सायक्लोजी सेमिनार में स्टूडेंट्स के लिए शिक्षकों को दिया मार्गदर्शन

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छात्रों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृति पर मोशन एजुकेशन का सराहनीय प्रयास

न्यूज चक्र @ कोटा

मोशन एजुकेशन की ओर से शहर में अन्य जिलों व राज्यों से पढ़ने आने वाले छात्रों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृति से निजात दिलाने के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें लन्दन से आए सायक्लोजिस्ट स्टूअर्ट केस व शब्द मिश्रा ने मोशन संस्थान के शिक्षकों सहित सभी स्टाफ को छात्रों को सही मार्गदर्शन देने का तरीका समझाया। इसमें कहा गया कि शिक्षक छात्र के सम्पूर्ण जीवन के विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए उसकी दायित्व है कि वह बच्चों को सही दिशा दिखा पाए।
कोटा में बाहर से पढ़ने आए विद्यार्थीयों पर अच्छे अंक प्राप्त कर कॅरियर में सफलता रहने का बहुत दबाव रहता है। ऐसा ही दबाव शिक्षकों पर उनके विद्यार्थियों को अच्छे अंक लाने के लायक बनाने का भी होता है। यही दबाव कई बार शिक्षकों के द्बारा उनसे पढ़ रहे छात्रों पर भी आ जाता है। छात्र कई बार ऐसा व्यवहार करता है, जिससे यह साबित हो जाता है कि उसमें आत्महत्या की प्रवृति है। छात्र के इस व्यवहार को समय रहते पहचानना हर शिक्षक की जिम्मेदारी है। उसके शिक्षकों के अलावा मित्र भी अगर उसके इस प्रकार के व्यवहार को पहचान लें तो
उन्हें तुरन्त साइक्लोजिकल प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है। इस उपचार में शिक्षकों को चाहिए कि वे नियमित रूप से बातचीत कर उसका मनोबल बढ़ाते रहें। कोचिग संस्थानों के लिए सलाह दी कि वे छात्रों को अकेला कमरा लेकर नहीं रहने दें। इसके अलावा अगर कोई भी छात्र कोचिग से एक भी दिन गैरहाजिर रहे तो तुरन्त उसके परिजनों को सूचना दें। मोशन के स्टूडेन्ट अटेंडेन्स ट्रेकिग सिस्टम की भी सराहना की। इस सेमिनार एवं प्रशिक्षण के अंत में संस्थान के प्रबन्धक नितिन विजय भी मौजूद रहे।