हवा में लटके गाय के स्कल्पचर पर भड़का विवाद, हिरासत में लिए आर्टिस्ट

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जवाहर कला केन्द्र में आर्ट समिट के दौरान हुई घटना

न्यूज चक्र @ जयपुर

तीसरे आर्ट समिट की शुरुआत ही विवादों में घिर गई। यहां बैलून के जरिये मरी हुई गाय के स्कल्पचर को हवा में लटका हुआ दिखाना लोगों को बहुत नागवार गुजरा। विरोध व हंगामा हुआ तो पुलिस ने इस कृति को अंजाम देने वाले दोनों आर्टिस्टों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पहले दोनों को आयोजन स्थल जवाहर कला केन्द्र के कैम्पस से धक्का देकर बाहर निकाला। यहां इस कृति के विरोध में गाय हमारी माता है के नारे लगाए गए।
आर्ट समिट कैम्पस में पीपुल्स फॉर एनीमल्स के लोग भी पहुंच गए। इन्होंने ही गाय हमारी माता है का नारा लगाते हुए गाय के अपमान का विरोध किया। राजधानी में कला का गढ़ माने जाने वाले जवाहर कला केन्द्र की गवîनग बॉडी में विवादास्पद लोगों को जगह देने का मामला भी अभी गर्म है। वहीं शनिवार को थर्ड आर्ट समिट शुरू होते हुए गाय के अपमान ने एक बार फिर इसे विवादों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया।
स्कल्पचर लगाने वाले आर्टिस्ट ने यह कहा
21 से 25 नवंबर तक चलने वाले थर्ड आर्ट समिट की शुरुआत शनिवार को होनी थी। जवाहर कला केन्द्र परिसर में स्थित शिल्पग्राम में होने वाली इस समिट में एक नीले कलर के बैलून के सहारे मरी हुई गाय का स्कल्पचर हवा में लटकाया गया था। स्कल्पचर बनाने वाले जयपुर के ही कलाकार सिद्धार्थ करारवाल का तर्क था कि ब्लू कलर का बैलून पॉलीथिन का संकेत है। पॉलीथिन खाने से रोज कई गाय्ों मर रही हैं। इसे दर्शाने के लिए ही यह स्कल्पचर बनाया गया है। वहीं अन्य सभी का मानना है कि विवाद खड़े करना सिद्धार्थ का शगल है। पहले भी वह अपने विजिटिंग कार्ड पर भारतीय मुद्रा को विरुपित कर ऐसा कर बैठा है।

पुलिस को ऐसे मिली सूचना

बजाज नगर पुलिस की सब इंस्पेक्टर सरोज वर्मा ने बताया कि कंट्रोल रूम में किसी ने फोन करके सूचना दी थी कि यहां हवा में मरी हुई गाय का स्कल्पचर लटका कर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाई जा रही है।

अभिनेता आफताब शिवदासानी ने भी बताया गलत

आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में आए बॉलीवुड अभिनेता आफताब शिवदासानी ने भी इस स्कल्पचर को गलत बताया। उन्होंने कहा कि कला की सीमा नहीं होती है। मगर समाज में एक सीमा है। यहां कला को एक्सप्रेस करिए, लेकिन ऐसा न हो कि किसी को आपकी कला से ठेस पहुंचे। गाय का मसला है तो जहां तक लगता है कि ऐसा नहीं करना चाहिए था।