जवाब सेशन से पहले राहुल ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। इसमें मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उनका कहना था कि पीएम मोदी की’सूट-बूट वाली सरकार देश की जनता से किए गए सभी वादों पर विफल रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बेरोजगारों को नौकरियाँ देने के मदों में कटौती की गई है। दूसरी ओर सरकार अपने फायदे के लिए सिर्फ बड़े औद्योगिक घरानों को ठेके दे रही है।
राहुल ने कहा कि मोदी ने युवाओं से दो करोड़ नौकरी दिए जाने का वादा किया था। यह अच्छी बात तब होती जब इस वादे को पूरा किया जाता। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति आर्थिक विकास के साथ इसका लाभ गरीब जनता को मिलने पर ही होगी।

राहुल ने एनडीए की मौजूदा केन्द्र सरकार के दौरान सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों पर भी जमकर निशाना साधा। इनमें राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व ललित मोदी का मनी लॉंड्रिंग विवाद, मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला तथा छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विभिन्न कथित घोटाले शामिल रहे। कॉन्ग्रेस उपाध्यक्ष का यह भी कहनना था कि सरकार भ्रष्टाचार हटाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के संबंध में कहा कि पार्टी से कुछ ऐसी बातें हुईं, जिनसे उसे हार का सामना करना पड़ा। अब पार्टी को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जाने की बात कही। यहां अजीब बात यह कही कि पार्टी ने दस साल तक जो सत्ता संभाली, उससे थकान आ गई थी।

राहुल के सवाल और स्टूडेंट्स के जवाब

राहुल : क्या स्वच्छ भारत पर काम हो रहा है ?

स्टूडेंट्स : हां।

राहुल : मैं तो नहीं देख पा रहा हूं कि स्वच्छ भारत अच्छे से काम कर रहा है। क्या आपको लगता है कि यह काम कर रहा है?
स्टूडेंट्स : हां।

बीच में एक टीचर : शायद स्टूडेंट्स की राय इस पर बंटी हुई है।

राहुल : मुझे नहीं लगता कि स्वच्छ भारत अच्छे से काम कर रहा है। लेकिन शायद आपको लगता है कि यह काम कर रहा है।
स्टूडेंट्स : हां।

राहुल : मैं एक और सवाल पूछता हूं। क्या मेक इन इंडिया से फायदा हुआ ?

स्टूडेंट्स : हां।
राहुल : क्या आपको वाकई ऐसा लगता है ?
स्टूडेंट्स : हां।

राहुल : क्या देश में यंगस्टर्स को जॉब मिल रहा है ?
स्टूडेंट्स : हां।
राहुल : मेरे ख्याल से स्वच्छ भारत काम नहीं कर रहा। मेक इन इंडिया भी काम नहीं कर रहा। देश के लिए बीजेपी का विजन काम नहीं कर रहा। …खैर जो भी हो।
इसके बाद स्टूडेंट्स ने भी राहुल पर तीख्ो सवालों की बौछार कर उन्हें और असहज कर दिया। वह इस प्रकार रहे-

स्टूडेंट : बिहार में लालू के साथ आपकी पार्टी ने गठबंधन किया है। क्या आपको लगता है कि ऐसे करप्शन खत्म हो सकता है ?
राहुल: बिहार पर हमारी सोच यह थी कि बीजेपी को वहां रोकना जरूरी है। यही वजह थी कि हम तीनों ने मिलकर वहां काम किया। यह स्ट्रेटजी काम भी कर गई। अब वहां नीतीश कुमार सीएम हैं। लालू सरकार में नहीं हैं। हम पूरी कोशिश करेंगे कि वहां क्लीन गवर्नमेंट रहे। लालू के बेटे ने कल ही बयान दिया है कि करप्शन पर जीरो टॉलरेंस अपनाएंगे।
स्टूडेंट : इरोम शर्मिला को लेकर आपका क्या कहना है? इरोम शर्मिला मणिपुर में 1० साल से अधिक समय से अनशन पर हैं।
राहुल: सभी से बात की जानी चाहिए। किसी से भी बात करने में कोई नुकसान नहीं है।
उत्तर पूर्व की स्टूडेंट: मैं जहां से हूं, वहां सड़कें अच्छी नहीं हैं, बिजली नहीं है। आपके करीबी की सरकार है वहां। नार्थ-ईस्ट पर कोई खबर नहीं आती है। न आपकी ओर से न मीडिया की ओर से, दस साल से आपकी सरकार है।
राहुल : हमारी सरकार थी। तब हमने काफी काम किया। हमारी कोशिश है कि नॉर्थ-ईस्ट को स्पेशल स्टेटस दें। नगालैंड काफी कॉम्प्लीकेटेड जगह है। नगा संधि होने की बात कही गई। लेकिन बाद में पता चला ऐसा हुआ ही नहीं।