कोटा में कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल संचालकों के लिए गाइड लाइन जारी

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दबाव रहित शैक्षिक माहौल, आवास व भोजन के हों बेहतर इंतजाम

इधर, उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा-राज्यभर के कोचिंग संस्थानों के लिए बनेगी पॉलिसी

न्यूज चक्र @ कोटा

जिला कलक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कोटा को आदर्श शिक्षा नगरी बनाने की दिशा में पहल करते हुए विद्यार्थियों को दबाव रहित शैक्षणिक माहौल, बेहतर आवास और भोजन सुविधाएं देने के लिए कोचिंग संस्थान तथा हॉस्टल संचालकों के लिए गाइड लाइन जारी की है। इन दिशा-निर्देशों की पालना के लिए उन्हें तीन सप्ताह का समय दिया गया है। इस बीच कोटा प्रवास पर आए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि राज्यभर के कोचिंग संस्थानों के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
प्रशासन ने विद्यार्थियों पर बढते दवाब एवं आत्महत्या की घटनाओं के कारणों की पड़ताल करने और उनकी रोकथाम के उपाय करने के मकसद से 18 अक्टूबर को कार्यशाला आयोजित की थी। इसमें विभिन्न वर्गों ने अपने विचार रख्ो। इनके आधार पर ही विद्यार्थी हित में प्रभावी कदम उठाने के प्रयास शुरू हुए। इनके आधार पर ही जिला कलक्टर ने कोचिंग एवं हॉस्टल संचालकों के लिए ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि दिसम्बर में कोचिंग संस्थान एवं हॉस्टल संचालकों के साथ बैठक का आयोजन कर उनके इंतजामों की समीक्षा की जाएगी।

कोचिंग संस्थानों के लिए यह है गाइड लाइन

-कोचिंग संस्थानों को अपने शिक्षण परिसरों में व्यावसायिक कॅरियर काउंसलर, मनोविज्ञ/ मनोचिकित्सक की सेवाएं सुनिश्चित करनी होंगी। परामर्श सेवाओं में वांछित गुणवत्ता हो । हर वो बच्चा जिसे परामर्श की जरूरत हो, उसे पूरे मनोयोग के साथ हर स्तर पर व्यापक परामर्श मिले।
-प्रवेश से पहले और कोर्स के बीच में समय-समय पर आवश्यक तौर पर सभी प्रवेशार्थियों को उनके अभिभावकों के साथ परामर्श दिया जाए। इस परामर्श में विद्यार्थी के स्तर और उसके लक्ष्य को केन्द्रित करते हुए वास्तविक आंकलन किया जाए। अन्य कॅरियर विकल्पों की भी जानकारी दी जाए। जिससे खुद को प्रवेशित पाठ्यक्रम के अनुसार योग्य नहीं पाने पर विद्यार्थी अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सके।
-कोचिंग संस्थान सभी बच्चों को प्रवेश देने की बजाय स्क्रीनिग टेस्ट लेने की अनिवार्यता करे। उसके परिणाम स्पष्ट बताए जाएं। इसके अलावा सभी ऐसे संस्थानों में निश्चित अवधि में बैचों का पुनर्मूल्यांकन भी करना होगा। ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि एक बैच में एक जैसे स्तर के विद्यार्थी हों, ताकि किसी में हीनता की भावना ना आने पाए।
-बैचों का आकार छोटा हो ताकि शिक्षक के साथ सीधा सम्पर्क रहे और विद्यार्थी एकाग्र होकर सीख सके।
-रविवार को अनिवार्यतया साप्ताहिक अवकाश रखा जाए। इसमें एक्स्ट्रा क्लास या टेस्ट जैसी एक्टिविटी नहीं हो। यह व्यवस्था तुरंत लागू की जाए।
-आध्यात्मिक क्षेत्र में कार्यरत प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से ध्यान शिविर, सेमिनार, वर्कशॉप जैसे आयोजन नियमित तौर पर हों। ऐसी संस्थाएं भी इस तरह के निशुल्क आयोजनों के लिए आगे आएं। विद्यार्थियों के आयुवर्ग के हिसाब से मनोरंजनात्मक एवं मोटिवेशनल गतिविधियों का भी समावेश किया जाए। जिला प्रशासन ऐसी रचनात्मक पहल में हमेशा सहयोग के लिए तत्पर है।
-जिन संस्थानों से हॉस्टल भी सम्बद्ध हैं, वे नियमित तौर पर इन हॉस्टलों का निरीक्षण कर भोजन व रिहायश व्यवस्था की जांच करें। विभिन्न प्रांतों के बच्चों को अपने क्षेत्र का भोजन समय-समय पर मिले, ऐसे प्रयास भी हों।
-प्रवेश के साथ ही एक मुश्त फीस लेने की बजाय किश्तांे में फीस लेने और कोर्स छोड़ कर जाने की स्थिति में फीस वापसी या आवश्यक कटौती के साथ राशि लौटाने जैसी व्यवस्था विद्यार्थी हित में सुनिश्चित की जाए। जिससे यह मुद्दा विद्यार्थियों और अभिभावकों के मानसिक दवाब और परेशानी का कारण न बने।
-अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों पर निगरानी रखी जाए। उन पर विशेष ध्यान देते हुए उनकी मानसिक स्थिति का अध्ययन कर उन पर पूरा ध्यान दिया जाए।

हॉस्टल संचालक ”अतिथि देवो भव:’’ की भावना से कार्य करें

जिला कलक्टर ने हॉस्टल संचालकों को प्रेषित पत्र में अपील की है कि मानवीय सरोकारों ’सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:’ एवं ’अतिथि देवो भव:’ की भावनाओं से ओतप्रोत हो कर कोटा को आदर्श शिक्षा नगरी का रूप दिया जाए।
कुछ समय से यहां विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों में मानसिक अवसाद में आत्महत्या करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसी प्रवृत्तियों के पीछे अध्ययन का दबाव व अत्यधिक तनाव सहित कुछ हॉस्टल में अनुकूल सुविधाएं नहीं होना, भोजन उचित दरों पर व गुणवत्ता पूर्ण नहीं मिलना भी कारण होते हैं। विद्यार्थियों को व्यवस्थित अध्ययन एवं सुगम रहवास की सुविधा देने में होस्टल संचालकों की अहम भूमिका है ।
यहां उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न भागों से विद्यार्थी कोटा में आकर अपने परिवार से दूर रहते हैं। इनके अध्ययन में अपना पूरा सहयोग करना वांछनीय है। मुख्य रूप से गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं साफ व स्वच्छ रहवास उचित दरों पर उपलब्ध करवाना मुख्य दायित्व है। जिला कलक्टर ने हॉस्टल संचालकों द्बारा रहवास की एवज में लिए जा रहे शुल्क के संबंध में यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि सीमित समय के लिए ही अग्रिम फीस ली जाए। रिफंड करते समय कटौती अत्यन्त सांकेतिक हो, जिससे विद्यार्थी व अभिभावकों का जिले के प्रति विश्वास रहेगा। इन परिस्थितियों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने हॉस्टल संचालकों से अपेक्षा कि है कि कोटा शहर के शिक्षा जगत में बने स्थान को बनाए रखने के लिए विद्यार्थियों को अच्छा भोजन एवं रहने की आदर्श परिस्थितियां, अन्य सुविधाएं उचित दरों पर उपलब्ध कराएं। जिससे कोटा का नाम देश में ‘आदर्श शिक्षा नगरी’ के रूप में स्थापित हो सके तथा ”अतिथि देवो भव:’’ के गुणों का आदर्श उदाहरण हम प्रस्तुत कर सकें।

हर पहलू का अध्ययन कर बनाएंगे प्रदेश के लिए नियम

न्यूज चक्र @  कोटा

राज्य में कोचिंग संस्थानों के लिए गाइड लाइन तैयार करने के लिए हर पहलू का अध्ययन किया जाएगा। इसमें कोटा के कोचिंग पैटर्न के अलावा अन्य राज्यों में कोचिग संस्थानों के लिए बने हुए नियमों का अध्ययन भी किया जाएगा। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने गुरुवार को कोटा यात्रा के दौरान यह जानकारी दी।
सराफ ने कहा कि सरकार ऐसे नियम बनान चाहती है जिन्हें बार-बार बदलना न पड़े न ही उनका विरोध हो। विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव तो होता है, इसलिए कोचिंग संस्थानों में तनाव मुक्त शिक्षा दी जानी चाहिए।
यह अलग बात है कि उनमें तनाव के कारण पढ़ाई के अलावा अन्य भी हो सकते हैं। इसीलिए इस संबंध में गाइड लाइन बनाते समय मनोवैज्ञानिकों से भी चर्चा की जाएगी। प्रमुख शासन सचिव को इस संबंध मं निर्देश दे दिए गए हैं। कोटा कलक्टर से भी रिपोर्ट मांगी गई है। सराफ ने यह नहीं बताया कि गाइड लाइन कब तक तैयार हो जाएगी।
अब विद्यार्थियों के लिए भी होगी बायोमेट्रिक्स मशीन
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में स्टाफ की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक्स मशीन लगाई गई है। इसी प्रकार अब विद्यार्थियों की उपस्थिति भी इससे दर्ज करने की व्यवस्था की जाएगी।
जयपुर में खुलेगी स्किल यूनिवर्सिटी
सराफ ने बताया कि राज्य सरकार ने जयपुर में स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का निर्णय ले लिया है। यह यूनिवर्सिटी पीपीपी मोड पर होगी। 2016-17 में नए कॉलेज शुरू करने के लिए भी तारीख्ों तय कर ली गई हैं। इनके लिए 31 अक्टूबर तक आवेदन लिए जाकर 31 मार्च तक इनका निस्तारण कर दिया जाएगा।

मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

कोटा में कोचिग स्टूडेंट्स के सुसाइड के बढ़ते मामलों पर राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष एचआर कुड़ी ने जिला कलक्टर व एसपी को नोटिस जारी किया है। इसमें हाल में ही हुई आत्महत्याओं के बारे में तथ्यात्मक जानकारी व कारण बताने को कहा है।

महिला आयोग भी देगा नोटिस

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने भी अपने कोटा प्रवास के दौरान यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृति को चिंताजनक बताया। साथ ही कहा कि आयोग इस संबंध म्ों प्रसंज्ञान लेकर कोचिग संचालकों को नोटिस जारी करेगा। विद्यार्थियों में तनाव कम करने के लिए प्रति माह माता-पिता, विद्यार्थियों और कोचिग शिक्षकों की काउंसलिग किए जाने की भी उन्होंने आवश्यकता बताई।