जयपुर के एक मकान में घुसा पैंथर, हर तरफ मचा हड़कम्प

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panthor-a12_1446896599panthor-a7_1446896595चार घंटे से भी अधिक की मशक्कत के बाद आया काबू में

शोर कर रहे लोगों की भीड़ के पीछे भागा तो उड़े उनके होश

न्यूज चक्र @ जयपुर/ सेन्ट्रल डेस्क

जान बचाने के लिए बदहवास दौड़ती भीड़ और पीछे भागता पैंथर। आपको यकीनन लगेगा कि यह नजारा तो किसी जंगली क्ष्ोत्र या गांव का होगा। मगर आप गलत हैं। यह वाकया पेश आया है राजस्थान की राजधानी जयपुर की एक कॉलोनी में। गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई। वन विभाग व पुलिस की टीम चार घंटे से भी अधिक समय की कड़ी मशक्कत के बाद उसे ट्रंकुलाइज करके काबू पाने में सफल रही। इसके बाद उसे जू ले जाया गया।
मामला है बजाज नगर इलाके की मिलाप नगर कॉलोनी का। यहां के मकान नंबर 89 में रहने वाले छात्र कमलेश मीणा ने शनिवार सुबह करीब पांच बजे गैलरी में पैंथर को सोता हुआ पाया। इससे उसके होश उड़ गए। उसने वन विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी संजय पालीवाल को यह जानकारी दी तो उन्होंने पुलिस और वन विभाग को सूचना दे दी। दोनों विभागों की टीम मौके पर पहुंच गई। इस बीच वहां एकत्र हो चुके लोगों के शोर-शराबे से जागकर पैंथर पास में ही बंद पड़े मकान नंबर 87 में घुस गया। यहां झाड़ियां उगी हुई हैं। यहां से वह लोगों की भीड़ को चीरता हुआ दूसरे मकान में घुस गया। इससे लोग दहशत में आ गए। इस घर में मौजूद लोग भी घबरा गए। पैंथर मकान नंबर 109 के पीछे एक पतले गलियारे से होते हुए एक कमरे में जा घुसा। वन विभाग की टीम और पुलिस ने लगातार 4 घंटे की कड़ी मशक्कत से पैंथर को ट्रंकुलाइज किया और उसे जाल में बांधकर टवेरा गाड़ी से जयपुर जू ले गए। वन विभाग के अनुसार पैंथर चार साल का मेल है।

ट्रंकुलाइजिग टीम हुई लेट

ट्रंकुलाइजिग टीम सूचना मिलने के करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। तभी तक वहां लोगों के हुजूम का आलम यह था कि थोड़े से पुलिसकर्मियों के लिए उसे संभालना भारी पड़ रहा था। मकान नंबर 88 की झाड़ियों से निकलकर जब पैंथर खाली प्लॉट नंबर 87 में पहुंचा तो ऐसा लगा कि वह अब ट्रंकुलाइज हो जाएगा। मगर लोगों के शोर ने उसे भागने पर मजबूर कर दिया। फिर तो उसे ट्रंकुलाइज करना टेढ़ी खीर हो गई। चार घंटे के बाद टीम को इसमें सफलता मिली।

लोगों पर मारा झपट्टा

इससे पहले जब वह एक मकान से निकल कर दूसरे मकान में गया तो वहां भी लोगों की भीड़ देखकर वह दीवार फांदकर बाहर आ गया। इससे बाहर खड़े लोगों में अफरातफरी मच गई। कुछ लोग सामने के एक मकान की ओर भागे। इस पर पैंथर भी उनके पीछे भागने लगा। आगे-आगे लोग और पीछे-पीछे पैंथर। इससे लोगों के होश उड़ गए। महिलाएं और बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। इसके बाद पैंथर भागते हुए एक मकान के पास फूलों की झाड़ियों में जाकर बैठ गया। वहां फिर लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू किया तो वह समीप के मकान से होता हुआ मकान नंबर 110 के पीछे 109 के एक खाली कमरे में जा घुसा। इसी के बाद इसे किसी प्रकार ट्रंकुलाइज कर जाल में पकड़ा जाना संभव हो पाया।

दहशत से लोगों ने बंद कर लिए खिड़की और दरवाजे

क्ष्ोत्र के लोगों ने पैंथर के घुस आने के डर से अपने घरों के खिड़की और दरवाजे बंद कर लिए थ्ो। उल्लेखनीय है कि इस कॉलोनी के पास जवाहर लाल नेहरू मार्ग से सटा झालाना अभयारण्य है। यह बड़ा वन क्षेत्र है। यहां सालों से पैंथर सहित अन्य वन्यजीवों का मूवमेंट है। यहीं से इस पैंथर के कॉलोनी में आने की संभावना मानी गई है।