मोदी की तारीफ के बाद ही राज्य सरकार ने पहचाना इमरान का टेलेंट

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अलवर पहुंच कर किया सम्मानित, प्रोजेक्ट ऑफिसर का भी दिया प्रस्ताव

न्यूज चक्र @ जयपुर

52 एजुकेशन एप बनाकर स्टूडेंट्स के लिए समर्पित कर चुके अलवर निवासी इमरान को देशभर की बात अलग अपने राज्य में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ के बाद पहचान मिली। मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने भी उन्हें सम्मानित किया। संस्कृत शिक्षा से जुड़े इमरान ने अपने साथियों की मदद से यह कमाल किया है।

इमरान के बनाए ये एप स्कूली विद्यार्थियों के साथ कॉम्पिटिशन की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी हैं। अलवर के जिला कलक्टर ने मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी के समक्ष इमरान का नाम रखा था। इसके बाद एक कार्यक्रम में स्मृति इरानी ने प्रधानमंत्री मोदी को उसकी खूबी से परिचित कराया। मोदी इमरान के टेलेंट और समर्पण से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उसका जिक्र लंदन में करीब साठ हजार भारतीयों को संबोधित करते हुए किया। वहां इस पर इमरान ने भरपूर तालियां बटोरीं।
इसी का परिणाम रहा कि मंगलवार को राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ अलवर पहुंचे। वहां शिक्षा संकुल में इमरान खान को सराफ सहित अधिकारियों ने भी माला पहना कर सम्मानित किया। साथ ही उसके कार्य को भरपूर सराहा। साथ ही सराफ ने उन्हें इस काम को आगे बढ़ाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में प्रोजेक्ट ऑफिसर पद पर नियुक्ति देने का प्रस्ताव भी दे दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पीके गोयल और विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी विभाग की निदेशक निवेदिता मेहरू ने इसकी घोषणा की। साथ ही उनसे अपने काम को आगे बढ़ाने को कहा है। मगर इमरान फिलहाल नई जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं हैं। अपनी टीम से चर्चा करने के बाद ही वह इसका निर्णय करेंगे। मगर उन्होंने काम को आगे बढ़ाते हुए हिदी भाषी विद्यार्थियों के लिए मोबइल एप बनाने की इच्छा जाहिर की है।
गांव में नहीं थी बिजली, लालटेन की रोशनी में की पढ़ाई

मोहम्मद इमरान का जन्म अलवर जिले के खारडा गांव में हुआ था। गांव मंे बिजली नहीं थी। मगर इससे इमरान के जज्बे पर फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने लालटेन की रोशनी में ही पढ़ाई की और शिक्षक बन गए। राजकीय संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर काम करते हुए उन्होंने पहले वर्ष 2०11 में स्कूल की वेबसाइट बनाई। इसी के बाद से उन पर एजुकेशन एप बनाने का जैसे जुनून सवार हो गया। तत्कालीन अलवर जिला कलेक्टर आशुतोष एटी पेंडणेकर की प्रेरणा से जिले में शिक्षा में नवाचार के लिए शुरू किए गए एकता प्रोजेक्ट से जुड़ने के बाद इमरान ने ये मोबाइल एप्स बनाने शुरू किए। ब्रिटेन के वेम्बले स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्बारा तारीफ किए जाने से इमरान व उसके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनका कहना है कि इससे पहले उन्हें जिले तक में कोई नहीं जानता था। प्रशासनिक स्तर पर भी उनकी कोई पहचान नहीं थी। लेकिन मोदी की तारीफ के बाद से तो उनके घर लोगों का तांता लग गया है।