कोटा में भीषण आग से पूरी बस्ती खाक

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4फायर ब्रिगेड की खामियों की वजह से अधिक हुआ नुकसान

दीपावली के एक दिन पहले हुए हादसे ने 56 परिवारों को दिया भारी सदमा

न्यूज चक्र @ कोटा

साजीदेहड़ा स्थित आदर्श नगर बंजारा कॉलोनी स्थित मराठा बस्ती में मंगलवार सुबह लगी भीषण आग में पूरी बस्ती जलकर राख हो गई। पांच घंटे तक धधकती रही इस आग में इन परिवारांे की जिंदगीभर की जमा-पूंजी नष्ट हो गई। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। मगर बस्ती के लोगों को बचा हुआ जीवन मौत से भी बदतर लग रहा था। सभी 56 टापरियों की सिर्फ राख बची है या फिर अवश्ोष। या फिर आंखों में आंसू, रोते-बिलखते हुए लोग। राख में भी इस आस में तलाश…. कि शायद कुछ बच गया हो। दीपावली के एक दिन पहले इस बस्ती पर कहर ढा गया। बच्चों के पटाखों से यह आग लगी बताई गई है। जिसने छोटे गैस सिलंेडरों के चपेट में आने के बाद भीषण रूप ले लिया। फायर ब्रिगेड की भारी लापरवाही रही।

फायर ब्रिगेड का हेल्प लाइन नंबर ही बंद

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे आग लगनी शुरू हुई थी। इस पर उन्होंने फायर ब्रिगेड के हेल्प लाइन नंबर 1०1 पर लगातार फोन किए, मगर वह बंद आया। करीब एक घंटे बाद जब पार्षद मोहम्मद हुसैन व अन्य व्यक्ति पहुंचे तो उन्होंंने फायर ऑफिसर राकेश व्यास को मोबाइल पर सूचना दी। तब जाकर दमकलें रवाना हुईं। पहले मौके पर दो दमकलें पहुंचीं। उस समय तक आग पूरी बस्ती को चपेट में ले चुकी थी। इस पर भी जब दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के लिए पाइप को आगे बढ़ाया तो नोजल ने काम ही नहीं किया। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद उसके चालू होने पर आग बुझाने का काम शुरू हो सका।

मोहल्लेवासियों की तत्परता से बची बच्चों की जान

यहां प्रशंसनीय बात यह रही कि आग लगने की जानकारी मिलते ही मोहल्लेवासी
मौके पर जमा हो गए। उस समय बस्ती के सारे बड़े स्त्री-पुरुष अपने काम-धंधों पर जा चुके थ्ो। बस्ती में सिर्फ बच्चे ही थ्ो। ऐसे में मोहल्लेवासियों ने जलती हुई प्रत्येक टापरी को अच्छी तरह चेक कर यह सुनिश्चित कर लिया कि कोई बच्चा तो अंदर नहीं रह गया। इसके बाद सभी लोग अपने-अपने स्तर पर आग पर काबू पाने की कोशिश में लग गए। 3पानी के पाइप खींच लाए और उनसे पानी फेंकना शुरू कर दिया। बच्चे भी अपनी कोशिश में लोटे भर-भरकर पानी डाल रहे थ्ो। युवाओं ने आग की लपटों के बीच जाकर जितना सामान हटा सकते थ्ो, हटाया। वे पूरे समय अग्निशमन कर्मियों की मदद करते रहे।

10 दमकलों से 5 घंटों में पाया जा सका काबू

लोगों ने इस दौरान समझदारी दिखाते हुए अपने घरों की लाइटें बंद कर दीं थी। साथ ही घरों से सिलेंडरों को भी निकालकर बाहर रख दिया। आग बुझाने में नगर निगम सहित थर्मल व डीसीएम की 1० से ज्यादा दमकलें जुटीं। इन्होंंने 25 से अधिक राउंड कर करीब 5 घंटे में आग पर काबू पाया। इस बस्ती में करीब तीस साल से मराठी लोग बसे हुए हैं। इनके पुरुष कबाड़ी का और महिलाएं पन्नियां आदि बीनने का काम करती हैं। ये सुबह 6 बजे काम पर निकल गए जाते हैं। पीछे से घरों पर केवल बच्चे ही रहते हैं।

थानाधिकारी को सुनाई खरी-खरी

दोपहर करीब एक बजे पार्षद मोहम्मद हुसैन बस्ती में प्रवेश करने लगे तो वहां मौजूद किशोरपुरा थानाधिकारी सवाईðसह रत्नू ने उन्हें अंदर जाने से रोका। इस पर दोनों में तकरार होने लगी। यह नजारा देख बस्ती के पीड़ित लोग भी सीआई से उलझ पड़े। उन्होंने कहा कि पार्षद को हमने बुलाया है। एसडीएम ने मामला शांत कराया। मगर इसके बाद सीआई बस्ती से रवाना हो गए।

जनता के सहयोग से पीड़ित परिवारों को वापस मिलेगा बसेरा: हुसैन

सामाजिक संस्थाओं से की एक-एक परिवार को गोद लेने की अपील

पार्षद मोहम्मद हुसैन ने लोगों से पीड़ित परिवारों को वापस बसाने के लिए मदद की अपील की है। उन्होंंने कहा कि यदि संस्थाएं एक-एक परिवार को भी गोद ले ले तो सर्दी शुरू होने से पहले ही इन्हें बसेरा मिल सकता है। उन्होंने पन्द्रह परिवारों के हुए अधिक नुकसान का ब्योरा भी दिया है।