परिवार आयोग की तरह काम करेगा महिला आयोग : सुमन शर्मा

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महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष सुमन शर्मा की प्रेस वार्ता

न्यूज चक्र @ कोटा

राज्य में महिला आयोग, परिवार आयोग की तरह काम करेगा। इसमें केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष और बच्चे भी शामिल होंगे। जहां उत्पीड़न होगा, वहां आयोग खड़ा मिलेगा। महिला आयोग को परिवार बनाओ आयोग बनाना है, परिवार तोड़ो आयोग नहीं। महिला आयोग की प्रदेश अध्यक्ष सुमन शर्मा ने यह बात कही। वह अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन रोटरी बिनानी सभागार में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहीं थीं। उनका कहना था कि कानूनी पेचीदगियों में सामाजिक ताना-बाना नहीं बिगड़ना चाहिए। महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए आयोग जयपुर ऑफिस से नहीं बल्कि सड़कों पर काम करेगा।
सुमन शर्मा ने कहा कि आयोग में टूटते घर आते हैं। लेकिन उन्हें यहां टूटने से रोकने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कोटा में हो रही छाèत्राओं की आत्म हत्याओं पर कहा कि जब प्रवेश होता है तो छात्र नम्बर वन होता है, लेकिन बाद में वह पिछड़ने लगता है। छात्र-छात्राओं पर यह बोझ बढèने लगता है। आत्म हत्याओं को लेकर आयोग ने प्रसंज्ञान लिया है। जरूरत पड़ी तो नोटिस भी दिया जाएगा।
छोटी बच्चियों के साथ होने वाली ज्यादतियों की घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि इसे रोकना आयोग, सरकार और समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बस्तियों में बाल गृह खोले जाएंगे। जहां गरीब माता-पिता काम पर जाते समय छोटे बच्चों को छोड़कर जा सकंेगे।

महिला अधिकारों के संरक्षण के लिए सक्रिय रहें अधिकारी होकर कार्य करें

महिला आयोग अध्यक्ष ने ली प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की बैठक

कोटा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती सुमन शर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने जिले में महिला अधिकारों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों व जागृति के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की।
शर्मा ने कहा अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं के अधिकार हनन की जानकारी मिलते ही संवेदनशीलता से समय पर कार्यवाही करें। कार्यालयों में आने वाले फरियादी की समस्या ध्यानपूर्वक सुनकर समझाइश भी करें, ताकि उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सके। महिलाओं के आत्मसम्मान एवं अधिकारों के लिए बनाए गये कानूनों के सही प्रकार से क्रियान्वयन होने से समाज में अच्छा संदेश जाता है। इसके लिए समय-समय पर जागरुकता कार्यक्रम भी चलाएं। उन्होंने सभी थानों में महिला डेस्क की पालना करने एवं फरियादी के लिए निर्भीक वातावरण बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त विसंगतियों से बचने के लिए मुकदमे दर्ज कराने वालों की कांउसलिग भी की जाए, ताकि झूठ एवं द्बेषतापूर्वक किए जाने वाले मुकदमों से बचा जा सके। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के बाहर अनावश्यक रूप से जमा रहने वाले युवाओं के खिलाफ भी समय-समय पर अभियान चलाने की बात कही।
बैठक को जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर व एसपी शहर सवाईसिंह गोदारा ने भी संबोधित किया। गोदारा ने बताया कि प्रत्येक थानों में महिला डेस्क एवं काउंसलिंग सेन्टर संचालित है। महिलाओं तथा स्कूल व कॉलेज में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए हेल्प डेस्क नम्बर जारी किया हुआ है। इस पर वाट्सएप के द्बारा भी संदेश छोड़ा जा सकता है। इसके नम्बर 9468800005 हैं। इस अवसर पर एडीएम शहर सुनिता डागा, एएसपी दयाराम फैसल, उपनिदेशक महिला बाल विकास भावना राघव सहित महिला अधिकारों के लिए कार्यरत संस्थाओं की महिला प्रतिनिधि भी मौजूद थीं।