तेल पर स्टॉक लिमिट लागू करने से भड़के व्यापारी, दो दिन की हड़ताल

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न्यूज चक्र @ जयपुर / कोटा / सेन्ट्रल डेस्क

राज्य में तेल पर स्टॉक लिमिट लागू करना व्यापारियों को नहीं भाया। आक्रोशित व्यापारियों ने राज्य की सभी 247 मंडियों में मंगलवार से दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी। साथ ही सरकार पर तेल उद्योगों को बंद करने की साजिश का आरोपी भी लगाया। गौरतलब है कि सरकार ने सोमवार को ही स्टॉक लिमिट लागू करने का आदेश जारी किया था।
पहले ही दिन जयपुर सहित प्रदेशभर में इस हड़ताल का व्यापक असर दिखा। रिटेलर्स ने भी इस बंद का समर्थन करते हुए मंडियों में अपनी दुकानें बंद कर दीं। इस हड़ताल से देवउठनी एकादशी के साथ शुरू हुए विवाह समारोहों में परेशानी पैदा होने की आशंका है। राजस्थान खाद्य व्यापार संघ के आह्वान पर यह हड़ताल शुरू हुई। संघ के प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने सरकार पर व्यापारियों के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप लगाया है। उनका यह भी कहना है कि सरकार को पता ही नहीं कि राज्य में सरसों का कितना उत्पादन हो रहा है, कितना तेल तैयार हो रहा है। राज्य में केवल 2.5 लाख टन तेल पैदा हो रहा है, जबकि 14 लाख टन तेल देश को दिया जा रहा है। स्टॉक लिमिट लागू करना तेल मिलों को बंद करने की साजिश लगती है।

दालों पर स्टॉक लिमिट लगाने से फसल हो गई थी शिफ्ट

गुप्ता का यह भी कहना है कि कुछ समय पहले सरकार ने दालों पर स्टॉक लिमिट लगाई थी। इस पर किसानों का रुझान दालें पैदा करने से हट कर अन्य फसलांे पर हो गया था। इससे दालों की पैदावार कम हो गई थी। ऐसी ही स्थिति सरसों की फसल के साथ भी हो सकती है।
इस विवाद के बीच कृषि मंडियों में हड़ताल होने और स्टॉक सीमा लागू होने से सरसों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।