दशहरा मेले में देर रात पुलिस व लोगों के बीच हुआ लाठी-भाटा जंग

0
508

kota 1

खड़े होकर झूम रहे श्रोताओं को पुलिस ने नियंत्रित करने का प्रयास किया

तो करने लगे हाथापाई 

कव्वाली कार्यक्रम के दौरान बिगड़ा माहौल
न्यूज चक्र @ कोटा

राष्ट्रीय दशहरा मेले में गुरुवार रात आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में श्रोताओं को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस पर भीड़ ने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। लाठी-भाटा जंग से इस विशाल मेले के हर ब्लॉक में भारी भगदड़ मच गई। इस घटनाक्रम में 12 पुलिसकर्मियों सहित 7-8 अन्य लोग भी घायल हुए। यहां खास बात यह रही कि कव्वाली के दौरान हंगामा करने वाले तो पुलिस के हाथ नहीं लगे, मगर मेला घूमने आए बेकसूर लोगों के अलावा दुकानदार भी पुलिस के गुस्से का शिकार हो गए। आज दोपहर बारह बजे बाद एमबीएस अस्पताल में राजस्थान पुलिस के 1 एएसआई सहित आरएसी बटालियन दिल्ली के 12 जवानों की मरहम-पट्टी की गई। वहीं बाकी घायल लोगों ने रात को ही एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करवा लिया था।
इस कव्वाली कार्यक्रम में भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता आमीन पठान मुख्य अतिथि थ्ो। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान मंच के सामने दर्शक दीर्घा में बैठे कुछ लोग नाच और झूम रहे थे। इसी के साथ आगे वीआईपी गेट से भारी संख्या में लोग देर तक लगातार आ जा रहे थे। कई लोग तो मंच पर भी पहुंच जाते थ्ो। पुलिस उन्हें समझाकर बैठा रही थी। यह कार्यक्रम जब समा’ होने वाला था, तभी रात 12 बजे करीब झूम और नाच रहे श्रोताओं को नियंत्रित करने की मशक्कत में पुलिस और दर्शकों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

बचने के लिए इधर-उधर घुसते दिख्ो लोग

इस लाठी-भाटा जंग से कुछ ही देर में पूरे मेले में भगदड़ हो गई। लाठीचार्ज की चपेट में अधिकतर वे लोग आए, जिनका इस हुड़दंग से कोई लेना-देना नहीं था। इनमें दुकानदार भी शामिल थे। झूला मार्केट में भगदड़ मची तो झूले में बैठे लोग भी घबराकर चीख-पुकार करने लगे। ऐसे में झूला मार्केट के अध्यक्ष इमरान कुरैशी ने झूलों को बंद करवा दिया। लोगों को नीचे उतारकर आशापुरा माताजी मंदिर के रास्ते से बाहर निकाला। देर रात आईजी विशाल बंसल, एसपी सवाई सिह गोदारा, एडीएम सिटी सुनीता डागा मौके पर पहुंच्ो।

पुलिस और मेला समिति के बीच शुरुआत से ही चल रहा था विवाद

मेला शुरू होने के साथ ही पुलिस और मेला समिति के बीच विवाद शुरू हो गया था। पुलिस द्बारा दुकानदारों के साथ बेवजह मारपीट के कई छोटे-बड़े मामले सामने आ चुके हैं। उसके बाद भी उच्चाधिकारियों ने मेले की पुलिस व्यवस्था में बदलाव नहीं किया। इसी का नतीजा लाठीचार्ज व भगदड़ के रूप में सामने आया।

फायर ब्रिगेड व कारों के शीशे भी फूटे

लोगों के पथराव में रंगमंच पर खड़ी फायर बिग्रेड व कलाकारों को लाने-ले जाने के लिए अनुबंधित कारों के शीशे भी फूट गए। मंच पर लगे माइक, कम्प्यूटर आदि टूट-फूट गए।

महिलाओं और बच्चों में दिखा अधिक खौफ, हर कोई सहमा

लाठीचार्ज और पथराव के दौरान हर कोई खौफ के कारण सहमा हुआ नजर आया। परिवार के साथ आए लोग किसी तरह महिलाओं और बच्चों को बचाकर रंगमंच से दूर ले गए। हर एक को घर पहुंचने की जल्दी होने से मेला क्षेत्र के आसपास देर तक भारी जाम लगा रहा। दशहरा मेले में इससे पहले भी दो बार लाठीचार्ज होने के मामले सामने आए हैं। इनमें करीब 25 साल पहले कलाकार चैताली तथा 15 साल पहले गायक सोनू निगम के कार्यक्रम में पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। उस समय भी भारी भगदड़ मची थी। मेले के इस घटनाक्रम की सूचना थोड़ी ही देर में पूरे शहर में फैल गई थी। इससे
जिन लोगों के परिजन व परिचित मेले में गए हुए थे, वे लोग चिंतित हो उठे। ख्ौर-खबर लेने के लिए उन्हें कॉल करने लगे।

आईजी के निर्देश के बाद आज मेला ग्राउंड से हटाए जाने लगे पत्थर

हालात सामान्य होने के बाद देर रात आईजी विशाल बंसल ने मेला परिसर में बने अस्थाई मेला थाने में ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने मेला ग्राउंड में बिखरे पड़े पत्थरों को सुबह मेला शुरू होने से पहले फिंकवाने तथा लगी हुई बल्लियों की जगह गड़वाने के निर्देश दिए। पाइप नहीं लगवा पाने की स्थिति में जगह को ऐसे ही छोड़ देने को कहा।

परिजनों से बिछड़ कर देर तक बिलखते रहे बच्चे

भगदड़ के दौरान तीन बच्चे अपने माता-पिता से बिछुड़ गए। भारी भीड़ और भगदड़ से बुरी तरह घबराए इन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। इन्हें लोगों ने अस्थायी पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंचाया। यहां रात करीब डेढ़ बजे बाद उनके परिजन पहुंचे। तब जाकर इन्हें चैन मिला।

सामान्य ढंग से चलेगा मेला, घटना के कारणों की हो रही है जांच

कोटा रेंज आईजी विशाल बंसल ने मेले के इस घटनाक्रम के बारे में कहा कि कव्वाली के दौरान आगे की ओर बैठे श्रोताओं के एक गुट के लोग कव्वालियों पर खड़े होकर झूम रहे थ्ो। वहीं पीछे बैठे लोग लगातार इस पर आपत्ति करते हुए शोर मचे रहे थे। पुलिस ने इन झूम रहे लोगों को ही बैठाने का प्रयास किया तो इन्होंने पुलिस से हाथापाई शुरू कर दी। घटना के कारणों की सच्चाई जानने के लिए पुलिस वीडियो फुटेज देख रही है। इसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। मेला आगे भी सामान्य तौर पर चले इसकी व्यवस्था की जा रही है।

कव्वाली में ही क्यों हुआ हंगामा: हुसैन

हुडदंगी तो भीड़ के बीच से बचकर भाग गए, पुलिस ने निर्दोष लोगों और दुकानदारों को बनाया निशाना

दशहरा मेले में कव्वाली कार्यक्रम के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज व उसके बाद हुई पत्थरबाजी की घटना पर सामाजिक कार्यकताã एवं पार्षद मोहम्मद हुसैन ने सवाल उठाया है। उन्होंने निगम से पूछा है कि कव्वाली कार्यक्रम में ही हंगामा क्यों हुआ। हुसैन ने इस पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज सार्वजानिक करने की भी मांग की है। जिससे जनता के सामने सच्चाई आ सके। हुसैन के अनुसार कव्वाली के दौरान दर्शक दीर्घा में कुछ युवक नाच रहे थे। ऐसा हर कार्यक्रम में होता है। इस में लाठीचार्ज करने जैसी कोई बात नहीं थी। यदि कोई कानून व्यवस्था बिगाड़ रहा था तो उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता था। मगर वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना किसी बड़े अधिकारी के आदेश के लाठीचार्ज कर दिया। यह जांच का विषय है। इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है। हुसैन ने कहा कि यदि पुलिस से भीड़ संभल नहीं रही थी तो कार्यक्रम बंद करा कर लोगों को रवाना भी किया जा सकता था। मगर पुलिस ने घटना के बाद मेला घूमने आए बेकसूर लोगों और दुकानदारों को ही पकड़ कर घटना की निष्पक्ष जांच करवा दोषी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने सहित आगामी मेले में पुलिस की बजाय किसी निजी सुरक्षा एजेंसी को सुरक्षा व्यवस्था सौंपने की मांग भी करेंगे।

फोटो कैप्शन-
दशहरा मेले में कव्वाली कार्यक्रम के दौरान बिगड़ता माहौल, एमबीएस अस्पताल में उपचार करवाते व भर्ती आरएसी के जवान और हंगामे के बाद सुबह तक मेला स्थल का नजारा।