पाप बढ़ने पर जन्म लेते हैं भगवान

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भागवत कथा में कृष्ण जन्म के प्रसंग का वर्णन
न्यूज चक्र @ कोटा

काष्र्णि विकास सेवा समिति की ओर से विश्वकर्मा नगर स्थित चौथमाता मंदिर के पास आयोजित हो रही भागवत कथा में शुक्रवार को कृष्ण जन्म के प्रसंग का वर्णन किया गया। कथावाचक काष्र्णि बालयोगी महाराज ने कहा कि धरती पर जब भी पापाचार और अनाचार का बोलबाला हो जाता है, तब भगवान स्वयं जन्म लेते हैं। भगवान भक्तों पर कृपा करते हैं और दुष्टों का संहार करते हैं।
भगवान कृष्ण के जन्म के प्रसंग पर भक्त झूमने लगे। पूरा पांडाल ”बृज में आनंद भयो, जय हो नन्दलाल की… से गूंजने लगा। श्रद्घालु एक दूसरे को बधाइयां देने लगे। साथ ही पालने में सजाए गए बाल कृष्ण की एक झलक पाने के लिए महिला- पुरुष श्रद्धालु झूम-झूमकर नाच उठे। कथावाचक बालयोगी महाराज ने भी कृष्ण जन्म की खुशियों को बढ़ाते हुए टॉफियां, कपड़े, खिलौने, सिक्के, सोने-चांदी के सिक्के और फल लुटाए।
उन्होंने पूतना वध का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान ने दूध में मिलावट करने वालों को भी सामाजिक संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का सामाजिक तिरस्कार होना चाहिए, जो नन्हें बच्चों के दूध में भी मिलावट कर देते हैं। पूतना भी ऐसे ही लोगों की प्रतीक थी, जिसने विषैले दूध से भगवान कृष्ण का नाश करना चाहा। मगर वह स्वयं ही भगवान के कोप का शिकार हो गई।
àइस अवसर पर ”सुनो री आज नवल बधायो है…, ”नन्द घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की…, ”नन्द बाबा रे आनंद छायो…, ”कौन कहता है भगवान आते नहीं, तुम भक्त मीरां के जैसे बुलाते नहीं…, ”अच्युतं केशवम् कृष्ण दामोदरम्…, ”आना सुंदर श्याम, हमारे घर कीर्तन में… जैसे मधुर भजनों पर भक्त झूमकर नाचते रहे। समिति के प्रवक्ता लीलाधर मेहता ने बताया कि भागवत कथा का विसर्जन शनिवार को पूर्णाहुति आरती के साथ किया जाएगा। विश्रान्ति आरती में कथा संयोजक तथा समिति के अध्यक्ष श्योजीलाल मीणा उपस्थित थे।